कटिहार में शिक्षा विभाग की DPO रूबी कुमारी के आवासों पर EOU Raid चलाई गई। आय से अधिक संपत्ति के आरोपों की जांच की जा रही है।
Google पर 22Scope चुनेंRuby Kumari EOU Raid, कटिहार: आय से अधिक संपत्ति के मामले में आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने शिक्षा विभाग की जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (DPO) रूबी कुमारी के ठिकानों पर छापेमारी तेज कर दी है। मंगलवार, 3 नवंबर 2026 को जांच एजेंसी की टीमें पटना, किशनगंज और कटिहार समेत कुल चार स्थानों पर एक साथ तलाशी अभियान चला रही हैं। कटिहार में रूबी कुमारी के दो अलग-अलग आवासों पर स्थानीय पुलिस बल की मदद से जांच की जा रही है। कार्रवाई की खबर फैलते ही दोनों ठिकानों के बाहर लोगों की भीड़ जुट गई। EOU की टीम सुबह से ही कटिहार के बरमसिया मोहल्ले के मुंशी टोला और बरमसिया ग्रिड के पास स्थित आवास पर मौजूद है। दोनों परिसरों को सुरक्षा घेरे में लेकर तलाशी ली जा रही है। जांच एजेंसी का मुख्य फोकस कथित तौर पर आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक अर्जित संपत्ति और उससे जुड़े वित्तीय लेन-देन की जानकारी जुटाना है।
कटिहार के दो आवासों पर एक साथ पहुंची EOU की टीम
छापेमारी के लिए पहुंची टीम ने सहायक थाना क्षेत्र के बरमसिया मोहल्ले स्थित मुंशी टोला और बरमसिया रेलवे ग्रिड के समीप बने आवास को जांच के दायरे में लिया है। दोनों स्थानों पर अधिकारियों ने घर के अलग-अलग हिस्सों की तलाशी शुरू की। जांच के दौरान स्थानीय पुलिस बल भी मौजूद रहा, ताकि कार्रवाई के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनी रहे। एजेंसी की टीमें घर में रखे सामान और संपत्ति से जुड़े कागजात की बारीकी से जांच कर रही हैं। कार्रवाई के दौरान किसी बाहरी व्यक्ति को आवास के अंदर जाने की अनुमति नहीं दी गई है।
नकदी, गहने और जमीन के कागजात की हो रही जांच
आय से अधिक संपत्ति के आरोपों की पड़ताल के लिए EOU की टीम नकदी, आभूषण, जमीन की खरीद-बिक्री से जुड़े दस्तावेज और बैंक खातों की जानकारी खंगाल रही है। इसके अलावा अन्य वित्तीय निवेश और चल-अचल संपत्तियों से संबंधित रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है। जांच एजेंसी का उद्देश्य यह पता लगाना है कि रूबी कुमारी और उनके परिवार के नाम पर अर्जित संपत्तियों का मूल्य उनकी ज्ञात आय के अनुरूप है या नहीं। हालांकि, छापेमारी के दौरान अब तक कितनी नकदी, आभूषण या अन्य सामग्री मिली है, इसकी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
कटिहार में DPO रहते हुए संपत्ति अर्जित करने का आरोप
रूबी कुमारी फिलहाल किशनगंज जिले में शिक्षा विभाग की जिला कार्यक्रम पदाधिकारी के पद पर कार्यरत हैं। इससे पहले उनकी तैनाती कटिहार में इसी पद पर थी। आरोप है कि कटिहार में कार्यकाल के दौरान उन्होंने अपनी ज्ञात आय से अधिक संपत्ति अर्जित की। इसी मामले को लेकर जांच एजेंसी ने उनकी संपत्तियों की पड़ताल शुरू की। मिली जानकारी के अनुसार, उनके पति गौरव यादव उर्फ बंटी यादव रेलवे में टीटीई के पद पर कार्यरत हैं। वहीं, उनके ससुर मुक्ति प्रसाद यादव मारवाड़ी पाठशाला में प्रधानाध्यापक के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं। आरोप है कि वर्ष 2018 से 2024 के बीच कटिहार में 11 स्थानों पर जमीन खरीदी गई। इसके अलावा बरमसिया रेलवे ग्रिड के पास पांच मंजिला आवासीय भवन का निर्माण कराया जा रहा है। इन संपत्तियों की खरीद और निर्माण में इस्तेमाल की गई राशि के स्रोत की जांच की जा रही है। हालांकि, इन आरोपों और संपत्ति के वास्तविक मूल्य को लेकर अंतिम स्थिति जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
आवासों के बाहर लोगों की भीड़, आधिकारिक जानकारी का इंतजार
EOU की कार्रवाई की जानकारी मिलने के बाद मुंशी टोला और बरमसिया ग्रिड स्थित दोनों आवासों के बाहर स्थानीय लोगों की भीड़ जमा हो गई। सुरक्षा कारणों से जांच टीम ने परिसरों को चारों ओर से घेर रखा है। किसी भी बाहरी व्यक्ति को अंदर जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है। समाचार लिखे जाने तक दोनों आवासों पर तलाशी अभियान जारी था। एजेंसी की ओर से बरामद नकदी, आभूषण, दस्तावेज या अन्य संपत्तियों के संबंध में कोई आधिकारिक विवरण जारी नहीं किया गया था। जांच पूरी होने के बाद ही जब्ती और अन्य बरामदगी से जुड़ी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।
EOU Raid किन आरोपों के तहत चलाई गई है?
आय से अधिक संपत्ति के मामले में EOU Raid चलाई गई है। जांच एजेंसी यह पता लगाना चाहती है कि DPO और उनके परिवार के नाम पर अर्जित संपत्तियों का मूल्य ज्ञात आय के अनुरूप है या नहीं।
EOU Raid में कौन-कौन से स्थानों पर तलाशी ली गई?
EOU की टीमें 3 नवंबर 2026 को पटना, किशनगंज और कटिहार समेत कुल चार स्थानों पर तलाशी अभियान चलाई। कटिहार में DPO के दो अलग-अलग आवासों पर तलाशी ली गई।
तलाशी में क्या-क्या खोजा जा रहा है?
EOU की टीम नकदी, आभूषण, जमीन की खरीद-बिक्री के दस्तावेज, बैंक खातों की जानकारी, निवेश रिकॉर्ड और चल-अचल संपत्तियों से संबंधित कागजात की जांच कर रही है।
DPO के खिलाफ क्या आरोप हैं?
आरोप है कि कटिहार में कार्यकाल के दौरान 2018 से 2024 के बीच 11 स्थानों पर जमीन खरीदी गई और एक पांच मंजिला आवासीय भवन का निर्माण कराया गया, जो उनकी ज्ञात आय से अधिक है।
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