राधा गोविंद विश्वविद्यालय में दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का समापन

Ramgarh: राधा गोविन्द विश्वविद्यालय में आयोजित दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का आज गरिमामय समापन हो गया। 22 एवं 23 अप्रैल 2026 को आयोजित इस सम्मेलन का मुख्य विषय “NEP 2020 में भारतीय ज्ञान प्रणाली (IKS) : वैश्विक परिप्रेक्ष्य में” रहा, जिसमें देश-विदेश से आए शिक्षाविदों, शोधार्थियों एवं विशेषज्ञों ने सक्रिय भागीदारी निभाई।

इस सम्मेलन में 1600  प्रतिभागी पंजीकृत शामिल हुए

जिसमें 500 प्रतिभागियों ने पेपर प्रस्तुत किया।

दूसरे दिन कार्यक्रम में उपस्थित विश्वविद्यालय के कुलाधिपति बी एन साह, सचिव प्रियंका कुमारी, कुलपति प्रो (डॉ) रश्मि, कुलसचिव प्रो (डॉ) निर्मल कुमार मंडल, वित्त एवं लेखा पदाधिकारी डॉ संजय कुमार, परीक्षा नियंत्रक प्रो (डॉ) अशोक कुमार, प्रबंध समिति सदस्य अजय कुमार उपस्थित रहे।

सम्मेलन के विभिन्न तकनीकी सत्रों में वक्ताओं ने भारतीय ज्ञान परंपरा—जैसे वेद, उपनिषद, आयुर्वेद, योग एवं दर्शन—की वैश्विक उपयोगिता पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि नई शिक्षा नीति 2020 भारतीय ज्ञान प्रणाली को आधुनिक शिक्षा से जोड़ते हुए एक समग्र एवं मूल्य-आधारित शिक्षा प्रणाली की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

आज के समापन सत्र के मुख्य  अतिथि डॉ अनिल कुमार  उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि भारतीय प्राचीन शिक्षा प्रणाली में नैतिकता शिक्षा का आधार रही है, जो विद्यार्थियों को ज्ञान के साथ-साथ संस्कार और सदाचार भी प्रदान करती है।

विश्वविद्यालय के कुलाधिपति बी एन साह ने अपने संबोधन में कहा कि भारतीय ज्ञान प्रणाली केवल भारत तक सीमित नहीं है, बल्कि यह वैश्विक समस्याओं—जैसे पर्यावरण संरक्षण, नैतिक मूल्यों एवं सतत विकास—के समाधान में भी सहायक सिद्ध हो सकती है।

विश्वविद्यालय सचिव प्रियंका कुमारी  ने भारतीय शिक्षा पद्धति की सराहना करते हुए इसे विश्व के लिए प्रेरणादायक बताया।

विश्वविद्यालय के कुलपति ने सभी प्रतिभागियों, अतिथियों एवं आयोजन समिति का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस सम्मेलन ने वैश्विक मंच पर भारतीय ज्ञान प्रणाली की प्रासंगिकता को और अधिक सशक्त रूप से प्रस्तुत किया है कुलसचिव प्रो (डॉ) निर्मल कुमार मंडल ने कहा कि भारतीय ज्ञान प्रणाली की जड़ें जितनी गहरी हैं, उसका भविष्य उतना ही उज्ज्वल है—और इस सम्मेलन ने इसे सिद्ध किया है।

कार्यक्रम को सफल बनाने में सभी आयोजन समिति का महत्वपूर्ण भूमिका रहा। अंत में सभी  प्रतिभागियों को अतिथियों द्वारा प्रमाण-पत्र वितरित किया गया और कार्यक्रम का समापन हुआ।

कार्यक्रम का संचालन डॉ रंजना पांडेय और डॉ अमरेश पांडेय ने दिया धन्यवाद ज्ञापन विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक प्रो (डॉ)अशोक कुमार ने दिया और सभी विद्वतजनों के प्रति आभार व्यक्त किया। मौके पर विश्वविद्यालय सभी विभागों के विभागाध्यक्ष , व्याख्यातगण, शोधार्थी एवं छात्र- छात्राएं उपस्थित रहे.

 

 

 

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