Santosh Kumar Suman Congress Statement, पटना: बिहार सरकार के लघु जल संसाधन मंत्री और हिन्दुस्तानी अवाम मोर्चा (से.) के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. संतोष कुमार सुमन ने कांग्रेस और विपक्षी दलों पर तीखा राजनीतिक हमला बोला है। उन्होंने कहा कि भारत किसी राजनीतिक दल, परिवार या खानदान की बपौती नहीं है, बल्कि 140 करोड़ देशवासियों का लोकतांत्रिक गणराज्य है। देश संविधान, लोकतांत्रिक मूल्यों और जनता की सामूहिक शक्ति से चलता है। कांग्रेस को यह गलतफहमी दूर कर लेनी चाहिए कि देश की सत्ता और राजनीति पर उसका कोई पुश्तैनी अधिकार है।
कांग्रेस पर संतोष कुमार सुमन का तीखा हमला
डॉ. संतोष कुमार सुमन ने कहा कि लोकतंत्र में जनता सर्वोपरि होती है और राजनीतिक दल जनता के सेवक होते हैं। जब जनता कांग्रेस को सत्ता सौंपती है तो वह जनादेश होता है और जब किसी दूसरे दल को चुनती है तो उस फैसले का भी सम्मान किया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव में हार के बाद जनादेश और लोकतांत्रिक व्यवस्था पर सवाल उठाना कांग्रेस की दोहरी मानसिकता को दर्शाता है। उन्होंने कांग्रेस को व्यक्तिवाद, राजनीतिक अहंकार और निराधार आरोपों की राजनीति छोड़ने की सलाह दी। उनके अनुसार, लोकतंत्र में जनता के फैसले को स्वीकार करना हर राजनीतिक दल की जिम्मेदारी है।
तेजस्वी यादव समेत विपक्षी नेताओं पर भी साधा निशाना
हम (से.) के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने विपक्षी राजनीति में सक्रिय कई नेताओं को भी निशाने पर लिया। उन्होंने तेजस्वी यादव, ममता बनर्जी, अरविंद केजरीवाल, अखिलेश यादव और उद्धव ठाकरे का नाम लेते हुए कहा कि इन नेताओं को भी आत्ममंथन करना चाहिए कि उनकी राजनीति का सकारात्मक एजेंडा क्या है। संतोष कुमार सुमन ने आरोप लगाया कि आज विपक्ष केवल विरोध की राजनीति तक सीमित होता जा रहा है। उन्होंने कहा कि देश को केवल सत्ता के लिए एकजुट हुए राजनीतिक दलों के गठजोड़ की नहीं, बल्कि विकास का ठोस विकल्प देने वाली राजनीति की जरूरत है।
संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाने को लेकर जताई नाराजगी
मंत्री ने कहा कि संवैधानिक संस्थाओं को बार-बार कटघरे में खड़ा करने और जनता के फैसले को नकारने से राजनीतिक जवाबदेही से बचा नहीं जा सकता। विपक्ष का दायित्व केवल सरकार का विरोध करना नहीं है, बल्कि देश के विकास में सकारात्मक भूमिका निभाना भी है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में असहमति और विरोध का अधिकार महत्वपूर्ण है, लेकिन इसके साथ संवैधानिक मर्यादाओं और जनादेश का सम्मान भी जरूरी है।
भारत किसी परिवार की बपौती नहीं, 140 करोड़ देशवासियों का लोकतांत्रिक गणराज्य है …
भारत किसी राजनीतिक दल, परिवार या खानदान की बपौती नहीं है। यह देश संविधान, लोकतांत्रिक मूल्यों और 140 करोड़ देशवासियों की सामूहिक शक्ति से चलता है। कांग्रेस को यह गलतफहमी अपने दिमाग से निकाल देनी…
— Dr. Santosh Kumar Suman (@santoshmanjhi_) November 4, 2026
‘देश को आरोपों की नहीं, विकास की राजनीति चाहिए’
डॉ. संतोष कुमार सुमन ने विपक्ष की मौजूदा राजनीति पर टिप्पणी करते हुए कहा कि देश को राजनीतिक हताशा और आरोप-प्रत्यारोप की नहीं, बल्कि स्पष्ट नीति, विकास की दृष्टि और जवाबदेह विपक्ष की जरूरत है। उन्होंने विपक्षी दलों पर चुनावी हार के बाद व्यवस्था पर सवाल उठाने का आरोप लगाया।
‘भारत संविधान से चलेगा, किसी परिवार की मर्जी से नहीं’
अपने बयान के अंत में संतोष कुमार सुमन ने कहा कि भारत की राजनीतिक व्यवस्था संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों के आधार पर चलती है। किसी एक परिवार या राजनीतिक दल का देश की सत्ता पर स्थायी अधिकार नहीं हो सकता। उन्होंने दोहराया कि जनता ही लोकतंत्र की असली मालिक है और राजनीतिक दलों को जनता के फैसले का सम्मान करना चाहिए।
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