Jharia Land Subsidence: झरिया के भगतडीह स्थित पुराने आरएसपी कॉलेज के पीछे कामिनी कल्याण क्षेत्र में अचानक भू-धंसान की घटना से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। जमीन धंसने के कारण दर्जनों घरों और आसपास की जमीन में दरारें पड़ गईं। घटना के बाद लोगों में दहशत फैल गई और कई लोग अपने घरों से बाहर निकल आए। स्थानीय लोगों के अनुसार, भू-धंसान की वजह से चार घर पूरी तरह से धंस गए। स्थिति को देखते हुए कुछ परिवार घरों से जरूरी सामान निकालने में जुट गए। अचानक सामने आई इस घटना से प्रभावित इलाके में लोगों के बीच भय का माहौल बन गया।
दर्जनों घरों में पड़ी दरार, लोगों ने लगाया हैवी ब्लास्टिंग का आरोप
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने इसके लिए बीसीसीएल के एरिया-9 स्थित राजापुर परियोजना में होने वाली कथित हैवी ब्लास्टिंग को जिम्मेदार ठहराया। लोगों का आरोप है कि ब्लास्टिंग के कारण जमीन में कंपन हुआ और इसके बाद भू-धंसान की स्थिति पैदा हुई। स्थानीय लोगों ने यह भी कहा कि पहले धनबाद-झरिया मुख्य सड़क को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से ट्रेंच कटिंग की गई थी और हैवी ब्लास्टिंग पर रोक लगाई गई थी। उनका आरोप है कि इन व्यवस्थाओं का उल्लंघन किए जाने के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई। हालांकि, भू-धंसान के वास्तविक कारणों की आधिकारिक तकनीकी पुष्टि खबर लिखे जाने तक नहीं हुई है।
आक्रोशित लोगों ने धनबाद-सिंदरी मुख्य मार्ग किया जाम
भू-धंसान की घटना से नाराज स्थानीय लोगों ने भगतडीह के समीप धनबाद-सिंदरी मुख्य मार्ग को जाम कर दिया। सड़क जाम होने से मुख्य मार्ग पर आवागमन प्रभावित हुआ। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने प्रभावित परिवारों के लिए उचित व्यवस्था और मुआवजे की मांग की। स्थानीय लोगों का कहना था कि जिन परिवारों के घर भू-धंसान की वजह से प्रभावित हुए हैं, उनके रहने और सुरक्षा की तत्काल व्यवस्था की जानी चाहिए। घटना की जानकारी मिलने के बाद बीसीसीएल के अधिकारी और मेयर संजीव सिंह भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने प्रभावित क्षेत्र का जायजा लिया और स्थानीय लोगों से स्थिति की जानकारी ली।
नियोजन और मुआवजे पर बनी सहमति
मौके पर पहुंचने के बाद मेयर संजीव सिंह ने बीसीसीएल अधिकारियों से प्रभावित लोगों की समस्याओं को लेकर बातचीत की। बातचीत के बाद प्रभावित परिवारों के उचित नियोजन और मुआवजे को लेकर सहमति बनी। मेयर संजीव सिंह ने कहा कि अधिकारियों से बातचीत हुई है और रैयत या गैर-रैयत, सभी प्रभावित लोगों को उचित नियोजन एवं मुआवजा दिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि प्रभावित लोगों को तत्काल दूसरे स्थान पर आवास उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी।

आश्वासन के बाद हटाया गया सड़क जाम
बीसीसीएल की ओर से प्रभावित लोगों के लिए उचित व्यवस्था और मुआवजे को लेकर आश्वासन मिलने के बाद स्थानीय लोगों ने सड़क जाम समाप्त कर दिया। इसके बाद धनबाद-सिंदरी मुख्य मार्ग पर आवागमन सामान्य हुआ। घटना के बाद इलाके में भू-धंसान को लेकर चिंता बनी हुई है। स्थानीय लोग प्रभावित घरों और जमीन की स्थिति को लेकर सुरक्षा की मांग कर रहे हैं। वहीं, घटना के कारणों और प्रभावित क्षेत्र में आगे की स्थिति पर भी लोगों की नजर है। झरिया लंबे समय से कोयला खनन क्षेत्र के रूप में जाना जाता है। ऐसे में भू-धंसान की इस घटना के बाद स्थानीय लोगों की सुरक्षा और प्रभावित परिवारों के पुनर्वास का मुद्दा एक बार फिर सामने आया है। फिलहाल प्रभावित लोगों को तत्काल राहत और सुरक्षित आवास उपलब्ध कराने की मांग प्रमुखता से उठ रही है।



















