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Bihar Drug Crackdown 2026: बिहार में 2026 के दौरान नशे के कितने कारोबारी पकड़े गए? सरकार ने जारी किए कार्रवाई के आंकड़े

बिहार में 2026 में नशे के कारोबार के खिलाफ तेज कार्रवाई हुई। 27 अक्टूबर तक 4,232 मामले दर्ज और 6,104 आरोपितों को गिरफ्तार किया गया।

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Bihar Drug Crackdown 2026, पटना: बिहार में नशीले पदार्थों की तस्करी और अवैध कारोबार के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई तेज हुई है। वर्ष 2026 में 27 अक्टूबर तक एनडीपीएस एक्ट के तहत 4,232 मामले दर्ज किए गए और 6,104 आरोपितों को गिरफ्तार किया गया। पिछले वर्ष 2025 में पूरे साल 2,583 मामले दर्ज हुए थे और 3,562 गिरफ्तारियां हुई थीं। इन आंकड़ों की जानकारी बुधवार, 4 नवंबर 2026 को मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में दी गई। बैठक में मादक पदार्थों की जब्ती, अवैध खेती के विनष्टीकरण, आरोपितों को सजा दिलाने और तस्करों की अवैध संपत्ति की जांच जैसे मुद्दों की समीक्षा की गई।

2026 में एनडीपीएस के 4,232 मामले, 6,104 गिरफ्तारियां

मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में हुई बैठक में मद्य निषेध एवं राज्य स्वापक नियंत्रण ब्यूरो की ओर से राज्य में नशीले पदार्थों के खिलाफ चल रही कार्रवाई का ब्योरा प्रस्तुत किया गया। बैठक में पुलिस महानिदेशक प्रीता वर्मा, गृह विभाग के प्रधान सचिव पंकज कुमार, अपर पुलिस महानिदेशक (विधि-व्यवस्था) रत्न संजय और गृह विभाग के विशेष सचिव क्षत्रनील सिंह मौजूद रहे। प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2026 में 27 अक्टूबर तक एनडीपीएस अधिनियम के तहत 4,232 प्राथमिकी दर्ज की गईं।

इस दौरान 6,104 आरोपितों को गिरफ्तार किया गया। इसकी तुलना में वर्ष 2025 में पूरे साल 2,583 मामले दर्ज हुए थे और 3,562 लोगों की गिरफ्तारी हुई थी। वहीं, वर्ष 2023 से 27 अक्टूबर 2026 तक बिहार में कुल 11,347 मामले दर्ज किए गए और 13,543 आरोपितों को गिरफ्तार किया गया।

46 हजार किलो से अधिक गांजा और भारी मात्रा में नशीले पदार्थ जब्त

नशीले पदार्थों की बरामदगी के मामले में भी वर्ष 2026 के आंकड़े सामने आए हैं। 27 अक्टूबर तक पुलिस ने 46,549.95 किलोग्राम गांजा जब्त किया है। इसके अलावा 149.696 किलोग्राम हेरोइन, ब्राउन शुगर और स्मैक की बरामदगी हुई है। कार्रवाई के दौरान 11,56,380 नशीली गोलियां और कैप्सूल, 4,92,870 नशीले इंजेक्शन तथा कोडीन युक्त कफ सिरप की 5,11,988 बोतलें भी जब्त की गईं। जिलावार आंकड़ों में गांजा की जब्ती के मामले में अररिया सबसे आगे रहा। यहां 10,573 किलोग्राम गांजा बरामद किया गया। सुपौल में 8,813 किलोग्राम और मधुबनी में 4,483 किलोग्राम गांजा जब्त हुआ। वहीं, हेरोइन की बरामदगी में पटना 24.1 किलोग्राम के साथ पहले और पूर्णिया 20 किलोग्राम के साथ दूसरे स्थान पर रहा।

जब्त मादक पदार्थों का विनष्टीकरण 10.1 गुना बढ़ा

बैठक में जब्त मादक पदार्थों को नष्ट करने की कार्रवाई की भी समीक्षा की गई। प्रस्तुत जानकारी के मुताबिक, वर्ष 2025 की तुलना में वर्ष 2026 में बिहार पुलिस द्वारा जब्त नशीले पदार्थों का विनष्टीकरण लगभग 10.1 गुना बढ़कर 25,247 किलोग्राम तक पहुंच गया है। अवैध अफीम की खेती के खिलाफ भी कार्रवाई की गई। फसल वर्ष 2025-26 में इस संबंध में 37 मामले दर्ज किए गए और 198 आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई की गई। इस दौरान कुल 512.235 एकड़ में फैली अवैध अफीम की फसल नष्ट की गई। इसमें गया जी जिले में अकेले 508.755 एकड़ क्षेत्र की फसल शामिल है। आंकड़ों के अनुसार, अवैध खेती के खिलाफ कार्रवाई का बड़ा हिस्सा गया जी जिले में केंद्रित रहा।

