Mudma Jatra 2026, रांची: ऐतिहासिक 40 पड़हा मुड़मा जतरा के सफल, सुरक्षित और सुव्यवस्थित आयोजन को लेकर झारखंड सरकार की कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री और मांडर विधायक शिल्पी नेहा तिर्की ने समीक्षा बैठक की। बैठक में उन्होंने जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन और संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। मंत्री ने कहा कि मुड़मा जतरा झारखंड की समृद्ध आदिवासी परंपरा, सामाजिक एकता और सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण प्रतीक है। यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और आम लोगों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए सुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं की पर्याप्त व्यवस्था जरूरी है।
सुरक्षा और यातायात व्यवस्था पर विशेष जोर
मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने अधिकारियों को सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतने का निर्देश दिया। उन्होंने ग्रामीण पुलिस अधीक्षक को जिला पुलिस अधीक्षक के साथ समन्वय बनाकर सुरक्षा तैयारियों की विस्तृत समीक्षा करने और जरूरत के अनुसार पर्याप्त पुलिस बल तैनात करने को कहा। उन्होंने संवेदनशील स्थानों पर पुलिस की मौजूदगी, भीड़ नियंत्रण, यातायात प्रबंधन और आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने की व्यवस्था सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उद्देश्य यह है कि जतरा में आने वाले श्रद्धालुओं को सुरक्षित वातावरण मिले और आवागमन में परेशानी न हो।

बिजली, प्रकाश, पेयजल और स्वच्छता की व्यवस्था दुरुस्त करने का निर्देश
जतरा के दौरान शाम से सुबह तक चलने वाले कार्यक्रमों को ध्यान में रखते हुए मंत्री ने बिजली विभाग को जरूरी स्थानों पर पर्याप्त रोशनी और निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने जतरा समिति के साथ समन्वय कर बिजली की जरूरतों का दोबारा आकलन करने और आवश्यक तैयारियां समय रहते पूरी करने को कहा। इसके साथ ही पेयजल, स्वच्छता और अन्य बुनियादी सुविधाओं की बेहतर व्यवस्था पर भी जोर दिया गया, ताकि श्रद्धालुओं को आयोजन के दौरान किसी प्रकार की असुविधा न हो।

तीनों राजकीय जतरा का बजट बढ़ाने का प्रस्ताव मुख्यमंत्री के समक्ष रखेंगी
मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि मुड़मा जतरा की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्ता को देखते हुए आयोजन के लिए पर्याप्त वित्तीय संसाधन उपलब्ध होना जरूरी है। महंगाई और आयोजन की बढ़ती जरूरतों के कारण मौजूदा बजट में वृद्धि की आवश्यकता महसूस की जा रही है। उन्होंने बताया कि मांडर विधानसभा क्षेत्र के तीनों राजकीय जतरा के वार्षिक बजट में बढ़ोतरी के लिए वह जतरा समितियों के प्रतिनिधिमंडल के साथ मुख्यमंत्री से मुलाकात करेंगी।
इस दौरान वर्तमान बजट, आयोजन की वास्तविक लागत और भविष्य की जरूरतों को सामने रखते हुए प्रस्ताव पेश किया जाएगा। मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि पहले स्वीकृत 70 लाख रुपये के आवंटन से अधिक हुए खर्च की जिम्मेदारी समिति को अपने स्तर पर देखनी होगी। भविष्य में बजट बढ़ाने के लिए वास्तविक व्यय और अतिरिक्त वित्तीय जरूरतों का स्पष्ट विवरण प्रस्तुत करना होगा।


आदिवासी सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक एकता का प्रतीक है मुड़मा जतरा
मंत्री ने कहा कि आदिवासी-मूलवासी समाज ने अपनी परंपराओं और मान्यताओं को पीढ़ी-दर-पीढ़ी संरक्षित रखा है। 40 पड़हा मुड़मा जतरा इसी ऐतिहासिक परंपरा, सामाजिक एकजुटता और सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि ऐसी विरासत का संरक्षण और संवर्धन समाज, सरकार और प्रशासन की साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने झारखंडवासियों से जतरा में भाग लेने और अपनी सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने की अपील की। बैठक में ग्रामीण पुलिस अधीक्षक, रांची के अनुमंडल पदाधिकारी, खलारी एवं बेड़ो के डीएसपी, मांडर, चान्हो, बेड़ो, इटकी और बुढ़मू के बीडीओ एवं सीओ सहित पेयजल, बिजली और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।


















