JPSC विवाद पर CP Singh ने CID जांच को लेकर सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि CBI जांच से पहले सबूत नष्ट करने की कोशिश हो रही है।
JPSC student protest रांची: JPSC विवाद को लेकर झारखंड में सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। भाजपा विधायक सीपी सिंह ने CID जांच को लेकर राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि CID जांच का उद्देश्य मामले की लीपापोती करना और संभावित सबूतों को नष्ट करना हो सकता है। सीपी सिंह ने कहा कि बाद में यदि CBI जांच होती है और उससे पहले महत्वपूर्ण सबूत नष्ट कर दिए जाते हैं, तो केंद्रीय एजेंसी के सामने भी जांच को लेकर मुश्किलें खड़ी हो सकती हैं।
सीपी सिंह ने कहा कि इस पूरे मामले में सिर्फ किसी एक संगठन या समूह के लोग जिम्मेदार नहीं हो सकते। उनका आरोप है कि यदि अनियमितताएं हुई हैं तो इसमें कई लोगों की मिलीभगत की जांच होनी चाहिए।
JPSC student protest:छात्रों पर लाठीचार्ज को बताया पुलिस की कायराना हरकत
छात्र आंदोलन के दौरान पुलिस की कार्रवाई पर भी सीपी सिंह ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने रात के अंधेरे में छात्रों पर लाठीचार्ज किए जाने और वापस लौट रहे छात्रों पर पीछे से कार्रवाई किए जाने का आरोप लगाया।
भाजपा विधायक ने पुलिस की इस कार्रवाई को कायराना बताते हुए इसकी कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों के साथ इस तरह की कार्रवाई नहीं होनी चाहिए।
Key Highlights
CP Singh ने JPSC मामले में CID जांच पर सवाल उठाए
आरोप लगाया कि CBI जांच से पहले सबूत नष्ट किए जा सकते हैं
छात्र आंदोलन के दौरान पुलिस कार्रवाई को बताया कायराना
BJP कार्यकर्ताओं के आंदोलन में शामिल होने के आरोप पर सरकार को घेरा
कहा, आरोप सही हैं तो संबंधित लोगों पर कठोर कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए
JPSC student protest:BJP कार्यकर्ताओं के शामिल होने के आरोप पर सरकार को घेरा
आंदोलन में भाजपा कार्यकर्ताओं के शामिल होने के आरोपों पर सीपी सिंह ने सरकार को सीधे तौर पर घेरा। उन्होंने कहा कि यदि सरकार के पास इस बात के प्रमाण हैं कि भाजपा के लोग आंदोलन में शामिल हुए थे, तो केवल आरोप लगाने के बजाय संबंधित लोगों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।
सीपी सिंह ने कहा कि वह स्वयं भाजपा के कार्यकर्ता और विधायक हैं। यदि भाजपा के लोग वास्तव में आंदोलन के दौरान उपद्रव में शामिल थे तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि केवल आरोप लगाने से काम नहीं चलेगा, बल्कि आरोप सही पाए जाने पर कानून के अनुसार कार्रवाई जरूरी है।
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