बिजली विभाग के 65 कार्यालयों में जीविका दीदियों ने संभाला स्वच्छता का कमान

पटना : हर क्षेत्र में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने वाली जीविका दीदियां अब स्वच्छता दूत के रूप में भी अपनी पहचान बना रही हैं। हाल ही में ग्रामीण जीविकोपार्जन प्रोत्साहन समिति (जीविका) और साउथ बिहार पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (SBPDCL) के बीच हुए समझौता ज्ञापन के बाद इन दीदियों ने बिजली विभाग के 65 कार्यालयों में साफ-सफाई का कमान संभाला है।

जीविका दीदियां पहले से ही विभिन्न सरकारी संस्थानों में अपनी सेवाएं दे रही हैं

जीविका दीदियां पहले से ही विभिन्न सरकारी संस्थानों में अपनी सेवाएं दे रही हैं। स्वास्थ्य विभाग, बिहार सरकार के साथ हुए समझौते के तहत राज्य के मेडिकल कॉलेजों, जिला अस्पतालों एवं अनुमंडल अस्पतालों में साफ-सफाई का कार्य उनके हाथों पहले से चल जा रहा है। राज्य के सभी आवासीय अनुसूचित जाति/जनजाति विद्यालयों, पिछड़ा एवं अतिपिछड़ा वर्ग के आवासीय विद्यालयों, अल्पसंख्यक आवासीय विद्यालयों में भी यह जिम्मेदारी उनकी ओर से बखूबी निभाई जा रही है।

NBPDCL के सभी कार्यालयों में भी साफ-सफाई की सेवाए दीदियों की सौंपी गई है

इसी क्रम में नॉर्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (NBPDCL) के सभी कार्यालयों में भी साफ-सफाई की सेवाए दीदियों की सौंपी गई है। विभागीय पदाधिकारियों का कहना है कि इससे सेवाओं की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिल रहा है। एसबीपीडीसीएल के साथ इस नई साझेदारी से न केवल रोजगार के अवसरों का विस्तार होगा, बल्कि जीविका दीदियों की भूमिका और भी सशक्त होगी। आने वाले समय में इस मॉडल को अन्य विभागों और संस्थानों में भी लागू करने की योजना है, ताकि अधिक से अधिक महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाया जा सके।

राज्य के 700 से अधिक इकाइयों में दे रही हैं सेवा

वर्तमान में राज्य भर में 700 से अधिक इकाइयों में जीविका दीदियां साफ-सफाई सेवाएं प्रदान कर रही हैं, जिससे 7000 से अधिक महिलाओं को रोजगार मिला है। इन दीदियों की मासिक आय आठ हजार से 12 हजार तक है, जो उनके आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

‘सरकारी कार्यालयों में स्वच्छता का काम जीविका समूहों को सौंपने की पहल महिला सशक्तिकरण, रोजगार सृजन और सेवा गुणवत्ता में सुधार का एक उत्कृष्ट उदाहरण है’

ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि सरकारी कार्यालयों में स्वच्छता का काम जीविका समूहों को सौंपने की पहल महिला सशक्तिकरण, रोजगार सृजन और सेवा गुणवत्ता में सुधार का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। इस पहल के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाते हुए उन्हें सम्मानजनक आजीविका से जोड़ने का कार्य किया जा रहा है। भविष्य में इस मॉडल को अन्य संस्थानों में भी लागू करने का प्रयास होगा।

यह भी पढ़े : मुख्यमंत्री ने MLA आवासन योजना अंतर्गत विधान परिषद् अतिथि निवास का किया शुभारंभ

Saffrn

Trending News

मजदूर दिवस पर न्याय का संदेश : ‘सशक्त मजदूर, सशक्त राष्ट्र’

छपरा : अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार के निर्देश पर सारण जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DALSA), छपरा द्वारा श्रम...

मोतिहारी के कई थानों की पुलिस ने भारत-नेपाल सीमा के बाजारों...

मोतिहारी : पूर्वी चंपारण जिले के घोड़ासहन शहर के करीब आधा दर्जन दुकानों पर साइबर पुलिस एवं स्थानीय चार थाना की पुलिस ने बड़ी...

चंद्रशेखर सिंह ने IPRD के सचिव का संभाला पदभार

पटना : 2010 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारी डॉ. चंद्रशेखर सिंह ने शुक्रवार को सूचना एवं जनसंपर्क विभाग (IPRD) के सचिव का...

समस्तीपुर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, लूट की योजना बनाते हुए अवैध...

समस्तीपुर : समस्तीपुर पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। आगामी नौ मार्च को सुबह 11:38 बजे नगर थानान्तर्गत बहादुरपुर वार्ड संख्या-26 स्थित बाबुल इंटरप्राईजेज...

यात्रियों के साथ मारपीट, पथराव व चेन पुलिंग करने वाले सक्रिय...

आरा : दानापुर रेलखंड में ट्रेनों में यात्रियों के साथ मारपीट, पथराव और चेन पुलिंग करने वाले एक सक्रिय गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए...
Corrugated Boxes Supplier in Jharkhand & West Bengal | Aarisha Packaging Solutions
Best Packaging Solution Provider of Jharkhand

Social Media

194,000FansLike
27,500FollowersFollow
628FollowersFollow
695,000SubscribersSubscribe
- Advertisement -spot_img