Union Budget 2026 में वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने रेलवे के लिए 7 हाई स्पीड रेल कॉरिडोर, विदेशी निवेश सीमा बढ़ाने, AI, रिसर्च फंड और सर्विस सेक्टर पर बड़े ऐलान किए।
Union Budget 2026:रेलवे को नई रफ्तार, 7 हाई स्पीड रेल कॉरिडोर का ऐलान
Union Budget 2026 पेश करते हुए वित्तमंत्री Nirmala Sitharaman ने रेलवे सेक्टर को लेकर बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि देश में 7 हाई स्पीड रेल कॉरिडोर बनाए जाएंगे, जिससे कनेक्टिविटी मजबूत होगी और छोटे व मझोले शहरों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जा सकेगा।
वित्तमंत्री ने कहा कि विकास की गति आसान कारोबार और बेहतर कनेक्टिविटी से ही संभव है। इसी दिशा में Ease of Doing Business को और मजबूत करने पर सरकार का विशेष फोकस रहेगा।
Key Highlights
रेलवे के लिए 7 हाई स्पीड रेल कॉरिडोर का ऐलान
Ease of Doing Business को और मजबूत करने पर जोर
विदेशी निवेशकों के लिए पोर्टफोलियो इन्वेस्टमेंट सीमा बढ़ी
AI और रिसर्च के लिए नेशनल रिसर्च फंड की स्थापना
सर्विस सेक्टर को भारत के विकास का मुख्य इंजन बनाने की योजना
Union Budget 2026:विदेशी निवेश और पोर्टफोलियो इन्वेस्टमेंट को बढ़ावा
बजट में भारत के बाहर रहने वाले निवेशकों को बड़ी राहत दी गई है। वित्तमंत्री ने घोषणा की कि अब प्रवासी और विदेशी निवेशक इक्विटी इंस्ट्रूमेंट के जरिए भारत में निवेश कर सकेंगे।
पोर्टफोलियो इन्वेस्टमेंट स्कीम के तहत एकल व्यक्ति की निवेश सीमा 5 प्रतिशत से बढ़ाकर 10 प्रतिशत कर दी गई है। वहीं कुछ श्रेणियों में यह सीमा बढ़ाकर 24 प्रतिशत तक करने का प्रस्ताव रखा गया है। सरकार का मानना है कि इससे विदेशी निवेश बढ़ेगा और पूंजी बाजार को मजबूती मिलेगी।
Union Budget 2026:AI, रिसर्च और सर्विस सेक्टर से जुड़ेगा भविष्य का भारत
वित्तमंत्री ने कहा कि 21वीं सदी का विकास तकनीक से तय होगा और इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अग्रणी भूमिका निभाएगा। सरकार AI को शासन, खेती, महिलाओं, युवाओं, दिव्यांगजनों और कौशल विकास से जोड़ने पर काम कर रही है।
बजट में नेशनल रिसर्च फंड और रिसर्च एंड डेवलपमेंट इनोवेशन फंड की स्थापना का प्रस्ताव रखा गया है, ताकि देश में नवाचार को बढ़ावा मिल सके।
उन्होंने कहा कि बीते 10 वर्षों में 22 करोड़ से अधिक लोगों को गरीबी रेखा से बाहर निकाला गया है। अब सरकार का फोकस सर्विस सेक्टर पर रहेगा, ताकि युवाओं की आकांक्षाएं पूरी हों और पढ़ाई से लेकर रोजगार व उद्यम तक का मजबूत रास्ता बने। इसके लिए एक विशेष समिति का गठन किया जाएगा, जो निर्यात, रोजगार और कौशल विकास को बढ़ाने पर सलाह देगी। सरकार का लक्ष्य है कि 2047 तक वैश्विक सेवा क्षेत्र में भारत की हिस्सेदारी 10 प्रतिशत से अधिक हो।
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