Jharkhand High Court Football Ground Tender: झारखंड हाई कोर्ट ने रांची के धुर्वा में नए हाई कोर्ट कॉम्प्लेक्स के अंदर प्रस्तावित फुटबॉल मैदान के निर्माण के लिए शुरू की गई टेंडर प्रक्रिया पर अंतरिम रोक लगा दी है। हाई कोर्ट की एक डिवीज़न बेंच ने एडवोकेट्स एसोसिएशन की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश जारी किया। कोर्ट ने राज्य सरकार और हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल को इस मामले में 14 अगस्त तक विस्तृत जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।
एडवोकेट्स एसोसिएशन की याचिका पर सुनवाई
चीफ जस्टिस एमएस सोनाक और जस्टिस राजेश शंकर की डिवीज़न बेंच ने एडवोकेट्स एसोसिएशन के महासचिव नवीन कुमार द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई की। याचिका में फुटबॉल मैदान के निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया को चुनौती दी गई थी और उस पर रोक लगाने की मांग की गई थी। सुनवाई के बाद, कोर्ट ने टेंडर प्रक्रिया पर अंतरिम रोक लगा दी और संबंधित पक्षों को अपने जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया।
वकीलों के लिए अतिरिक्त चैंबर की मांग
याचिकाकर्ता, एडवोकेट्स एसोसिएशन का तर्क है कि हाई कोर्ट में प्रैक्टिस करने वाले वकीलों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिससे बैठने और काम करने के लिए पर्याप्त जगह की कमी हो रही है। एसोसिएशन ने कोर्ट से आग्रह किया है कि भविष्य की जरूरतों को पूरा करने के लिए उपलब्ध जमीन का इस्तेमाल फुटबॉल मैदान के बजाय वकीलों के लिए अतिरिक्त चैंबर बनाने में किया जाए।
सरकार और रजिस्ट्रार जनरल को नोटिस
डिवीज़न बेंच ने राज्य सरकार और हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल को 14 अगस्त तक काउंटर-एफिडेविट (जवाबी हलफनामा) दाखिल करने का निर्देश दिया है। इसके बाद, याचिकाकर्ता (एडवोकेट्स एसोसिएशन) को 18 अगस्त तक रिजॉइंडर (जवाबी हलफनामे का जवाब) दाखिल करने की अनुमति दी गई है। मामले की अगली सुनवाई 20 अगस्त को तय की गई है।
2024 के प्रस्ताव के आधार पर जारी टेंडर
केस रिकॉर्ड के अनुसार, हाई कोर्ट प्रशासन ने तत्कालीन चीफ जस्टिस के निर्देशों पर अमल करते हुए 2024 में इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के पहले चरण के लिए एक प्रस्ताव तैयार किया था। इस प्रस्ताव में जजों के लिए पांच आवास, रजिस्ट्री अधिकारियों के लिए पांच आवास, एक मल्टी-पर्पस ऑडिटोरियम और एक फुटबॉल मैदान के निर्माण का प्रावधान शामिल था। इसी प्रस्ताव के आधार पर राज्य सरकार के संबंधित विभाग ने हाल ही में फुटबॉल मैदान के निर्माण के लिए टेंडर जारी किया था, जिस पर हाई कोर्ट ने अब अंतरिम रोक लगा दी है।
अगली सुनवाई पर सबकी नज़रें
इस मामले में आगे क्या कदम उठाए जाएंगे, यह 20 अगस्त को होने वाली सुनवाई में तय होगा। इस सुनवाई में राज्य सरकार और हाई कोर्ट प्रशासन अपना-अपना पक्ष रखेंगे। फिलहाल, फुटबॉल मैदान के निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया पर लगी रोक जारी रहेगी।
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