रांची सिविल कोर्ट के रिकॉर्ड रूम से 1973 के टाइटल सूट का करीब 50 साल पुराना अभिलेख गायब मिला है। रजिस्ट्रार ने कोतवाली थाने में प्राथमिकी दर्ज करायी।
Ranchi Civil Court रांची: सिविल कोर्ट के रिकॉर्ड रूम से करीब 50 साल पुराना टाइटल सूट का अभिलेख गायब होने के बाद गुरुवार को रजिस्ट्रार ने कोतवाली थाने में प्राथमिकी दर्ज करायी। गायब अभिलेख टाइटल सूट केस संख्या 14 1973 से संबंधित है। यह मुकदमा सेकंड एडिशनल सब-जज एच. नारायण की अदालत में 15 जुलाई 1977 को निष्पादित हुआ था। इसके बाद मामले से जुड़े अभिलेख सिविल कोर्ट के रिकॉर्ड रूम में सुरक्षित रखे गये थे।
अभिलेख की काफी तलाश के बाद भी जब वह नहीं मिला, तो कोर्ट प्रशासन ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
Ranchi Civil Court:1999 में ही अभिलेख को डिस्ट्रॉय दिखाये जाने का सवाल
मामले में अभिलेख के गायब होने के साथ कानूनी प्रक्रिया के पालन पर भी सवाल उठ रहे हैं। उपलब्ध रिकॉर्ड के अनुसार संबंधित अभिलेख को 4 सितंबर 1999 को ही डिस्ट्रॉय यानी नष्ट किया हुआ दिखाया गया है। इसके बावजूद अभिलेख के रिकॉर्ड रूम में होने या उसके बाद गायब होने की स्थिति की जांच की जा रही है।
सिविल कोर्ट में अभिलेख नहीं मिलने की जानकारी के बाद हड़कंप मच गया। काफी तलाश के बावजूद दस्तावेज नहीं मिलने पर पुलिस को सूचना दी गयी और प्राथमिकी दर्ज करायी गयी।
Key Highlights
- रांची सिविल कोर्ट के रिकॉर्ड रूम से 1973 के टाइटल सूट का अभिलेख गायब।
- करीब 50 साल पुराने मामले से जुड़ा है रिकॉर्ड।
- रजिस्ट्रार ने कोतवाली थाने में प्राथमिकी दर्ज करायी।
- रिकॉर्ड में अभिलेख को 4 सितंबर 1999 को ही डिस्ट्रॉय दिखाया गया है।
- पुलिस सीसीटीवी फुटेज, कंप्यूटर डेटा और कर्मचारियों के बयान की जांच करेगी।
Ranchi Civil Court:CCTV फुटेज और कंप्यूटर डेटा खंगालेगी पुलिस
पुलिस ने अभिलेख गायब होने के मामले में जांच शुरू कर दी है। अनुसंधान के दौरान रिकॉर्ड रूम के अंदर और बाहर लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज की जांच की जाएगी। इसके अलावा अब तक रिकॉर्ड रूम में कार्यरत रहे कर्मचारियों के बयान भी लिये जाएंगे।
पुलिस सिस्टम में संग्रहित डेटा का भी आकलन करेगी, ताकि यह पता लगाया जा सके कि अभिलेख रिकॉर्ड रूम में कब तक मौजूद था और उसके गायब होने के संबंध में कोई डिजिटल जानकारी उपलब्ध है या नहीं।
Ranchi Civil Court:फाइल-ए को रिकॉर्ड रूम में रखना अनिवार्य
नियमानुसार किसी भी दीवानी मुकदमे से संबंधित अभिलेख की फाइल-ए तैयार कर उसे अभिलेखागार में रखना अनिवार्य होता है। अभिलेखागार के प्रभारी को इसका कस्टोडियन बनाया जाता है और अभिलेखों के रख-रखाव की जिम्मेदारी उनके पास होती है।
खासकर जमीन विवाद से जुड़े मुकदमों के निष्पादन के बाद तैयार की गयी फाइल-ए को भविष्य के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। जरूरत पड़ने पर संबंधित पक्षकार कोर्ट में आवेदन देकर इसकी नकल हासिल कर सकता है।
Ranchi Civil Court:पहले भी गायब हो चुके हैं महत्वपूर्ण दस्तावेज
जुलाई 2026 में नामकुम अंचल से जमीन की खरीद-बिक्री और म्यूटेशन से जुड़े राजस्व अभिलेख गायब मिले थे। हाईकोर्ट ने मामले को गंभीरता से लेते हुए एसीबी जांच का आदेश दिया था। इसके बाद अगस्त 2026 में एसीबी ने तत्कालीन सीओ श्वेता वर्मा समेत तीन अधिकारियों के खिलाफ केस दर्ज किया।
अप्रैल 2024 में रांची जिला अभिलेखागार के रिकॉर्ड रूम की खिड़की की ग्रिल टूटी मिली थी। जमीन से जुड़े दस्तावेज अस्त-व्यस्त और उलट-पुलट मिले थे। हालांकि उस समय यह स्पष्ट नहीं हो सका था कि कौन से दस्तावेज गायब हुए थे।


















