Bihar Cooperation Minister: बिहार के सहकारिता मंत्री राम कृपाल यादव ने मगध और कोसी प्रमंडल के जिलों में विभागीय योजनाओं और गतिविधियों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को काम में तेजी लाने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी निर्देशों का अनुपालन 15 दिनों के भीतर सुनिश्चित किया जाए। धान अधिप्राप्ति, चावल आपूर्ति, गोदाम निर्माण, किसान क्रेडिट कार्ड के जरिए ऋण वितरण और सहकारी बैंकों की कार्यप्रणाली बैठक के प्रमुख विषय रहे। मंत्री ने लंबित कार्यों को निर्धारित समयसीमा में पूरा करने और जिलावार प्रगति की नियमित निगरानी करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी।
गोदाम निर्माण में देरी पर मंत्री ने जताई नाराजगी
गोदाम निर्माण कार्यों की अपेक्षित प्रगति नहीं होने पर सहकारिता मंत्री ने नाराजगी जताई। उन्होंने मगध जिला सहकारी बैंक के प्रबंध निदेशक के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई करने का निर्देश दिया। मंत्री ने कहा कि किसानों के कृषि उत्पादों के सुरक्षित भंडारण और सहकारिता व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए गोदाम निर्माण महत्वपूर्ण है। उन्होंने अधिकारियों को निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी करने और भूमि की उपलब्धता, निर्माण में आ रही बाधाओं तथा लंबित प्रक्रियाओं का जल्द समाधान करने को कहा।
मगध और कोसी में लक्ष्य के करीब पहुंची धान अधिप्राप्ति
खरीफ विपणन मौसम 2025-26 के आंकड़ों के अनुसार, मगध प्रमंडल में निर्धारित लक्ष्य 5,84,748 मीट्रिक टन के मुकाबले 5,84,125.50 मीट्रिक टन धान की खरीद की गई। यह लक्ष्य का लगभग 99.89 प्रतिशत है। वहीं, कोसी प्रमंडल में 2,71,992 मीट्रिक टन के लक्ष्य के विरुद्ध 2,71,889.24 मीट्रिक टन धान की अधिप्राप्ति दर्ज की गई, जो लक्ष्य का लगभग 99.96 प्रतिशत है। राज्य खाद्य निगम को समतुल्य चावल की आपूर्ति मगध प्रमंडल में 99.23 प्रतिशत और कोसी प्रमंडल में 97.23 प्रतिशत बताई गई। मंत्री ने धान अधिप्राप्ति से जुड़े शेष कार्यों और चावल आपूर्ति की लंबित प्रक्रियाओं को समय पर पूरा करने का निर्देश दिया।
किसान क्रेडिट कार्ड से ऋण वितरण बढ़ाने पर जोर
बैठक में किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) के माध्यम से किसानों को दिए जा रहे ऋण की भी समीक्षा की गई। वित्तीय वर्ष 2026-27 में 1 अप्रैल से 25 सितंबर 2026 तक मगध प्रमंडल में ई-पैक्स और जिला केंद्रीय सहकारी बैंकों के माध्यम से 935 खातों से संबंधित ऋण वितरण दर्ज किया गया। इसकी कुल राशि 573.58 लाख रुपये बताई गई। इसी अवधि में कोसी प्रमंडल में 62 खातों के माध्यम से 35.40 लाख रुपये के ऋण वितरण का विवरण प्रस्तुत किया गया। मंत्री ने किसानों तक ऋण सुविधाओं की पहुंच बढ़ाने, सहकारी बैंकों की कार्यप्रणाली में सुधार करने और लंबित मामलों का निष्पादन करने को कहा। उन्होंने वित्तीय अनुशासन, पारदर्शिता और नियामकीय प्रावधानों के पालन पर भी विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया।
गांवों में बैंकिंग सुविधा और पैक्स की गतिविधियों में सुधार
ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाओं की पहुंच बढ़ाने के लिए बैंक मित्रों और माइक्रो एटीएम के माध्यम से डोरस्टेप बैंकिंग सुविधा को प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया। इसका उद्देश्य ग्रामीणों को अपने गांव या घर के नजदीक बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध कराना है, ताकि उन्हें छोटी-बड़ी बैंकिंग जरूरतों के लिए बार-बार शाखाओं तक नहीं जाना पड़े। बैठक में पैक्सों में कॉमन सर्विस सेंटर के संचालन और पैक्स कंप्यूटराइजेशन की भी समीक्षा हुई। मंत्री ने इन योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाने तथा संबंधित लंबित कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने का निर्देश दिया।
सब्जी उत्पादक सहकारी समितियों और वेजफेड की समीक्षा
मगध प्रमंडल के पांच जिलों में कुल 61 प्राथमिक सब्जी उत्पादक सहकारी समितियां पंजीकृत हैं, जबकि कोसी प्रमंडल के तीन जिलों में 34 समितियां पंजीकृत बताई गईं। 31 मार्च 2026 तक उपलब्ध विवरण के अनुसार, मगध प्रमंडल की नौ और कोसी प्रमंडल की छह समितियों का अंकेक्षण दर्ज किया गया। मंत्री ने समितियों की गतिविधियों को प्रभावी बनाने, अंकेक्षण सहित लंबित कार्यों को समय पर पूरा करने और वेजफेड की योजनाओं में तेजी लाने का निर्देश दिया। बैठक में सहकारिता विभाग के अपर सचिव अभय कुमार सिंह, अपर निबंधक विकास कुमार बरियार सहित संबंधित जिलों और विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। मंत्री ने सभी जिलों को 15 दिनों के भीतर निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करने और प्रगति की नियमित निगरानी करने को कहा।


















