पटना को मिलेगी ‘अल्ट्रा पॉड्स’ की सौगात, मुख्य सचिव व L&T के बीच 296 करोड़ के प्रोजेक्ट पर हुई अहम बैठक

पटना : बिहार सरकार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने आज लार्सन एंड टर्बो (L&T) की टीम के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक में L&T द्वारा एक विस्तृत प्रस्तुतीकरण के माध्यम से पटना में ‘अल्ट्रा पॉड्स’ (UltraPODs by Ultra PRT) के संचालन की रूपरेखा पेश की गई। यह परियोजना पुराने सचिवालय परिसर को आसपास के प्रशासनिक भवनों से जोड़ने के लिए एक अंतर-सरकारी (Intra-Government) स्मार्ट और सस्टेनेबल मोबिलिटी सॉल्यूशन है। प्रसाशनिक अनुमोदन के बाद यह 15 महीने में पूरी तरह तैयार हो जाएगा ।

प्रोजेक्ट की मुख्य विशेषताएं और संचालन

आधुनिक और सुरक्षित ट्रांजिट

यह एक तेज, आधुनिक, स्वचालित और कुशल ट्रांजिट सिस्टम है जो सरकारी अधिकारियों के लिए निर्बाध कनेक्टिविटी सुनिश्चित करेगा। यह पर्सनल रैपिड ट्रांजिट (PRT) सिस्टम निर्धारित भवनों के बीच नॉन-स्टॉप यात्रा के साधन के रूप में काम करेगा। बिना किसी अनशेड्यूल्ड हॉल्ट के सीधे गंतव्य तक पहुंचने से बाहरी बाधाओं का जोखिम कम होगा, जिससे सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ होगी।

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रूट और लागत

इस महत्वाकांक्षी परियोजना की कुल लागत 296 करोड़ रुपए है। अल्ट्रा पॉड्स के ट्रैक की कुल लंबाई लगभग पांच किलोमीटर होगी। इसका संचालन विश्वेश्वरैया भवन से शुरू होकर विकास भवन और विधानसभा होते हुए पुराने सचिवालय तक किया जाएगा।

क्षमता और समयांतराल

यात्रियों की सुविधा के लिए मात्र सात सेकंड के अंतराल पर दूसरा पॉड अपने निर्धारित स्टेशन पर उपलब्ध रहेगा। एक पॉड में छह लोगों के बैठने की क्षमता होगी। इस ट्रैक पर कुल 59 पॉड्स का संचालन किया जाएगा।

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स्टेशन और इंफ्रास्ट्रक्चर

शुरुआती चरण में कुल नौ स्टेशन बनाए जाएंगे, जिनमें से दो स्टेशनों के पास पार्किंग की सुविधा भी उपलब्ध होगी। इसके अलावा एक कंट्रोल रूम और एक अल्ट्रा पॉड पार्किंग फैसिलिटी का भी निर्माण किया जाएगा।

पूर्णतः स्वचालित और सुरक्षित

सभी अल्ट्रा पॉड्स में सुरक्षा के दृष्टिकोण से कैमरे लगे होंगे। इनमें किसी प्रकार का मानवीय हस्तक्षेप (Human Interference) नहीं होगा और यह पूरी तरह से स्वचालित (Automated) रहेगा।

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यह पूरी तरह से पर्यावरण के अनुकूल और कार्बन-पॉजिटिव नेटवर्क है

यह पूरी तरह से पर्यावरण के अनुकूल और कार्बन-पॉजिटिव नेटवर्क है। सबसे बड़ी खासियत यह है कि अल्ट्रा पॉड्स के ट्रैक के निर्माण में किसी भी पेड़ को नहीं काटा जाएगा। मोटर चालित वाहनों की आवाजाही (विशेषकर सरकारी कार्यों से संबंधित) कम होने से क्षेत्र में उत्सर्जन और सड़क जाम में भारी कमी आएगी। यह व्यवस्था विशेष रूप से सुबह और शाम के ऑफिस के समय भीड़ को कम करने के लिए शुरू की जा रही है, जिससे आम लोगों को ट्रैफिक जाम से बड़ी राहत मिलेगी। इसका किराया बेहद मामूली रखा जाएगा ताकि यह सभी के लिए उपयोगी और सुलभ हो। यात्री टोकन या फिर कार्ड रिचार्ज कर अल्ट्रा पॉड्स का आसानी से इस्तेमाल कर सकेंगे। बिहार सरकार की यह पहल पूरी पहल भारत सरकार के स्मार्ट, सस्टेनेबल और इंटीग्रेटेड मोबिलिटी के व्यापक दृष्टिकोण के अनुरूप है। इससे न केवल प्रमुख प्रशासनिक सुविधाओं के बीच पहुंच आसान होगी, बल्कि सुरक्षा मजबूत होगी और परिचालन दक्षता में भी उल्लेखनीय वृद्धि होगी।

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