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1,652 मामलों में 2,225 आरोपितों को सजा

नशीले पदार्थों के कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ त्वरित न्याय सुनिश्चित करने के लिए बिहार में 10 विशेष न्यायालय काम कर रहे हैं। बैठक में बताया गया कि वर्ष 2021 से अगस्त 2026 तक कुल 1,652 मामलों में 2,225 आरोपितों को सजा दिलाई जा चुकी है। आदतन अपराधियों पर नियंत्रण के लिए पीआईटी-एनडीपीएस अधिनियम के तहत 132 प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इनमें से तीन निरोध आदेश गृह विभाग की ओर से जारी कर तामील कराए जा चुके हैं। इसके अलावा व्यावसायिक मात्रा से जुड़े 231 मामलों में 417 आरोपितों की अवैध संपत्ति की वित्तीय जांच चल रही है। इसका उद्देश्य मादक पदार्थों के अवैध कारोबार से अर्जित संपत्ति और उससे जुड़े नेटवर्क की पहचान करना है।

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मानस पोर्टल से मिले 3,718 इनपुट, 138 प्राथमिकी दर्ज

नशीले पदार्थों से जुड़ी सूचनाओं के आदान-प्रदान और उन पर कार्रवाई के लिए मानस पोर्टल का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। इस पोर्टल के माध्यम से अब तक 3,718 इनपुट प्राप्त हुए। इन सूचनाओं के आधार पर कार्रवाई करते हुए 138 प्राथमिकी दर्ज की गईं। जन-जागरूकता के लिए राज्य में 27 अक्टूबर से 26 नवंबर 2026 तक ‘नशा मुक्त बिहार अभियान 2026’ चलाया जा रहा है। इसके साथ ही शैक्षणिक संस्थानों के 500 मीटर के दायरे को ड्रग फ्री जोन घोषित करने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार का उद्देश्य युवाओं और विद्यार्थियों को नशीले पदार्थों की पहुंच और उनके दुष्प्रभावों से बचाना है।

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अस्पतालों में बनेंगे नशामुक्ति वार्ड, पुलिस को मिलेगा विशेष प्रशिक्षण

समीक्षा बैठक के अंत में मुख्य सचिव ने नशे के खिलाफ अभियान को प्रभावी बनाने के लिए कई निर्देश दिए। मुख्यमंत्री स्तर पर इसकी निरंतर समीक्षा करने और जिला स्तर पर नियमित मासिक एनकॉर्ड बैठकें आयोजित करने को कहा गया। सभी मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में नशामुक्ति के लिए समर्पित वार्ड बनाने का निर्देश भी दिया गया। इसके अलावा पुलिस बल को विशेष प्रशिक्षण देने और मामलों में प्रभावी अभियोजन सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। सरकार की रणनीति में नशीले पदार्थों की जब्ती और तस्करों की गिरफ्तारी के साथ नशे की लत से प्रभावित लोगों के उपचार और पुनर्वास को भी शामिल किया गया है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
बिहार में 2026 में Bihar Drug Crackdown के तहत कितने मामले दर्ज किए गए?

27 अक्टूबर 2026 तक एनडीपीएस एक्ट के तहत 4,232 मामले दर्ज किए गए और 6,104 आरोपितों को गिरफ्तार किया गया। यह 2025 के पूरे साल के 2,583 मामलों की तुलना में लगभग दोगुना है।

बिहार में कितना गांजा और हेरोइन जब्त किया गया?

27 अक्टूबर 2026 तक 46,549.95 किलोग्राम गांजा और 149.696 किलोग्राम हेरोइन, ब्राउन शुगर और स्मैक जब्त किए गए। इसके अलावा 11 लाख से अधिक नशीली गोलियां और 5 लाख से अधिक कफ सिरप की बोतलें भी बरामद की गईं।

Bihar Drug Crackdown में किन जिलों में सबसे ज्यादा गांजा बरामद किया गया?

अररिया में 10,573 किलोग्राम, सुपौल में 8,813 किलोग्राम और मधुबनी में 4,483 किलोग्राम गांजा जब्त किया गया। हेरोइन की बरामदगी में पटना सबसे आगे रहा।

बिहार में अवैध अफीम की खेती के खिलाफ क्या कार्रवाई हुई?

फसल वर्ष 2025-26 में 37 मामले दर्ज किए गए और 198 आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई की गई। कुल 512.235 एकड़ में अवैध अफीम की फसल नष्ट की गई, जिसमें गया जिले में 508.755 एकड़ शामिल है।

Bihar Drug Crackdown से जुड़े मामलों में कितनी सजाएं दिलाई गईं?

वर्ष 2021 से अगस्त 2026 तक कुल 1,652 मामलों में 2,225 आरोपितों को सजा दिलाई जा चुकी है। बिहार में इसके लिए 10 विशेष न्यायालय काम कर रहे हैं।

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