CCL Job Scam: सीसीएल में नौकरी दिलाने के नाम पर 2 करोड़ की ठगी, फर्जी ज्वाइनिंग लेटर बांटने वाला आरोपी गिरफ्तार

 रांची में सीसीएल में नौकरी दिलाने के नाम पर करीब 2 करोड़ रुपये की ठगी का खुलासा हुआ है। पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। 60 से अधिक लोग ठगी का शिकार हुए।


CCL Job Scam रांची: राजधानी रांची में सीसीएल में क्लर्क की नौकरी दिलाने के नाम पर बड़े पैमाने पर ठगी का मामला सामने आया है। कोतवाली थाना पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी सुजीत कुमार सिन्हा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। आरोपी मूल रूप से बिहार के बख्तियारपुर का रहने वाला है और फिलहाल कांके थाना क्षेत्र के अरसंडे में मकान बनाकर रह रहा था।

पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी ने पिछले तीन वर्षों के दौरान 60 से अधिक बेरोजगार युवाओं और अभ्यर्थियों को नौकरी का झांसा देकर लगभग दो करोड़ रुपये की ठगी की है। इतना ही नहीं, भरोसा दिलाने के लिए उसने 11 अभ्यर्थियों को फर्जी ज्वाइनिंग लेटर भी जारी किए थे।


Key Highlights

  • सीसीएल में नौकरी दिलाने के नाम पर करीब 2 करोड़ रुपये की ठगी।

  • पुलिस ने मुख्य आरोपी सुजीत कुमार सिन्हा को गिरफ्तार किया।

  • पिछले तीन वर्षों में 60 से अधिक लोगों को बनाया शिकार।

  • 11 अभ्यर्थियों को दिए गए थे फर्जी ज्वाइनिंग लेटर।

  • रांची से नासिक तक फैला था ठगी का नेटवर्क।

पीड़ित अभ्यर्थियों ने बताया कि आरोपी लोगों का विश्वास जीतने के लिए बाकायदा इंटरव्यू की व्यवस्था करता था। पीड़िता रिमझिम ने बताया कि मई महीने में उसे दरभंगा हाउस स्थित सीसीएल के कॉन्फ्रेंस हॉल में इंटरव्यू के लिए बुलाया गया था।

उसने बताया कि इंटरव्यू के दौरान आरोपी सुजीत कुमार सिन्हा बाहर कैंटीन में बैठा था, जबकि कॉन्फ्रेंस हॉल के अंदर एक अन्य व्यक्ति ने उसका इंटरव्यू लिया। कमरे में शिव शंकर चंद्रा के नाम की नेम प्लेट लगी हुई थी, जिससे यह आभास हुआ कि इंटरव्यू लेने वाला व्यक्ति सीसीएल का अधिकारी है। इसी कारण अभ्यर्थियों को पूरी प्रक्रिया वास्तविक लगी और उन्होंने आरोपी पर भरोसा कर लिया।

हालांकि जब लंबे समय तक ज्वाइनिंग लेटर नहीं मिला और नौकरी की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ी तो पीड़ितों को संदेह हुआ। पैसा वापस मांगने पर आरोपी टालमटोल करने लगा, जिसके बाद मामला पुलिस तक पहुंचा।

CCL Job Scam:फर्जी मेरिट लिस्ट और ज्वाइनिंग लेटर से रचता था साजिश

जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी अभ्यर्थियों को प्रभावित करने के लिए फर्जी मेरिट लिस्ट, नकली मोहर और जाली दस्तावेजों का इस्तेमाल करता था। उसने कई उम्मीदवारों को फर्जी नियुक्ति पत्र जारी किए थे, जिससे उन्हें यकीन हो जाए कि उनकी नौकरी लग चुकी है।

पुलिस के अनुसार आरोपी नौकरी की प्रक्रिया को पूरी तरह वास्तविक दिखाने के लिए सुनियोजित तरीके से काम करता था। इसी कारण बड़ी संख्या में लोग उसके झांसे में आ गए।

CCL Job Scam:रांची से नासिक तक फैला था ठगी का नेटवर्क

पुलिस जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि आरोपी का नेटवर्क केवल रांची तक सीमित नहीं था। उसने रांची से लेकर महाराष्ट्र के नासिक तक अपना जाल फैला रखा था। जांच एजेंसियों को जानकारी मिली है कि नासिक में उसका एक कार्यालय भी संचालित हो रहा था।

पुलिस का मानना है कि इस पूरे रैकेट में कई अन्य लोग भी शामिल हैं, जो फिलहाल गिरफ्त से बाहर हैं। गिरोह के सदस्य विभिन्न स्थानों पर सीसीएल अधिकारियों के नाम का इस्तेमाल कर लोगों को नौकरी दिलाने का भरोसा देते थे और फिर उनसे मोटी रकम वसूलते थे।

CCL Job Scam:15 पीड़ित पहुंचे थाना, 18 लाख रुपये लेने की बात कबूली

आरोपी की गिरफ्तारी की सूचना मिलने के बाद मंगलवार को 15 पीड़ित अभ्यर्थी कोतवाली थाना पहुंचे। सभी ने पुलिस को अपने साथ हुई ठगी की जानकारी दी। पुलिस ने उनके बयान दर्ज कर लिए हैं।

जांच के दौरान आरोपी ने इन 15 अभ्यर्थियों से लगभग 18 लाख रुपये लेने की बात स्वीकार की है। पुलिस अब अन्य पीड़ितों की पहचान और उनसे हुई ठगी की रकम का भी आकलन कर रही है।

CCL Job Scam:जेवर और जमीन बेचकर जुटाए थे पैसे

पीड़ितों की आपबीती इस ठगी के दर्दनाक पहलू को सामने लाती है। कई अभ्यर्थियों ने नौकरी की उम्मीद में अपने जेवर तक बेच दिए, जबकि कुछ लोगों ने जमीन बेचकर या कर्ज लेकर पैसे जुटाए।

पीड़ित सचिन गुप्ता ने बताया कि आरोपी ने उनकी बेटी को नौकरी दिलाने का भरोसा दिया था। इसके लिए उन्होंने दो लाख रुपये कर्ज लेकर दिए, लेकिन न नौकरी मिली और न ही पैसा वापस मिला।

वहीं अमित कुमार महतो ने बताया कि उनकी पत्नी बीएड की पढ़ाई कर रही थी। आरोपी ने सीसीएल में नौकरी दिलाने का भरोसा देकर उन्हें पढ़ाई बीच में ही छोड़ने के लिए प्रेरित किया। परिवार ने जेवर बेचकर दो लाख रुपये दिए, लेकिन न नौकरी मिली और न ही रकम वापस हुई। इस घटना के बाद पूरा परिवार आर्थिक और मानसिक संकट से गुजर रहा है।

कोतवाली पुलिस ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। मामले की विस्तृत जांच जारी है और गिरोह में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है।

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