झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के बीच निर्वाचन आयोग ने 50 हजार से अधिक चुनाव कर्मियों और अधिकारियों के तबादले पर 7 अक्टूबर तक रोक लगा दी है।
Jharkhand Voter List Revision रांची: झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के बीच निर्वाचन आयोग ने बड़ा फैसला लिया है। आयोग ने राज्य में इस अभियान में लगे करीब 50 हजार अधिकारियों और कर्मियों के तबादले पर 7 अक्टूबर तक रोक लगा दी है। अब इस अवधि के दौरान निर्वाचन आयोग की पूर्व अनुमति के बिना किसी भी संबंधित अधिकारी या कर्मचारी का स्थानांतरण नहीं किया जा सकेगा।
निर्वाचन आयोग ने इस संबंध में राज्य के मुख्य सचिव को पत्र भेजकर स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं। आयोग का कहना है कि अभियान की निरंतरता और प्रभावी संचालन सुनिश्चित करने के लिए यह कदम उठाया गया है।
Jharkhand Voter List Revision: एसआईआर अभियान प्रभावित न हो, इसलिए लिया गया फैसला
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने बताया कि विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के दौरान बड़ी संख्या में अधिकारी और कर्मचारी मतदाता सत्यापन, इन्यूमरेशन फॉर्म का वितरण, फॉर्म संग्रह और अन्य महत्वपूर्ण कार्यों में लगे हुए हैं। यदि इस दौरान उनका तबादला किया जाता है, तो अभियान की गति और गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है। इसी कारण आयोग ने अस्थायी रूप से तबादलों पर रोक लगाने का निर्णय लिया है।
Key Highlights:
झारखंड में 50 हजार से अधिक चुनाव कर्मियों के तबादले पर रोक।
7 अक्टूबर तक निर्वाचन आयोग की पूर्व अनुमति के बिना ट्रांसफर नहीं होगा।
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान को देखते हुए लिया गया फैसला।
राज्य के सभी जिलों में बीएलओ और अन्य अधिकारी अभियान में जुटे।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कार्य की निरंतरता बनाए रखने को बताया वजह।
Jharkhand Voter List Revision: राज्यभर में 50 हजार से अधिक अधिकारी और कर्मचारी तैनात
एसआईआर अभियान के लिए पूरे झारखंड में बड़ी संख्या में चुनावकर्मी कार्यरत हैं। इनमें राज्य के सभी 24 जिला निर्वाचन पदाधिकारी, आठ अतिरिक्त जिला निर्वाचन पदाधिकारी, 81 सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी, 420 अतिरिक्त सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी, 29,571 बूथ लेवल ऑफिसर, 2,321 अतिरिक्त बीएलओ, 4,000 बीएलओ सुपरवाइजर और 120 हेल्प डेस्क मैनेजर शामिल हैं।
Jharkhand Voter List Revision: मतदाता सूची के पुनरीक्षण पर रहेगा पूरा फोकस
निर्वाचन आयोग का मानना है कि मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण लोकतांत्रिक प्रक्रिया का महत्वपूर्ण चरण है। ऐसे में अभियान से जुड़े अधिकारियों और कर्मियों का कार्यकाल स्थिर रहने से मतदाता सत्यापन और सूची अद्यतन का कार्य समयबद्ध और प्रभावी ढंग से पूरा किया जा सकेगा। आयोग ने स्पष्ट किया है कि 7 अक्टूबर तक किसी भी संबंधित अधिकारी या कर्मचारी का तबादला केवल आयोग की पूर्व स्वीकृति के बाद ही संभव होगा।
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