रामगढ़: झारखंड के रामगढ़ जिले के अरगड्डा क्षेत्र अंतर्गत CCL की गिद्दी ‘ए’ कोलियरी में भ्रष्टाचार के एक बड़े मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने कड़ा शिकंजा कसा है। कोयला डिस्पैच और बिक्री में अनियमितताओं को लेकर सीबीआई ने गहन जांच के बाद चार प्रमुख व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है। इन चारों पर करोड़ों रुपये के अवैध लेन-देन में संलिप्त रहने का आरोप है।

गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों में CCL के डिस्पैच सह सुरक्षा अधिकारी अयोध्या करमाली, कांटा बाबू प्रकाश महली, लिपिक (क्लर्क) रुपेश कुमार उर्फ मुकेश और डीओ होल्डर लिपटर विजय सिंह शामिल हैं। ये सभी कोलियरी के लोकल रोड सेल से संबंधित भ्रष्टाचार में लिप्त पाए गए हैं।
मार्च 2025 में हुई थी छापेमारी
सूत्रों के अनुसार, बीते 6 मार्च 2025 को सीबीआई की एक विशेष टीम ने गिद्दी ‘ए’ कोलियरी में छापेमारी की थी। इस दौरान सुरक्षा अधिकारी सहित दो कर्मचारियों और एक डीओ होल्डर के नाम पर एफआईआर दर्ज की गई थी। इसके बाद इन सभी के मोबाइल, लैपटॉप और महत्वपूर्ण दस्तावेजों की गहन जांच की गई। जांच के क्रम में करोड़ों रुपये के संदिग्ध ट्रांजैक्शन का भी खुलासा हुआ।
रांची ऑफिस में लगातार होती रही पूछताछ
सीबीआई ने इन चारों आरोपियों को बीते चार महीनों में कई बार रांची स्थित अपने कार्यालय में तलब कर पूछताछ की। पूछताछ के दौरान मिले डिजिटल और दस्तावेजी सबूतों से यह स्पष्ट हो गया कि कोयले के अवैध डिस्पैच और पैसों के गुप्त लेन-देन में ये सभी प्रत्यक्ष रूप से शामिल थे।

CCL अधिकारियों में मचा हड़कंप
सीबीआई की इस कार्रवाई के बाद अरगड्डा क्षेत्र सहित सीसीएल के अन्य कोल परियोजनाओं में भी हड़कंप मचा हुआ है। सूत्रों का कहना है कि गिरफ्तार आरोपियों में शामिल CCL के दो कर्मचारियों को निलंबित करने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। साथ ही, इस पूरे घोटाले में और भी कर्मचारियों की भूमिका की जांच की जा रही है।
जिला भर में चर्चा का विषय
गिद्दी ‘ए’ कोलियरी भ्रष्टाचार कांड अब सिर्फ एक विभागीय मामला नहीं रहा, बल्कि यह रामगढ़ जिले भर में चर्चा का विषय बन गया है। कोयला उद्योग की पारदर्शिता और ईमानदारी पर सवाल खड़े हो गए हैं, वहीं सीबीआई की सख्ती को लेकर आम जनता और कर्मचारियों में मिला-जुला प्रतिक्रिया देखने को मिल रहा है।
रिपोर्ट रविकांत रामगढ़ झारखंड से


















