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Digital Arrest Scam: रांची से दो गिरफ्तार, मुंबई के IT कंसल्टेंट से 1.67 करोड़ की ठगी

मुंबई के 55 वर्षीय IT कंसल्टेंट से 1.67 करोड़ की Digital Arrest ठगी मामले में रांची से दो आरोपी गिरफ्तार हुए। साइबर पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है।


Digital Arrest Scam रांची: मुंबई में करोड़ों रुपये की डिजिटल अरेस्ट साइबर ठगी के मामले में मुंबई साइबर पुलिस ने रांची से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बरियातू के कुसुम विहार निवासी जगेश्वर महतो और पुंदाग क्षेत्र निवासी जाबिर हुसैन के रूप में हुई है। दोनों आरोपियों को स्थानीय पुलिस की मदद से गिरफ्तार करने के बाद ट्रांजिट रिमांड पर मुंबई ले जाया गया है।


Key Highlights

  • डिजिटल अरेस्ट ठगी मामले में रांची से दो आरोपी गिरफ्तार

  • मुंबई के 55 वर्षीय आईटी कंसल्टेंट से 1.67 करोड़ रुपये की ठगी

  • ठगों ने खुद को ब्लू डार्ट कर्मचारी बताकर किया था संपर्क

  • सीबीआई, आरबीआई और सुप्रीम कोर्ट के नाम पर भेजे फर्जी दस्तावेज

  • ठगी की रकम का हिस्सा रांची के दोनों आरोपियों के खातों में पहुंचा


Digital Arrest Scam: ब्लू डार्ट कर्मचारी बनकर शुरू किया था खेल

मामला मुंबई के 55 वर्षीय आईटी कंसल्टेंट रुशांग महेंद्र वोरा से जुड़ा है। अप्रैल 2026 में साइबर अपराधियों ने उन्हें डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर 1.67 करोड़ रुपये की ठगी की थी।

आरोपियों ने सबसे पहले उन्हें फोन किया और खुद को ब्लू डार्ट कूरियर कंपनी का कर्मचारी बताया। ठगों ने दावा किया कि उनके नाम से भेजे गए एक पार्सल को कस्टम विभाग ने जब्त किया है। इस पार्सल में पांच पासपोर्ट, तीन एटीएम कार्ड, एक लैपटॉप और 200 ग्राम एमडीएमए ड्रग्स मिलने की झूठी कहानी बतायी गयी।

इसके बाद साइबर अपराधियों ने खुद को पुलिस और सीबीआई अधिकारी बताकर आईटी कंसल्टेंट को डराना शुरू किया। उन्हें मनी लाउंडिंग मामले में फंसाने की धमकी दी गयी। ठगों ने यह भी दावा किया कि उनके आधार कार्ड का इस्तेमाल आपराधिक गतिविधियों में किया गया है और उनका नाम एक चर्चित मनी लाउंडिंग मामले से जुड़ा है।

Digital Arrest Scam: CBI, RBI और सुप्रीम कोर्ट के नाम से भेजे फर्जी दस्तावेज

साइबर अपराधियों ने पीड़ित पर दबाव बनाने के लिए सीबीआई, आरबीआई और सुप्रीम कोर्ट के नाम से फर्जी दस्तावेज भी भेजे। लगातार पूछताछ और कानूनी कार्रवाई का डर दिखाकर पीड़ित को इस तरह मानसिक दबाव में लिया गया कि वह ठगों के निर्देशों का पालन करने लगा।

जांच के दौरान मुंबई साइबर पुलिस को पता चला कि ठगी से हासिल रकम का एक हिस्सा रांची के जगेश्वर महतो और जाबिर हुसैन के बैंक खातों में पहुंचा था। बैंक खातों में रकम के लेनदेन की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों की पहचान की और रांची पहुंचकर स्थानीय पुलिस की मदद से उन्हें गिरफ्तार कर लिया।

Digital Arrest Scam: सूरज समेत पूरे नेटवर्क की तलाश

गिरफ्तारी के बाद दोनों आरोपियों को ट्रांजिट रिमांड पर मुंबई ले जाया गया है। मुंबई साइबर पुलिस अब मामले में सूरज नामक एक अन्य आरोपी समेत पूरे साइबर ठगी नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है।

पुलिस यह भी जांच कर रही है कि दोनों आरोपियों की भूमिका केवल ठगी की रकम प्राप्त करने तक सीमित थी या वे साइबर अपराधियों के नेटवर्क में किसी अन्य स्तर पर भी सक्रिय थे। करोड़ों रुपये की डिजिटल अरेस्ट ठगी के इस मामले में रांची से गिरफ्तारी को इस तरह की कार्रवाई का पहला मामला माना जा रहा है।

 

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