सुपौल : सरहद पर दुश्मन से लोहा लेने के लिए जवान तैयार, एसएसबी को मिले 216 सोल्जर- बिहार के
सुपौल जिले के इंडो नेपाल सीमा पर अवस्थित बीरपुर 45वीं बटालियन
मुख्यालय स्थित प्रशिक्षण केंद्र में 216 प्रशिक्षु आरक्षी सफलता पूर्वक प्रशिक्षण उपरांत प्रशिक्षण केंद्र के
परेड ग्राउंड में भव्य दीक्षांत परेड समारोह कार्यक्रम किया गया.
जिस कार्यक्रम में सशस्त्र सीमा बल के आईजी और डीआईजी सहित सीमावर्ती बटालियन के कई कमांडेट मौजूद रहे.
बतौर मुख्य अतिथि आईजी पंकज कुमार दराद ने परेड की सलामी ली. कमान अधिकारी आलोक कुमार ने नवप्रशिक्षु 216 एसएसबी जवानों को पद की गोपनीयता की शपथ दिलाई. इंडो नेपाल सीमा स्थित 45वीं बटालियन सशस्त्र सीमा बल ट्रेनिंग सेंटर परेड ग्राउंड में देश के विभिन्न राज्यों से आए 216 एसएसबी के जवानों ने देश रक्षा की शपथ के साथ एसएसबी की मुख्यधारा से जुड़कर राष्ट्र रक्षा को समर्पित हुए.
संविधान और राष्ट्रध्वज की ली शपथ
एसएसबी ट्रेनिंग सेंटर के भव्य परेड ग्राउंड में सैन्य परंपराओं से सुसज्जित ड्रेस में प्रशिक्षु टुकड़ी कमांडर के आदेश पर ग्राउंड पर शानदार परेड और कौशल दिखाते हुए देश की आन, बान और शान की रक्षा के लिए कुछ भी कर गुजरने की जज्बे के साथ परेड की सलामी ली. इसके उपरांत उन्हें भारत के संविधान और राष्ट्रध्वज की शपथ दिलायी गई. 44 सप्ताह के कठिन प्रशिक्षण के उपरांत देश की सरहद की सुरक्षा सेवा का दायित्व सौंपा गया.
इन क्षेत्रों में किया जाएगा पदस्थापित
एसएसबी के अधिकारी ने बताया प्रशिक्षित प्रशिक्षुओं को भारत नेपाल और भारत भूटान की सरहद इलाके सहित देश के आतंकवाद और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में पदस्थापित किया जाएगा. प्रशिक्षण केंद्र के भव्य परेड के साथ इन नौजवानों ने पासिंग परेड में विभिन्न स्टैंड का प्रदर्शन कर दर्शकों का मन मोह लिया. बता दें कि दीक्षांत परेड से देश को मिले एसएसबी जवान भारत के विभिन्न राज्यों से हैं. जिनमें बिहार, उत्तरप्रदेश, बंगाल, असम, झारखंड, उत्तराखंड आदि के जवान शामिल हैं.
रिपोर्ट: अजय सिंह

















