पटना : बिहार में दिव्यांगजनों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं को बस यात्रा के दौरान बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से परिवहन विभाग के मंत्री दामोदर रावत ने बिहार राज्य पथ परिवहन निगम (BSRTC) को निर्देश दिया है। मंत्री ने निगम को पत्र लिखकर कहा है कि राज्य में खरीदी जाने वाली सभी बसों को लो फ्लोर मॉडल में ही क्रय किया जाए, ताकि आम यात्रियों खासकर कमजोर वर्गों को चढ़ने-उतरने में किसी प्रकार की परेशानी न हो।
मंत्री दामोदर रावत ने कहा- बिहार में सार्वजनिक परिवहन को अधिक समावेशी बनाने के लिए यह कदम उठाया गया है
मंत्री दामोदर रावत ने कहा कि बिहार में सार्वजनिक परिवहन को अधिक समावेशी बनाने के लिए यह कदम उठाया गया है, ताकि सड़कों पर चलने वाली बसें हर वर्ग के यात्रियों के अनुकूल हों। यह बसें दिव्यांग भाई-बहनों, वरिष्ठ नागरिकों और गर्भवती महिलाओं के लिए वरदान साबित होंगी। इन बसों में सीढ़ियां नहीं होतीं, जिससे यात्रा न सिर्फ आसान बल्कि सुरक्षित भी हो जाती है। विभाग की कोशिश है कि आगामी 400 पीएम ई-बसें भी पूरी तरह लो फ्लोर हो।
लो फ्लोर बसों में सीढ़ियों की जगह हाइड्रॉलिक रैंप लगा होता है, जो आसानी से खुलता और बंद होता है – मंत्री दामोदर रावत
उन्होंने आगे कहा कि लो फ्लोर बसों में सीढ़ियों की जगह हाइड्रॉलिक रैंप लगा होता है, जो आसानी से खुलता और बंद होता है। दिव्यांग यात्री व्हीलचेयर के साथ भी इन बसों में सीधे प्रवेश कर सकते हैं। साथ ही इनकी ऊंचाई भी सड़कों से कम होती है। इस तरह की बसें सड़क से मात्र 320 से 400 मिलीमीटर ऊंची होती हैं, जिससे चढ़ना-उतरना बहुत आसान हो जाता है। बस में कुछ सीटों को मोड़कर बंद किया जा सकता है, जिससे व्हीलचेयर वाले यात्रियों के लिए पर्याप्त जगह बन जाती है। इन सभी सुविधाओं से बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं को संतुलन बनाए रखने में दिक्कत नहीं होगी और गिरने का खतरा भी काफी कम होगा।
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