झारखंड में लापता बच्चों और मानव तस्करी पर रोक के लिए सीआईडी ने नया एसओपी जारी किया है। अब सूचना मिलते ही एफआईआर दर्ज होगी और जरूरत पड़ने पर मानव तस्करी की धाराएं भी जोड़ी जाएंगी।
Jharkhand Missing Children SOP रांची: झारखंड में मानव तस्करी और लापता बच्चों के बढ़ते मामलों को देखते हुए राज्य सीआईडी ने नया स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) तैयार किया है। नए प्रावधान के तहत अब किसी बच्चे या व्यक्ति के लापता होने की सूचना मिलते ही पुलिस को तत्काल एफआईआर दर्ज करनी होगी। पहले ऐसे मामलों में प्रारंभिक जांच के बाद प्राथमिकी दर्ज की जाती थी।
सीआईडी ने यह एसओपी सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों को भेज दिया है। गृह विभाग के निर्देश पर तैयार इस कार्ययोजना का उद्देश्य मानव तस्करी पर प्रभावी रोक लगाना और लापता लोगों की जल्द बरामदगी सुनिश्चित करना है। यह एक्शन प्लान मानव तस्करी के मामलों पर सुप्रीम कोर्ट की चिंता और निर्देशों के बाद तैयार किया गया है।
Jharkhand Missing Children SOP:अपहरण और मानव तस्करी की धाराएं भी जोड़ी जाएंगी
नए एसओपी के अनुसार लापता व्यक्ति के हर मामले में पुलिस तत्काल एफआईआर दर्ज करेगी। यदि जांच के दौरान अपहरण या मानव तस्करी की आशंका सामने आती है, तो मामले में संबंधित धाराएं भी जोड़ी जाएंगी। इसके बाद संबंधित थाना बिना देरी किए मामले को एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट या विशेष जांच इकाई को हस्तांतरित करेगा।
हालांकि यदि कोई लापता व्यक्ति 24 घंटे के भीतर सकुशल मिल जाता है, तो संबंधित जिले के पुलिस अधीक्षक मामले को न्यायालय में आगे नहीं बढ़ाने का निर्णय ले सकते हैं।
Key Highlights:
लापता बच्चे या व्यक्ति की सूचना मिलते ही अब तुरंत एफआईआर दर्ज होगी।
अपहरण और मानव तस्करी की धाराएं भी मामले में जोड़ी जाएंगी।
संदिग्ध मामलों को तत्काल एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट को सौंपा जाएगा।
बरामद व्यक्ति का बायोमीट्रिक सत्यापन और पहचान दस्तावेज तैयार किया जाएगा।
परिवार की संलिप्तता मिलने पर पीड़ित को परिजनों के हवाले नहीं किया जाएगा।
Jharkhand Missing Children SOP:बरामद व्यक्ति का होगा बायोमीट्रिक सत्यापन
सीआईडी के निर्देश के अनुसार बरामद किए गए प्रत्येक व्यक्ति का बायोमीट्रिक सत्यापन अनिवार्य रूप से कराया जाएगा। यदि उसके पास कोई पहचान पत्र नहीं होगा, तो उसके लिए पहचान संबंधी दस्तावेज भी तैयार कराए जाएंगे। इसका उद्देश्य भविष्य में उसकी पहचान सुनिश्चित करना और आवश्यकता पड़ने पर उसे आसानी से ट्रैक करना है।
Jharkhand Missing Children SOP:परिवार की संलिप्तता मिलने पर नहीं सौंपा जाएगा बच्चा
एसओपी में स्पष्ट किया गया है कि बरामद बच्चे या व्यक्ति को आवश्यक जांच के बाद ही उसके माता-पिता या परिवार के सुपुर्द किया जाएगा। यदि जांच में यह सामने आता है कि मानव तस्करी में माता-पिता या परिवार के किसी सदस्य की भूमिका रही है, तो पीड़ित को परिवार को नहीं सौंपा जाएगा। ऐसे मामलों में उसकी देखभाल और संरक्षण की जिम्मेदारी बाल कल्याण समिति को दी जाएगी।
सीआईडी का मानना है कि नए एसओपी के लागू होने से लापता बच्चों और मानव तस्करी के मामलों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित होगी तथा पीड़ितों की सुरक्षा और पुनर्वास व्यवस्था भी अधिक प्रभावी बन सकेगी।
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