बिहार में उच्च शिक्षा की ऐतिहासिक क्रांति : एक जुलाई 2026 से शुरू होंगे 211 नए डिग्री कॉलेज

पटना : बिहार सरकार की महत्वाकांक्षी योजना ‘सात निश्चय-3 (2025-30)’ के चतुर्थ निश्चय ‘उन्नत शिक्षा-उज्ज्वल भविष्य’ के अंतर्गत बिहार के उच्च शिक्षा ढांचे को एक नया और ऐतिहासिक विस्तार दिया जा रहा है। आगामी एक जुलाई 2026 से राज्य के प्रखंडों में स्थापित किए गए 211 नए डिग्री महाविद्यालयों में नए शैक्षणिक सत्र (2026-30) का संचालन पूरी भव्यता और उत्साह के साथ शुरू होने जा रहा है।

मुख्य सचिव और राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव की संयुक्त अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक

इस विशाल परियोजना की अद्यतन स्थिति की समीक्षा और अंतिम तैयारियों को लेकर आज मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत और राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह की संयुक्त अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) के माध्यम से आयोजित इस बैठक में राज्य के सभी प्रमंडलीय आयुक्त, जिलाधिकारी (DM), उच्च शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी व संबंधित विश्वविद्यालयों के कुलपति उपस्थित थे। बैठक में जानकारी दी गई कि इन 211 डिग्री कॉलेजों के अस्थायी संचालन हेतु सभी जिलों से चयनित विद्यालयों की सूची प्राप्त कर ली गई है। सुचारू संचालन के लिए सरकार द्वारा बड़ी वित्तीय मंजूरी दी जा चुकी है।

Cabinet Secretariat Department 1 1 22Scope News

शैक्षणिक गतिविधियों हेतु

प्रति महाविद्यालय 30 लाख रुपए की दर से संबंधित विश्वविद्यालय के माध्यम से फर्नीचर, उपकरण, स्टेशनरी आदि की खरीद हेतु स्वीकृत्यादेश निर्गत किया जा चुका है।

भवन जीर्णोद्धार हेतु

चयनित विद्यालयों के जीर्णोद्धार और आवश्यक निर्माण व विकास कार्यों के लिए संबंधित जिले के जिलाधिकारी को प्रति महाविद्यालय 20 लाख रुपए की दर से राशि उपलब्ध कराने का स्वीकृत्यादेश जारी हो चुका है।

6 अनिवार्य विषयों से होगी शुरुआत, 57 हजार से अधिक आवेदन प्राप्त

इन सभी 211 महाविद्यालयों का नामकरण संबंधित प्रखंड के नाम के पूर्व ‘राजकीय डिग्री महाविद्यालय’ जोड़ते हुए किया गया है। शुरुआती चरण में यहां कुल छह अनिवार्य विषयों का अध्ययन-अध्यापन शुरू किया जा रहा है।

Cabinet Secretariat Department 2 22Scope News

1. हिन्दी
2. अंग्रेजी
3. अर्थशास्त्र
4. इतिहास
5. राजनीति विज्ञान
6. समाजशास्त्र

शैक्षणिक सत्र 2026-30 में प्रवेश के लिए अबतक 57,421 विद्यार्थियों के आवेदन प्राप्त हो चुके हैं

शैक्षणिक सत्र 2026-30 में प्रवेश के लिए अबतक 57,421 विद्यार्थियों के आवेदन प्राप्त हो चुके हैं, जिनमें सबसे अधिक रुचि इतिहास (17,105 आवेदन) और हिन्दी (25,790 आवेदन) विषयों में देखी गई है। मुंगेर विश्वविद्यालय के अंतर्गत आने वाले नए कॉलेजों में सबसे अधिक 31,218 आवेदन आए हैं।

जिला प्रशासन एवं प्रमंडलीय आयुक्तों को मुख्य सचिव के कड़े निर्देश

मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने स्पष्ट किया कि छात्रों को मिलने वाली सुविधाओं और कार्यों की गुणवत्ता के साथ किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने जिला प्रशासन को निम्नलिखित दिशा-निर्देश दिए।

Cabinet Secretariat Department 3 22Scope News

बुनियादी ढांचा और जल निकासी (डेडलाइन – 30 जून 2026)

सभी चिन्हित महाविद्यालयों में जल निकासी, विद्युत आपूर्ति, शौचालय, पेयजल और अनुमानित भंडार तालिका के अनुसार ब्लैक बोर्ड, डेस्क-बेंच, कंप्यूटर, वाटर कूलर आदि मूलभूत सुविधाएं 30 जून 2026 तक अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाएं। जिन क्षेत्रों में जल-जमाव या मौसमी बाधाओं की आशंका है, वहां पहले से निवारक उपाय किए जाएं।

