Mithilesh Tiwari School Inspection: बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी सोमवार को गोपालगंज प्रवास के दौरान कभी अभिभावक तो कभी गुरु की भूमिका में नजर आए। उन्होंने अपने पैतृक गांव डुमरिया के मिडिल स्कूल और दुबौली कन्या मध्य विद्यालय का निरीक्षण किया। इस दौरान मंत्री ने कक्षाओं में पहुंचकर बच्चों और शिक्षकों से बातचीत की तथा विद्यालय से जुड़ी समस्याओं की जानकारी ली।
पैतृक गांव के स्कूलों का किया निरीक्षण
शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने अपने दौरे के दौरान दोनों विद्यालयों की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने करीब आधे घंटे तक स्कूल परिसर और कक्षाओं में जाकर स्थिति देखी। निरीक्षण के दौरान उनका ध्यान बच्चों की पढ़ाई और विद्यालय में उपलब्ध सुविधाओं पर रहा।
बच्चों से सीधे पूछा, पढ़ाई में क्या आ रही परेशानी?
मंत्री ने विद्यार्थियों से उनकी पढ़ाई, स्कूल के माहौल और विद्यालय से जुड़ी समस्याओं के बारे में पूछा। बच्चों ने जो बातें रखीं, उन्हें उन्होंने ध्यान से सुना। शिक्षकों से भी बातचीत कर विद्यालय की व्यवस्था और पढ़ाई से संबंधित जानकारी ली।
अधिकारियों को व्यवस्था सुधारने के निर्देश
निरीक्षण के दौरान शिक्षा मंत्री ने मौके पर मौजूद विभागीय अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि बच्चों को विद्यालय में पढ़ाई के लिए बेहतर वातावरण और जरूरी सुविधाएं मिलनी चाहिए।
बच्चों की समस्याओं को समझने पर रहा जोर
मिथिलेश तिवारी का यह दौरा विद्यालयों की जमीनी स्थिति को समझने और विद्यार्थियों की जरूरतों की जानकारी लेने के उद्देश्य से किया गया। बच्चों और शिक्षकों से सीधे संवाद के जरिए उन्होंने स्कूलों की व्यवस्थाओं में सुधार की जरूरतों पर ध्यान दिया।
शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कौन से स्कूलों का निरीक्षण किया?
उन्होंने गोपालगंज के अपने पैतृक गांव डुमरिया के मिडिल स्कूल और दुबौली कन्या मध्य विद्यालय का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान मंत्री ने क्या किया?
मंत्री ने कक्षाओं में जाकर बच्चों और शिक्षकों से बातचीत की, विद्यालय की व्यवस्थाओं का जायजा लिया और बच्चों की समस्याओं को सुना।
मिथिलेश तिवारी ने निरीक्षण के बाद क्या निर्देश दिए?
उन्होंने विभागीय अधिकारियों को बच्चों के लिए बेहतर पढ़ाई का माहौल और आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
Highlights


















