Patna Pharma Raid: बिहार की राजधानी पटना के कंकड़बाग स्थित सेलुलस फार्मा प्राइवेट लिमिटेड में राज्य औषधि नियंत्रक की टीम ने औचक निरीक्षण किया। स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, जांच के दौरान दवाओं के क्रय-विक्रय से जुड़े अभिलेख नहीं मिले और भंडारण व्यवस्था में भी अनियमितताएं पाई गईं। विभाग ने 10 औषधियों की बिक्री और निकासी पर रोक लगाई है। वहीं, परिसर में शराब की बोतलें मिलने के बाद पुलिस और उत्पाद विभाग की कार्रवाई में तीन लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजे जाने की जानकारी दी गई है।
कंकड़बाग की सेलुलस फार्मा में औषधि नियंत्रक टीम की छापेमारी
स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, राज्य औषधि नियंत्रक, बिहार की टीम ने 8 अक्टूबर 2026 को कंकड़बाग थाना पुलिस के सहयोग से पी.सी. कॉलोनी स्थित M/s Cellulas Pharma Private Limited, D-167 में संयुक्त रूप से औचक निरीक्षण किया। उस समय प्रतिष्ठान के संचालक मृत्युंजय कुमार सिंह मौजूद थे। निरीक्षण के दौरान प्रतिष्ठान की ओर से औषधियों के क्रय-विक्रय संबंधी अभिलेख और आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए। इसके अलावा, अनुज्ञप्ति की शर्तों के अनुरूप साइनबोर्ड प्रदर्शित नहीं था और दवाओं के भंडारण की व्यवस्था भी संतोषजनक नहीं पाई गई।

लाइसेंस से अधिक कमरों में रखी थीं दवाएं
जांच में सामने आया कि प्रतिष्ठान के पास केवल 11.15 वर्ग मीटर के एक कमरे के लिए औषधि अनुज्ञप्ति थी, जबकि दवाएं चार कमरों में रखी गई थीं। इस मामले में विस्तृत जांच के लिए फ्लैट के मुख्य द्वार को सील कर दिया गया। विभाग ने अनियमितताओं को देखते हुए 10 औषधियों की बिक्री और निकासी पर रोक लगाते हुए प्रपत्र-15 जारी किया। इसके अलावा, दो एक्सपायर औषधियों को प्रपत्र-16 के तहत जब्त किया गया और सात औषधियों के नमूने जांच एवं विश्लेषण के लिए एकत्र किए गए। प्रतिष्ठान को आवश्यक अभिलेख पांच दिनों के भीतर प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, दवाओं के नमूनों की जांच रिपोर्ट और संबंधित दस्तावेजों की समीक्षा के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

परिसर में शराब मिलने के बाद पुलिस और उत्पाद विभाग की कार्रवाई
स्वास्थ्य विभाग की प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, औषधि नियंत्रक टीम के निरीक्षण के दौरान परिसर में बड़ी मात्रा में शराब की बोतलें मिलीं। इसके बाद पुलिस और उत्पाद विभाग को सूचना दी गई और संयुक्त कार्रवाई की गई। विभाग ने बताया कि शराब की बिक्री से जुड़े आरोपों के मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। हालांकि, जारी विज्ञप्ति में गिरफ्तार किए गए तीनों लोगों की पहचान और उनके खिलाफ दर्ज धाराओं का विस्तृत उल्लेख नहीं किया गया है।

दवाओं की गुणवत्ता और नियमों के पालन पर विभाग की नजर
स्वास्थ्य विभाग ने कहा है कि औषधियों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने और नियमों का पालन कराने के लिए निरीक्षण एवं जांच अभियान जारी रहेगा। सेलुलस फार्मा मामले में दवाओं के नमूनों की रिपोर्ट और संबंधित अभिलेखों की समीक्षा के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, मामले में औषधियों के भंडारण और दस्तावेजों से जुड़ी अनियमितताओं की जांच की जा रही है। शराब से संबंधित कार्रवाई पुलिस और उत्पाद विभाग के स्तर पर की गई है।


