ADM प्रति कॉलेज और क्रय समिति

प्रत्येक कॉलेज की कमान एक अपर समाहर्ता स्तर के अधिकारी को सौंपी जाएगी। एडीएम के नेतृत्व में एक जिला स्तरीय ‘क्रय एवं क्रियान्वयन समिति’ गठित होगी, जो स्थानीय स्तर पर तेजी से निर्णय लेगी।

प्रिंसिपलों के साथ बैठक (डेडलाइन – 5 जून 2026)

सभी जिलाधिकारी पांच जून तक संबंधित प्राचार्यों के साथ बैठक कर आंतरिक व्यवस्था की समीक्षा करेंगे।

सुरक्षा गार्ड की व्यवस्था

विश्वविद्यालयों द्वारा स्थायी व्यवस्था किए जाने तक, जिला प्रशासन 15 जून 2026 तक होमगार्ड या चौकिदार के माध्यम से रात्रि प्रहरी की व्यवस्था सुनिश्चित करेगा।

यूनिफॉर्म ब्रांडिंग और रेडिनेस सर्टिफिकेट

सभी कॉलेजों में रंग-रोगन और साइनबोर्ड की एकरूपता सुनिश्चित करने के लिए विभाग द्वारा निर्धारित Colour Code और Design Template (लाइट ग्रे रंग और मैरून रंग) का पालन किया जाएगा। जून के अंत तक सभी जिलों को ‘रेडिनेस सर्टिफिकेट’ (तैयारी प्रमाण पत्र) सौंपना होगा।

Cabinet Secretariat Department 22Scope News

छात्राओं के लिए विशेष ‘पिंक बस’ और पहले दिन ‘प्रवेश उत्सव’

प्रवेश उत्सव – नामांकन प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद कॉलेज के प्रथम दिवस पर सभी महाविद्यालयों में ‘प्रवेश उत्सव’ आयोजित किया जाएगा।

पिंक बस सेवा – महिला शिक्षा और सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए, एक जुलाई 2026 को इस ऐतिहासिक शुरुआत के अवसर पर छात्राओं के लिए विशेष ‘पिंक बस’ सेवा का विस्तार किया जाएगा।

स्थायी परिसरों के लिए भूमि चिन्हित करने के कड़े मानक

महाविद्यालयों के स्थायी संचालन हेतु जिला प्रशासन को शहरी क्षेत्रों में न्यूनतम 2.5 एकड़ तथा ग्रामीण क्षेत्रों में न्यूनतम 5 एकड़ विवाद-मुक्त और अतिक्रमण-मुक्त भूमि चिन्हित करने का निर्देश दिया गया है। भूमि का चयन करते समय यह ध्यान रखना आवश्यक है कि वह प्रखंड मुख्यालय या प्रमुख आबादी के समीप हो, जहां ‘ऑल-वेदर’ (सर्वकालिक) सड़क संपर्क उपलब्ध हो ताकि छात्रों और शिक्षकों को सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके। यदि कोई व्यक्ति या संस्था इसके लिए भूमि दान देती है, तो कॉलेज का नाम उस दानदाता के नाम पर रखने का प्रावधान भी राज्य सरकार द्वारा किया गया है। मुख्य सचिव स्वयं 30 जून 2026 को पुनः एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करेंगे, जिसमें सभी जिलों की अंतिम तैयारियों और व्यवस्थाओं की समीक्षा की जाएगी।

यह भी पढ़े : मुख्यमंत्री ने कहा- 22 हजार एकड़ जमीन में ‘तिरहुत’ नाम से बनेगी नई सैटेलाइट टाउनशिप

Highlights

बिहार बनेगा AI Innovation Hub: Bihar AI Policy 2026 पर विशेषज्ञों...

पटना में Bihar AI Policy 2026 पर आयोजित परामर्श बैठक में AI, स्टार्टअप, स्किल डेवलपमेंट और निवेश को बढ़ावा देने पर विशेषज्ञों ने महत्वपूर्ण...

सम्राट कैबिनेट में लिए गए कई बड़े फैसले, बिहार में 5...

पटना : मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में आज यानी थोड़ी देर पहले एक अणे मार्ग स्थित सीएम आवास पर कैबिनेट की बैठक चल...

बिहार संस्कृत शिक्षा बोर्ड के नए कार्यालय भवन का उद्घाटन, शिक्षा...

पटना : बिहार सरकार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने बिहार संस्कृत शिक्षा बोर्ड के नए कार्यालय भवन के उद्घाटन किया। उन्होंन इस अवसर...