Jharkhand High Court Verdict: धनबाद के 5 बालू घाट मामले में कंपनी को बड़ी राहत, सरकार लौटाएगी बोली राशि

झारखंड हाईकोर्ट ने धनबाद के पांच बालू घाटों के मामले में गॉडफैम कंपनी के पक्ष में फैसला सुनाते हुए राज्य सरकार को अनुपातिक बोली राशि ब्याज सहित लौटाने का निर्देश दिया।


Jharkhand High Court Verdict रांची: झारखंड हाईकोर्ट ने धनबाद के पांच बालू घाटों से जुड़े मामले में गॉडफैम इन्वेस्टमेंट एंड फाइनेंस कंपनी लिमिटेड को बड़ी राहत प्रदान की है। अदालत ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि जिस अवधि में कंपनी खनन कार्य नहीं कर सकी, उस अवधि की अनुपातिक बोली राशि ब्याज सहित वापस की जाए।

मुख्य न्यायाधीश एम.एस. सोनक और न्यायमूर्ति राजेश शंकर की खंडपीठ ने अपने फैसले में कहा कि सरकार अपनी गलती का आर्थिक बोझ पट्टाधारी कंपनी पर नहीं डाल सकती। यदि सरकार ने बाद में नई शर्तें लागू की हैं, तो उसका पूरा असर कंपनी पर नहीं थोपा जा सकता।

Jharkhand High Court Verdict: धनबाद के 5 बालू घाट मामले में कंपनी को बड़ी राहत, सरकार लौटाएगी बोली राशि
Jharkhand High Court Verdict: धनबाद के 5 बालू घाट मामले में कंपनी को बड़ी राहत, सरकार लौटाएगी बोली राशि

Jharkhand High Court Verdict: 6 प्रतिशत ब्याज के साथ लौटानी होगी राशि

हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि कंपनी को लौटाई जाने वाली राशि पर छह प्रतिशत वार्षिक साधारण ब्याज भी दिया जाए। ब्याज की गणना 15 अक्टूबर 2012 से की जाएगी, जब कंपनी ने औपचारिक रूप से बालू घाटों का सरेंडर किया था। यह ब्याज वास्तविक भुगतान की तिथि तक देय होगा।

अदालत ने स्पष्ट कहा कि राज्य सरकार किसी कंपनी से राशि लेकर उसे खनन करने से नहीं रोक सकती और फिर वह राशि अपने पास भी नहीं रख सकती।


Key Highlights:

  • हाईकोर्ट ने गॉडफैम कंपनी को बड़ी राहत दी।

  • राज्य सरकार को अनुपातिक बोली राशि 6% वार्षिक ब्याज सहित लौटाने का आदेश।

  • खनन नहीं कर पाने वाली अवधि की राशि वापस करने का निर्देश।

  • कोर्ट ने कहा, सरकार अपनी गलती का बोझ पट्टाधारी पर नहीं डाल सकती।

  • रॉयल्टी, रजिस्ट्रेशन शुल्क और स्टांप शुल्क वापसी की मांग खारिज।

खंडपीठ ने अपने आदेश में कहा कि कंपनी के समक्ष दो विकल्प उपलब्ध थे। पहला, पर्यावरणीय स्वीकृति प्राप्त कर खनन कार्य जारी रखना और दूसरा, बालू घाटों को वापस कर देना। कंपनी ने दूसरा विकल्प चुना, इसलिए उसे उचित राहत मिलनी चाहिए।

कोर्ट ने माना कि ऐसी स्थिति में कंपनी को उस अवधि की बोली राशि वापस मिलनी चाहिए, जब वह खनन गतिविधियां संचालित नहीं कर सकी।

Jharkhand High Court Verdict: रॉयल्टी और अन्य शुल्क लौटाने से इनकार

हालांकि अदालत ने कंपनी की रॉयल्टी, रजिस्ट्रेशन शुल्क और स्टांप शुल्क वापस करने की मांग को स्वीकार नहीं किया। इन मदों में राशि लौटाने का अनुरोध खारिज कर दिया गया। इसके साथ ही हाईकोर्ट ने मामले का निपटारा करते हुए याचिका को निष्पादित कर दिया।

उल्लेखनीय है कि गॉडफैम इन्वेस्टमेंट एंड फाइनेंस कंपनी लिमिटेड ने धनबाद के पांच बालू घाटों से जुड़े विवाद को लेकर झारखंड हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी, जिस पर सुनवाई के बाद अदालत ने यह महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है।

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