पटना : पटना मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (PMCH) के प्राचार्य डॉक्टर एनपी सिंह ने आज प्रेसवार्ता की। उन्होंने कहा कि पीएमसीएच के प्राचार्य पद से हटाए जाने से नाराज होकर इस्तीफा दिया है। डॉ. एनपी सिंह ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि मैं अपनी बात रखने में सक्षम हूं, मेरी बात नहीं सुनी गई।
1988 से PMCH में ही मेरा गरिमामय कार्यकाल रहा है – प्राचार्य डॉक्टर एनपी सिंह
प्राचार्य डॉक्टर एनपी सिंह ने कहा कि 1988 से पीएमसीएच में ही मेरा गरिमामय कार्यकाल रहा है। जो पत्र मुझे दिया गया है उसमें स्पष्टीकरण नहीं पूछा गया है। तानाशाही रवैया है। वरिष्ठ चिकित्स्क के साथ ऐसा व्यवहार ठीक नहीं है। व्यवस्था पूरी तरह से खत्म हो गई है। कुछ तत्त्व मिलकर साक्ष्य देंगे, बात करने से भागेंगे। सचिव महोदय भी बात नहीं करेंगे। सौ बार फोन किया मैने स्वास्थ सचिव को पर उन्होंने फोन नहीं उठाया न ही जवाब दिया।

एनपी सिंह ने कहा- मैं दुर्घटना ग्रस्त हो गया, जला हुआ निशान की तस्वीर मैने सबको भेजा
एनपी सिंह ने कहा कि मैं दुर्घटना ग्रस्त हो गया, जला हुआ निशान की तस्वीर मैने सबको भेजा, सेकरेटरी को भेजा। मैं कोई अपराधी नहीं हूं। प्राइवेट प्रैक्टिस करने की बात करते हैं। जहां रहते हैं क्या वहां के लोगों को नहीं देखेंगे। जलने और मरने की क्या पूर्व सूचना देनी पड़ती है। इस व्यवस्था में हम जैसे लोग नहीं रह सकते हैं। मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री से गुहार लगाते हैं सबूत के साथ कार्रवाई करें। बिना स्पष्टीकरण के कार्रवाई नहीं करे।

हमने सबको फोटो भेजा, फोन लगाया लेकिन फोन उठाया नहीं गया – PMCH प्राचार्य
पीएमसीएच के प्राचार्य ने कहा कि हमने सबको फोटो भेजा, फोन लगाया लेकिन फोन उठाया नहीं गया। यही कहने के लिए आपके बीच आए हैं। वरीय चिकित्स्कों के साथ ऐसा व्यवहार नहीं हो। ये आत्मदाह की स्थति है जो हमलोग झेल रहे हैं। हमको कार्रवाई करके हटा दिया जाए। मेरा घर और क्लिनिक एक साथ है। प्रैक्टिस वहीं करते हैं। मेरे घर के बाहर गाड़ी लगी थी। मैने जानकारी वरीय अधिकारी को दी है।

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