सदर अस्पताल में चरमराई व्यवस्था, घंटों लाइन में लगना बना मजबूरी, आभा ऐप से ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन ने बढ़ायी मुसीबत

सदर अस्पताल में चरमराई व्यवस्था, घंटों लाइन में लगना बना मजबूरी, आभा ऐप से ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन ने बढ़ायी मुसीबत

गोपालगंज : जिले के सबसे बड़े अस्पताल में प्रशासनिक उदासीनता से स्वास्थ्य व्यवस्था चरमराई गई है। इलाज कराने आने वाले मरीजों को घंटों लंबी लाइन में खड़े रहना पड़ता है। ऑनलाइन नंबर लगाने की प्रक्रिया गरीब मरीजों के लिए परेशानी का सबब बना।

Goal 7 22Scope News

OPD में रोजाना आते हैं 1000 से 1200 मरीज, 3 डाटा आपरेटर्स के भरोसे है व्यवस्था

आपको बता दें कि अस्पताल में रोजाना 1000 से 1200 मरीज ओपीडी में इलाज कराने आते हैं। लेकिन इतने बड़े संख्या के बावजूद केवल दो से तीन डाटा एंट्री ऑपरेटर ही मरीजों का ऑनलाइन वेरिफिकेशन कर रहे हैं। इससे मरीजों की भीड़ बढ़ जाती है और अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी की स्थिति बन जाती है।

gh1 22Scope News

कम काउंटर से और बढ़ी परेशानी

ग्रामीण मरीजों का कहना है कि उनके पास न तो स्मार्टफोन है न ही इंटरनेट की सुविधा। ऐसे में आभा ऐप से नंबर बुक करना उनके लिए बेहद मुश्किल है। वहीं अस्पताल परिसर में वेरिफिकेशन काउंटरों की भारी कमी है।

पैरवी पुत्रों ने और बढ़ाई परेशानी

वहीं सबसे चिंताजनक बात यह है कि सदर अस्पताल में पदस्थापित कई डाटा ऑपरेटर राजनीतिक प्रभाव और परिचय के दम पर अपने मूल पदस्थापना स्थल को छोड़कर कलेक्ट्रेट और अन्य सरकारी दफ्तरों में संविदा के नाम पर काम कर रहे हैं। यह सिलसिला वर्षों से जारी है लेकिन विभागीय स्तर पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।

gh2 22Scope News

इलाज के लिए घंटों करना पड़ता है इंतजार

अस्पताल में डॉक्टरों की भी भारी कमी बनी हुई है। सीमित चिकित्सक और स्टाफ के कारण मरीजों की भीड़ संभालना मुश्किल हो जाता है। परिणामस्वरूप आम जनता को इलाज के लिए घंटों इंतजार करना पड़ता है। कई बार तो बिना इलाज के ही लौटना पड़ता है।

g56 22Scope News

नेताओं के बड़े- बड़े चुनावी वादों की निकली हवा

मरीजों और उनके परिजनों ने कहा कि चुनाव के वक्त नेता बड़े-बड़े वादे करते हैं। लेकिन स्वास्थ्य व्यवस्था सुधारने की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

सदर अस्पताल में इतनी लंबी लाइन क्यों लग रही है?

रोजाना 1000 से 1200 मरीज आते हैं, लेकिन सीमित डाटा ऑपरेटर और काउंटर होने से भीड़ बढ़ जाती है।

आभा ऐप से ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन गरीब मरीजों के लिए परेशानी क्यों बना?

ग्रामीण मरीजों के पास स्मार्टफोन और इंटरनेट की कमी है, जिससे ऑनलाइन बुकिंग उनके लिए मुश्किल बन गई है।

डेटा ऑपरेटरों की कमी से क्या असर पड़ रहा है?

कम ऑपरेटरों और पैरवी से काम प्रभावित हो रहा है, जिससे भीड़ और अव्यवस्था बढ़ गई है।

इलाज में इतनी देरी क्यों हो रही है?

डॉक्टरों और स्टाफ की कमी के कारण मरीजों को घंटों इंतजार करना पड़ता है।

प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की क्या भूमिका रही?

लंबे समय से अव्यवस्था पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है, जिससे जनता परेशान है।

वीडियों देखे :

जनता की पीड़ा से प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग उदासीन

इलाज करने आए मरीजों के माने तो जनता सिर्फ वोट देने और लाइन में धक्का खाने के लिए रह गई है। सुविधा किसी को नहीं मिल रही। जनता की यह पीड़ा जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की उदासीनता पर बड़ा सवाल खड़ा करती है।

ये भी पढ़े : बीजेपी चुनाव कार्य समिति की बैठक शुरू, धर्मेंद्र, तावड़े, केशव, दिलीप व सम्राट सहित कई नेता मौजूद

शैलेंद्र कुमार श्रीवास्तव की रिपोर्ट

Highlights

JCECEB Polytechnic Entrance Exam 2026: पॉलिटेक्निक प्रवेश परीक्षा के लिए सभी...

JCECEB Polytechnic Entrance Exam 2026: झारखंड संयुक्त प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा पर्षद (JCECEB) की ओर से आयोजित पॉलिटेक्निक एंट्रेंस कॉम्पिटिटिव एग्जामिनेशन-2026, 12 जुलाई को होगा।...

Ranchi Lohardaga MEMU Train Delay: रांची-लोहरदगा मेमू की लेटलतीफी से परेशान...

Ranchi Lohardaga MEMU Train Delay: रांची-लोहरदगा रेल रूट पर चलने वाली MEMU ट्रेन की लगातार देरी यात्रियों के लिए एक गंभीर समस्या बनती जा रही...

Mithilesh Kumar Singh First Death Anniversary: कामरेड मिथिलेश कुमार सिंह की...

Mithilesh Kumar Singh First Death Anniversary: शनिवार को रामगढ़ जिले के डांडी ब्लॉक में गिद्दी हॉस्पिटल चौक पर CPI (ML) और बिहार कोलियरी वर्कर्स यूनियन...