पटना : राज्य के विभिन्न जिलों में होते ऊग्र प्रदर्शन के बीच आज यानी 25 जुलाई को बिहार बंद का आह्वान किया गया है। राष्ट्रीय पात्रता व प्रवेश परीक्षा (NEET) पेपर लीक, छात्रों पर लाठीचार्ज और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर आज लेफ्ट के छात्र संगठनों AISA और RYA ने बिहार बंद बुलाया है। बिहार बंद को राजद, कांग्रेस, वीआईपी और वामदलों का समर्थन मिला है। वहीं बिहार बंद को देखते हुए राज्यभर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। बिहार के सहरसा, कटिहार, भोजपुर, जहानाबाद, गयाजी, औरंगाबाद और सीतामढ़ी में बिहार बंद का असर दिख रहा है।
गांधी मैदान के पास छात्र हिरासत में, पुलिस अलर्ट पर
नीट पेपर लीक मामले को लेकर बुलाए गए बिहार बंद के बीच पटना में पुलिस पूरी तरह सतर्क नजर आ रही है। गांधी मैदान के गेट नंबर-10 के पास प्रदर्शन के लिए जुटे कुछ छात्रों को पुलिस ने मौके पर ही हिरासत में ले लिया। राष्ट्रीय टीवी का कैमरा ऑन होते ही पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए छात्रों को गिरफ्तार कर लिया।

पटना के गांधी मैदान स्थित गेट नंबर-10 के पास करीब 10 से 15 छात्र हाथों में पोस्टर और तख्तियां लेकर प्रदर्शन के लिए जुटे थे
आपको बता दें कि पटना के गांधी मैदान स्थित गेट नंबर-10 के पास करीब 10 से 15 छात्र हाथों में पोस्टर और तख्तियां लेकर प्रदर्शन के लिए जुटे थे। पुलिस मौके पर पहुंच गई और सभी छात्रों को हिरासत में ले लिया। पुलिस ने कुछ यूट्यूब क्रिएटर्स को भी हिरासत में लिया, जो घटनास्थल पर मौजूद थे।

नीट पेपर लीक मामले और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर बिहार बंद का आह्वान किया गया है
नीट पेपर लीक मामले और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर बिहार बंद का आह्वान किया गया है। इसे देखते हुए राजधानी पटना समेत पूरे राज्य में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। जगह-जगह पुलिस बल की तैनाती की गई है और प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है। जानकारी के अनुसार, कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए राज्यभर में 70 हजार से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है।

बिहार बंद के बीच जहानाबाद में हाई अलर्ट, 3 स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था में मुस्तैद दिखी पुलिस
बिहार बंद के मद्देनज़र जहानाबाद जिला प्रशासन और पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड में है। जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। शहर के प्रमुख चौक-चौराहों, रेलवे स्टेशन, कारगिल चौक, बस स्टैंड, सरकारी कार्यालयों और अन्य संवेदनशील स्थानों पर पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है।

SP कोटा किरण कुमार के निर्देश पर जिले में तीन-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है
पुलिस अधीक्षक कोटा किरण कुमार के निर्देश पर जिले में तीन-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है। सुरक्षा व्यवस्था की कमान नगर थाना, एडिशनल एसपी और डीएसपी स्तर के अधिकारियों को सौंपी गई है। पूरे शहर को अलग-अलग सेक्टरों में बांटकर अधिकारियों और पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति की गई है, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से तत्काल निपटा जा सके। पुलिस लगातार गश्त कर रही है और विशेष रूप से रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड तथा अन्य भीड़भाड़ वाले स्थानों पर पैनी नजर रखी जा रही है। वहीं असामाजिक और उपद्रवी तत्वों की गतिविधियों पर भी विशेष निगरानी रखी जा रही है।

सुबह से ही गश्ती दल लगातार पूरे जिले में भ्रमण कर रहे हैं – SP कोटा किरण कुमार
पुलिस अधीक्षक कोटा किरण कुमार ने बताया कि सुबह से ही गश्ती दल लगातार पूरे जिले में भ्रमण कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि फिलहाल जिले में सभी जगह स्थिति सामान्य और शांतिपूर्ण है। रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और संवेदनशील इलाकों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है और हर गतिविधि पर पुलिस की नजर बनी हुई है।

SP ने कहा- अबतक जहानाबाद में बिहार बंद का कोई बड़ा असर देखने को नहीं मिला है
एसपी ने कहा कि अबतक जहानाबाद में बिहार बंद का कोई बड़ा असर देखने को नहीं मिला है। प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और कानून-व्यवस्था भंग करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील भी की है।

शिक्षा मंत्री की इस्तीफा की मांग को लेकर गया में भी बंद का दिखा असर, अलग-अलग मुख्य मार्गों पर दिखे छात्र का हुजूम
नीट परीक्षा लीक मामले और पटना व दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज के विरोध में आज बिहार बंद का आह्वान किया गया। बंद के दौरान गया में भी विभिन्न छात्र संगठनों और राजनीतिक संगठनों के हजारों कार्यकर्ताओं ने आक्रोश मार्च निकाला। प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग करते हुए छात्रों पर लाठीचार्ज करने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की।

