Ranchi News: अमिटी यूनिवर्सिटी झारखंड के अमिटी लॉ स्कूल (Amity Law School) में विद्यार्थियों के कानूनी कौशल विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ‘फंडामेंटल्स ऑफ मूटिंग 2.0’ विषय पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम अमिटी लॉ स्कूल के मूट कोर्ट एसोसिएशन (MCA) की ओर से 18 सितंबर को आयोजित हुआ। कार्यशाला का आयोजन विश्वविद्यालय के दृष्टिकोण और मिशन के अनुरूप किया गया। इस अवसर पर अमिटी यूनिवर्सिटी झारखंड के कुलपति डॉ. अशोक के. श्रीवास्तव ने अपनी शुभकामनाएं प्रेषित कीं।
मूटिंग की मूलभूत अवधारणाओं से परिचित हुए विद्यार्थी
‘फंडामेंटल्स ऑफ मूटिंग 2.0’ कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य विधि के विद्यार्थियों को मूटिंग की बुनियादी अवधारणाओं और उससे जुड़ी महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं की जानकारी देना था। मूट कोर्ट विधि शिक्षा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसके माध्यम से विद्यार्थियों को न्यायालयीन बहस, कानूनी तर्क और मामले की तैयारी का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त होता है। कार्यशाला में विद्यार्थियों को मूटिंग की समग्र प्रक्रिया से परिचित कराने का प्रयास किया गया। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को मूट कोर्ट प्रतियोगिताओं की तैयारी, आवश्यक कौशल और प्रभावी प्रस्तुति से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर मार्गदर्शन दिया गया।
कानूनी शोध और मेमोरियल लेखन पर विशेष मार्गदर्शन
कार्यशाला में कानूनी शोध, मेमोरियल लेखन एवं उसकी तैयारी जैसे विषयों पर विशेष ध्यान दिया गया। विद्यार्थियों को बताया गया कि किसी भी मूट कोर्ट प्रतियोगिता में मजबूत कानूनी शोध और व्यवस्थित लिखित प्रस्तुति की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। मेमोरियल तैयार करते समय तथ्यों, संबंधित कानूनों, न्यायिक निर्णयों और कानूनी तर्कों को सही तरीके से प्रस्तुत करना आवश्यक होता है। इस दिशा में विद्यार्थियों को प्रारंभिक स्तर पर आवश्यक जानकारी और मार्गदर्शन प्रदान किया गया। इसके साथ ही मौखिक वकालत से जुड़े पहलुओं पर भी चर्चा की गई, ताकि विद्यार्थी न्यायालय के समक्ष अपने तर्कों को स्पष्ट, तार्किक और प्रभावी तरीके से प्रस्तुत करने की क्षमता विकसित कर सकें।
न्यायालयीन शिष्टाचार और प्रतियोगिता की संरचना की जानकारी
कार्यशाला के दौरान न्यायालयीन शिष्टाचार तथा मूट कोर्ट प्रतियोगिता की समग्र संरचना पर भी चर्चा हुई। विद्यार्थियों को मूट कोर्ट में अनुशासन, प्रस्तुति की शैली, समय प्रबंधन और न्यायालयीन व्यवहार से संबंधित आवश्यक बिंदुओं से परिचित कराया गया। मूट कोर्ट प्रतियोगिता में केवल कानूनी जानकारी ही नहीं, बल्कि आत्मविश्वास, तर्क प्रस्तुत करने की क्षमता और निर्धारित प्रक्रिया का पालन भी महत्वपूर्ण होता है। कार्यशाला में इन सभी पहलुओं को समझाने का प्रयास किया गया। इस प्रशिक्षण के माध्यम से विद्यार्थियों को मूटिंग से जुड़े व्यावहारिक अनुभव और प्रतियोगिता की तैयारी के लिए उपयोगी आधार उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया।

Lex Provecta: Intra Moot Court Competition 2026 की तैयारी
कार्यशाला का एक प्रमुख उद्देश्य विद्यार्थियों को आगामी ‘Lex Provecta: Intra Moot Court Competition 2026’ में आत्मविश्वास के साथ भाग लेने के लिए तैयार करना था। मूट कोर्ट एसोसिएशन की ओर से आयोजित इस कार्यशाला के माध्यम से विद्यार्थियों को प्रतियोगिता में प्रभावी भागीदारी के लिए आवश्यक मूटिंग कौशल से परिचित कराया गया। साथ ही उन्हें एक जागरूक और सक्षम स्वयंसेवक के रूप में अपनी भूमिका निभाने के लिए भी प्रेरित किया गया। कार्यशाला से विद्यार्थियों को प्रतियोगिता की तैयारी के साथ-साथ टीमवर्क, शोध, लेखन और सार्वजनिक प्रस्तुति जैसे कौशल विकसित करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

विधि विद्यार्थियों में मूटिंग संस्कृति को बढ़ावा देने की पहल
अमिटी लॉ स्कूल झारखंड की इस पहल का उद्देश्य विधि विद्यार्थियों के बीच प्रारंभिक स्तर से ही मूटिंग संस्कृति को मजबूत करना है। मूट कोर्ट गतिविधियां विद्यार्थियों को पुस्तकीय ज्ञान के साथ व्यावहारिक कानूनी अनुभव प्राप्त करने का अवसर देती हैं। कार्यशाला के माध्यम से कौशल विकास, पेशेवर कानूनी समझ और न्यायालयीन प्रक्रियाओं के प्रति विद्यार्थियों की रुचि को बढ़ावा देने का प्रयास किया गया। ऐसे कार्यक्रम भविष्य में विद्यार्थियों को कानूनी शिक्षा के व्यावहारिक पक्ष से जोड़ने में सहायक हो सकते हैं। अमिटी लॉ स्कूल के मूट कोर्ट एसोसिएशन द्वारा आयोजित ‘फंडामेंटल्स ऑफ मूटिंग 2.0’ कार्यशाला को विधि विद्यार्थियों के प्रशिक्षण और आगामी मूट कोर्ट प्रतियोगिता की तैयारी से जोड़कर देखा जा रहा है।
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