NACS बिहार-झारखंड ने हर साल की तरह इस साल भी बिहार झारखंड से IAS मेन्स की परीक्षा पास करने वाले अभ्यर्थियों के लिए इंटरव्यू गाइडेंस प्रोग्राम यानी IGP शुरू करने की घोषणा की है. कोई भी अभ्यर्थी जो बिहार और झारखंड के रहने वाले है तथा नवंबर माह में प्रकाशित UPSC सिविल सेवा परीक्षा के मुख्य परीक्षा में क्वालीफाइ कर चुके है, वे इंटरव्यू की तैयारी हेतु एनएसीएस के वेबसाइट पर पंजीकरण करा सकते है. इस बार के IGP की खासियत यह है कि इस बार मॉक इंटरव्यू ऑफलाइन मोड में दिल्ली के साथ पटना में भी आयोजित किया जाएगा. साथ ही पिछले साल की तरह उन अभ्यर्थियों हेतु जो दिल्ली या पटना से बाहर रहते है यह IGP ऑनलाइन मोड में इस बार भी जारी रहेगा.
NACS के इस वेबसाइट लिंक में जाकर करें पंजीकरण
इसके मद्देनजर NACS ने सभी अभ्यर्थियों से आग्रह किया कि वे NACS के वेबसाइट www.nacsbiharjharkhand.org.in पर जाकर अपना रजिस्ट्रेशन करा लें ताकि एनएसीएस टीम के द्वारा उनका साक्षात्कार हेतु सतत मार्गदर्शन प्रदान किया जा सके व उनका मॉक इंटरव्यू का समय निर्धारित किया जा सके. अधिक जानकारी के लिए अभ्यर्थी NACS के ट्विटर हैंडल @NacsBihar_JH तथा हमारे फेसबुक पेज से जुड़े रहे ताकि IGP से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त हो सके.

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2014 में किया गया था NACS का गठन
उल्लेखनीय है कि NACS का गठन 2014 में श्री बी के प्रसाद, 1983 बैच आईएएस के द्वारा बिहार व झारखंड के रहने वाले सिविल सेवा के अन्य अधिकारियों के साथ मिलकर दिल्ली में किया गया था. इसका उद्देश्य न केवल अधिकारियों को उनके आपसी सहयोग व विमर्श हेतु एक मंच प्रदान करना है.
बल्कि अपने गृह राज्य के सर्वांगीण विकास हेतु सामूहिक प्रयास भी करना है. इसी उद्देश्य के तहत पिछले कई सालों से एनएसीएस के द्वारा सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों हेतु निःशुल्क प्रिलिम्स, मेंस एवं साक्षात्कार हेतु मार्गदर्शन कार्यक्रम आयोजित किये जाते है. पिछले साल भी NACS ने काफी वैज्ञानिक एवं व्यवस्थित तरीके से इंटरव्यू गाइडेंस प्रोग्राम यानी IGP का आयोजन किया था.

IGP प्रोग्राम की मुख्य विशेषता इस प्रकार है
- यह पूर्णतः निःशुल्क है एवं सिर्फ सिविल सेवा के अधिकारियों द्वारा आयोजित है.
- इसमें शामिल अधिकारी विभिन्न सेवाओं के तथा विभिन्न बैच के होते है. कुछ सेवानिवृत तो कुछ युवा अर्थात अनुभव एवं नया ट्रेंड दोनों का ही मिश्रण होता है.
- सभी रजिस्टर्ड अभ्यर्थियों का व्हाट्सएप्प ग्रुप बनाया जाता है. इस ग्रुप में सीनियर अधिकारी भी होते है जहां पर कोई भी अभ्यर्थी कभी भी कोई भी डाउट पूछ सकते है.
- ग्रुप का वातावरण फ्रेंडली तथा सकारात्मक होता है क्योंकि सभी अधिकारी सेवा भावना से स्वयं इसमें जुड़कर अपने राज्य के युवा अभ्यर्थियों को गाइड करना चाहते है.
- हॉबी, कैडर, वैकल्पिक विषय, राज्य, अंतरर्राष्ट्रीय मुद्दे, समसामयिक मुद्दे आदि जैसे प्रमुख विषयों पर एक्सपर्ट के द्वारा विशेष क्लासेस ली जाती है.
पिछले साल 30 से अधिक अभ्यर्थियों का हुआ था चयन
इन्ही विशेषताओं की वजह से पिछले साल NACS में पंजीकृत 58 अभ्यर्थियों में से 30 से भी ज्यादा अभ्यर्थियों का अंतिम रूप से चयन हुआ था. इस सफलता की वजह से इस बार NACS की टीम और भी ज्यादा उत्साहित है और इस बार दिल्ली के साथ पटना में भी ऑफलाइन मॉक की तैयारी की गई है ताकि अधिक से अधिक अभ्यर्थियों को मार्गदर्शन प्रदान किया जा सके. NACS के IGP की प्रमुख विशेषता यह भी है कि इस मुहिम से 1000 से भी ज्यादा अधिकारी जुड़ चुके है तथा सभी योगदान देने को तत्पर रहते है. इस बार करीब 100 से ज्यादा विभिन्न सेवाओं के अधिकारियों ने IGP में पैनलिस्ट के रूप में योगदान देने की पुष्टि की है. इससे NACS का पैनलिस्ट पूरे देश मे अनोखा हो जाता है.

इस बार के इंटरव्यू पैनल में इन अधिकारियों में निम्न सीनियर अधिकारी भी प्रमुखता से रहेंगे
- बी के प्रसाद IAS 1983 बैच, पूर्व अतिरिक्त सचिव गृह मंत्रालय भारत सरकार
- श्री अरुण कुमार, IPS 1985 बैच, पूर्व महानिदेशक रेलवे सुरक्षा बल
- श्रीमती अमिता प्रसाद, IAS, 1985 बैच, पूर्व अतिरिक्त मुख्य सचिव, कर्नाटक सरकार।
- श्री परवेज हयात, IPS 1984 बैच, पूर्व महानिदेशक, झारखंड पुलिस

IAS संतोष कुमार ने दी कई जानकारी
NACS के संयोजक तथा 2014 बैच के IAS संतोष कुमार का कहना था कि IGP से जुड़ी हुई तैयारी पूरी कर ली गयी है, रजिस्ट्रेशन आरंभ हो गया है तथा पूरी एनएसीएस टीम IGP शुरू करने के लिए तैयार है. श्री विजय कुमार IRTS एवं श्री गुंजन मिश्रा IPTAFS इस कार्यक्रम के समन्वयक है. उम्मीद है कि एनएसीएस के इस प्रयास से इस बार और अच्छे परिणाम आएंगे तथा बिहार एवं झारखंड से अधिक अभ्यर्थी सिविल सेवा में चयनित होंगे.
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