BRICS Summit New Delhi Declaration, पटना: भारत की अध्यक्षता में नई दिल्ली में आयोजित 18वें BRICS शिखर सम्मेलन में ‘नई दिल्ली घोषणापत्र’ पर सदस्य देशों की सर्वसम्मति को बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है। उन्होंने सम्मेलन की सफलता पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बधाई और धन्यवाद दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वैश्विक मंच पर भारत की भूमिका और प्रभाव मजबूत हुआ है। उन्होंने बिहार के सत्तु और मखाना को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने के लिए भी प्रधानमंत्री का आभार जताया।
‘नई दिल्ली घोषणापत्र’ पर सहमति को बताया महत्वपूर्ण उपलब्धि
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि BRICS देशों की ओर से ‘नई दिल्ली घोषणापत्र’ पर सर्वसम्मति बहुपक्षवाद और अंतरराष्ट्रीय सहयोग की भावना को मजबूत करने वाली उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में शांति, सहयोग और संवाद की जरूरत बढ़ी है। उनके अनुसार BRICS देशों की ओर से बहुपक्षवाद, अंतरराष्ट्रीय सहयोग और अधिक संतुलित वैश्विक व्यवस्था के प्रति प्रतिबद्धता जताया जाना महत्वपूर्ण संदेश है। मुख्यमंत्री ने भारत की अध्यक्षता में आयोजित 18वें BRICS शिखर सम्मेलन को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व से जोड़ते हुए कहा कि सम्मेलन के माध्यम से वैश्विक मुद्दों पर भारत की भूमिका सामने आई है।
UNSC में भारत की स्थायी सदस्यता के समर्थन का स्वागत
मुख्यमंत्री ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत और ब्राजील की स्थायी सदस्यता के समर्थन का भी स्वागत किया। उन्होंने कहा कि इससे वैश्विक शासन व्यवस्था में विकासशील देशों की भूमिका को मजबूती मिलने की उम्मीद है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं में सुधार की जरूरत पर भी जोर दिया। मुख्यमंत्री के अनुसार संस्थाओं को वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों के अनुरूप अधिक प्रतिनिधित्वपूर्ण और लोकतांत्रिक बनाने की दिशा में प्रयास जरूरी हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत लंबे समय से वैश्विक संस्थाओं में सुधार और विकासशील देशों को अधिक प्रतिनिधित्व देने की बात करता रहा है। उन्होंने BRICS के मंच पर ‘ग्लोबल साउथ’ की आवाज को मजबूती मिलने की बात भी कही।
आतंकवाद के खिलाफ BRICS के रुख की सराहना
मुख्यमंत्री ने BRICS देशों की ओर से आतंकवाद के खिलाफ व्यक्त किए गए रुख का भी स्वागत किया। उन्होंने 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले की निंदा का उल्लेख करते हुए आतंकवाद के सभी रूपों के खिलाफ कार्रवाई को जरूरी बताया। उन्होंने आतंकवाद की फंडिंग, आतंकवादियों की सीमा पार आवाजाही और उन्हें सुरक्षित पनाह देने वालों के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई की आवश्यकता बताई। मुख्यमंत्री के मुताबिक आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक स्तर पर एकजुटता जरूरी है। उन्होंने कहा कि शांति और सुरक्षा के लिए सभी देशों के बीच सहयोग को मजबूत किया जाना चाहिए।

व्यापार, ऊर्जा और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर जोर
मुख्यमंत्री ने वैश्विक अर्थव्यवस्था में बढ़ती अनिश्चितता के बीच नियम आधारित, खुली और निष्पक्ष व्यापार व्यवस्था को जरूरी बताया। उन्होंने BRICS देशों की ओर से वैश्विक व्यापार में कमी और आपूर्ति शृंखला में व्यवधान को लेकर जताई गई चिंता का भी उल्लेख किया। उन्होंने WTO में सुधार की आवश्यकता, ऊर्जा सुरक्षा और निरंतर ऊर्जा आपूर्ति जैसे मुद्दों को भी महत्वपूर्ण बताया। साथ ही युद्ध और संघर्षों का समाधान संवाद तथा कूटनीति के माध्यम से किए जाने की जरूरत बताई। मुख्यमंत्री ने नवीकरणीय ऊर्जा, परमाणु ऊर्जा और हाइड्रोजन समेत विभिन्न ऊर्जा स्रोतों के माध्यम से ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने और न्यायपूर्ण ऊर्जा संक्रमण के लिए सहयोग की जरूरत पर भी जोर दिया।
AI और डिजिटल तकनीक में सहयोग को बताया अहम
मुख्यमंत्री ने BRICS देशों के बीच आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, क्वांटम तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में सहयोग को भविष्य की अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि भारत की तकनीकी क्षमता और डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर का अनुभव विकासशील देशों के लिए उपयोगी हो सकता है। इसके साथ ही सतत विकास और गरीबी उन्मूलन को वैश्विक प्राथमिकता बनाए रखने की बात कही।
मुख्यमंत्री ने अंतरिक्ष विज्ञान और तकनीक के शांतिपूर्ण उपयोग तथा अंतरिक्ष में हथियारों की होड़ रोकने के प्रयासों को भी महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि BRICS सम्मेलन में भारत ने शांति, सहयोग, विकास और अधिक न्यायपूर्ण वैश्विक व्यवस्था को लेकर अपना दृष्टिकोण सामने रखा है। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत के बढ़ते वैश्विक प्रभाव को देश के लिए गौरव का विषय बताया और सम्मेलन की सफलता के लिए उन्हें बधाई एवं धन्यवाद दिया।



















