Shravani Mela 2026: बाबा धाम में VIP दर्शन खत्म! श्रावणी मेला 2026 से पहले प्रशासन का बड़ा ऐलान

Shravani Mela 2026: श्रावणी मेला 2026 की तैयारियों के बीच, बाबा बैद्यनाथ धाम में दर्शन की व्यवस्था को लेकर ज़िला प्रशासन और तीर्थ पुरोहितों के समुदाय के बीच एक अहम बैठक हुई। इसमें श्रद्धालुओं की सुविधा, भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा से जुड़े कई महत्वपूर्ण फ़ैसले लिए गए। सबसे अहम फ़ैसला यह था कि इस साल के श्रावणी मेले के दौरान VIP, VVIP या ‘आउट-ऑफ-टर्न’ (बारी से हटकर) दर्शन की कोई व्यवस्था नहीं होगी। साथ ही, रविवार और सोमवार को ‘शीघ्र दर्शनम’ (एक्सप्रेस एंट्री) कूपन जारी नहीं किए जाएंगे।

VIP और VVIP दर्शन व्यवस्था पर रोक

बाबा बैद्यनाथ मंदिर के प्रशासनिक भवन में हुई इस बैठक की अध्यक्षता संयुक्त रूप से डिप्टी कमिश्नर सौरभ भुवानिया और पांडा धर्मरक्षिणी सभा के अध्यक्ष डॉ. सुरेश भारद्वाज ने की। प्रशासन ने साफ़ किया कि श्रावणी मेले के दौरान सभी श्रद्धालुओं के लिए दर्शन की प्रक्रिया को सुचारू और समान बनाने के मकसद से VIP, VVIP और आउट-ऑफ-टर्न दर्शन की सुविधाएँ उपलब्ध नहीं होंगी।

रविवार और सोमवार को ‘शीघ्र दर्शन’ कूपन नहीं

प्रशासन ने घोषणा की कि मेले के दौरान रविवार और सोमवार को ‘शीघ्र दर्शनम’ कूपन व्यवस्था पूरी तरह से बंद रहेगी। सप्ताह के बाकी पाँच दिनों में, श्रद्धालु तय व्यवस्था के तहत रात 8:00 बजे तक पवित्र जल (जलार्पण) चढ़ा सकेंगे। अधिकारियों ने कहा कि इस कदम से भीड़ प्रबंधन बेहतर होगा और श्रद्धालुओं को दर्शन का अधिक व्यवस्थित अनुभव मिल सकेगा।

श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा पर विशेष ज़ोर

तीर्थ पुरोहित समुदाय के प्रतिनिधियों ने कूपन व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण, पीने के पानी, स्वास्थ्य सेवाओं, साफ़-सफ़ाई, सुरक्षा, ट्रैफ़िक और मंदिर परिसर के भीतर अन्य व्यवस्थाओं के बारे में सुझाव दिए। प्रशासनिक अधिकारियों ने सभी बिंदुओं पर चर्चा की और भरोसा दिलाया कि श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षित और सुचारू दर्शन अनुभव सुनिश्चित करने के लिए व्यापक तैयारियाँ की जा रही हैं।

मेले से पहले नया ओवरब्रिज तैयार हो जाएगा

SDM और बाबा मंदिर के प्रभारी रवि कुमार ने बताया कि अभी बन रहा नया ओवरब्रिज अगले कुछ दिनों में पूरा हो जाने की उम्मीद है। इसका मकसद श्रावणी मेला शुरू होने से पहले इसे चालू करना है, ताकि श्रद्धालुओं की आवाजाही आसान हो सके। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि तीर्थयात्रियों के पुरोहितों के अधिकारों और परंपराओं का पूरा सम्मान किया जाएगा।

प्रशासन और तीर्थ पुरोहित समाज ने जताया सहयोग का भरोसा

पांडा धर्मरक्षिणी सभा के अध्यक्ष डॉ. सुरेश भारद्वाज ने कहा कि मेले की व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए कि न तो तीर्थयात्रियों और न ही पुरोहितों को कोई परेशानी हो। वहीं, ज़िला प्रशासन ने भरोसा दिलाया कि सभी संबंधित विभागों के बीच तालमेल बिठाकर यह सुनिश्चित करने की कोशिश की जाएगी कि इस साल का श्रावणी मेला सुरक्षित, सुव्यवस्थित और तीर्थयात्रियों के लिए सुविधाजनक हो।

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