गया शहर में आज अलग-अलग स्थानों से छात्र संगठनों और अन्य संगठनों की ओर से आक्रोश मार्च निकाला गया
गया शहर में आज अलग-अलग स्थानों से छात्र संगठनों और अन्य संगठनों की ओर से आक्रोश मार्च निकाला गया। प्रदर्शनकारी हाथों में बैनर और पोस्टर लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए शहर के विभिन्न प्रमुख मार्गों से गुजरे। आक्रोश मार्च गया समाहरणालय सहित शहर के प्रमुख इलाकों में पहुंचा।

नीट परीक्षा लीक मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और इसकी जिम्मेदारी लेते हुए शिक्षा मंत्री को तत्काल इस्तीफा देना चाहिए – प्रदर्शनकारी
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि नीट परीक्षा लीक मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और इसकी जिम्मेदारी लेते हुए शिक्षा मंत्री को तत्काल इस्तीफा देना चाहिए। इसके साथ ही पटना और दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर कथित लाठीचार्ज करने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की गई। प्रदर्शन को देखते हुए गया में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। बड़ी संख्या में पुलिस बल के साथ रैफ और अन्य सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई थी। गया के एसएसपी सुशील कुमार खुद भी सड़कों पर नजर आए और प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ चलते हुए सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेते रहे।


सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है – SSP सुशील कुमार
एसएसपी सुशील कुमार ने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है। उन्होंने बताया कि गया में प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से चल रहा है और पुलिस पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए है। फिलहाल गया में प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा। पुलिस प्रशासन की ओर से शहर में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर लगातार निगरानी की जा रही है।

औरंगाबाद में छात्रों का उग्र प्रदर्शन, पथराव में एक पुलिसकर्मी व पत्रकार समेत 3 जख्मी
औरंगाबाद में नीट और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितता के विरोध में शुक्रवार को औरंगाबाद के रमेश चौक पर छात्रों का प्रदर्शन उग्र हो गया। इस दौरान हुए पथराव में एक पुलिसकर्मी, एक पत्रकार और एक युवक घायल हो गए। घायलों का इलाज सदर अस्पताल में कराया गया है।

सुबह से अलर्ट थी पुलिस
संभावित प्रदर्शन को देखते हुए सुबह से ही रमेश चौक और आसपास के इलाकों में पुलिस बल की तैनाती कर दी गई थी। थानाध्यक्ष के नेतृत्व में जवान लगातार गश्त कर रहे थे। बैरिकेडिंग कर वाहनों की जांच भी की जा रही थी। पूर्वाह्न 11:30 बजे तक चौक पूरी तरह शांत था और कोई प्रदर्शनकारी नहीं दिखा।

12 बजे के बाद अचानक भीड़ जुटी, जाम किया रास्ता
लेकिन दोपहर 12 बजते ही अचानक बड़ी संख्या में छात्र रमेश चौक पर पहुंच गए। प्रदर्शनकारियों ने तुरंत चौक की एक लेन को जाम कर दिया और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। प्रदर्शनकारी छात्रों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और प्रधानमंत्री के इस्तीफे की मांग की। साथ ही नीट पेपर लीक मामले, दिल्ली के जंतर-मंतर पर आंदोलनकारी छात्रों पर कार्रवाई और प्रदर्शन के दौरान की गई दंडात्मक कार्रवाई की कड़ी निंदा की।

बैरिकेड तोड़े, पथराव शुरू
कुछ देर बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया। उग्र छात्रों ने पुलिस द्वारा लगाए गए बैरिकेड को तोड़ दिया और उसे सड़क से हटाकर फेंक दिया। इसके बाद छात्रों ने चौक पर पड़े नारियल के टुकड़े और अन्य सामान उठाकर पुलिस पर फेंकना शुरू कर दिया। पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा।

पुलिसकर्मी, पत्रकार समेत 3 घायल
पथराव में हवलदार मो. मतलूब अली, दैनिक जागरण के पत्रकार मनीष तिवारी और मो. रिजवान नामक युवक घायल हो गए। सूचना मिलते ही 112 की टीम और वरीय अधिकारी मौके पर पहुंचे। तीनों घायलों को तुरंत सदर अस्पताल लाया गया, जहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें छुट्टी दे दी। डॉक्टरों के अनुसार, सभी की स्थिति खतरे से बाहर है।

सीतामढ़ी में आंदोलन के दौरान हिंसा
सीतामढ़ी में छात्रों का आंदोलन उस वक्त हिंसक हो गया, जब प्रदर्शनकारी शहर से डुमरा स्थित समाहरणालय पहुंचे। आरोप है कि कलक्ट्रेट परिसर के बाहर अचानक पथराव शुरू हो गया, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई।

स्थिति को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने पहले प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन हालात बिगड़ने पर पुलिस ने टीयर गैस के गोले छोड़े
वहीं स्थिति को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने पहले प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन हालात बिगड़ने पर पुलिस ने टीयर गैस के गोले छोड़े। इसके बाद प्रदर्शनकारी तितर-बितर हो गए। पूरे इलाके में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। घटना के बाद प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है और स्थिति फिलहाल नियंत्रण में बताई जा रही है।


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आशीष कुमार, रुपेश कुमार और अमित कुमार की रिपोर्ट
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