बिहार सरकार ने नदियों से 4 लाख क्यूबिक मीटर गाद निकालने के लिए केंद्र से समझौता किया है जिससे बाढ़ और मिट्टी कटाव में कमी आएगी।
Google पर 22Scope चुनेंBihar Gad Niti, पटना: बिहार में बाढ़ नियंत्रण, औद्योगिक विकास और रेल कनेक्टिविटी को लेकर राज्य सरकार ने कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर काम तेज किया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बुधवार, 4 नवंबर 2026 को पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से उनके आवास पर मुलाकात की और उनका मार्गदर्शन प्राप्त किया। मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री ने राज्य के विकास से जुड़ी योजनाओं और केंद्र सरकार के साथ हुई चर्चाओं की जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि नदियों से लगभग 4 लाख क्यूबिक मीटर गाद निकालने के लिए सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के साथ समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किया गया है। इसके अलावा बिहार में पांच नए इंडस्ट्रियल कॉरिडोर विकसित करने, अयोध्या से सीतामढ़ी तक सीधी रेल कनेक्टिविटी और त्योहारों में अतिरिक्त विशेष ट्रेनें चलाने का भी आग्रह किया गया है।
गाद नीति पर केंद्र की पहल, बाढ़ और मिट्टी कटाव से राहत की उम्मीद
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार लंबे समय से बिहार के लिए गाद नीति लागू करने की मांग उठाते रहे हैं। अब केंद्र सरकार ने इस दिशा में पहल की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के नेतृत्व में मंत्रालय के साथ इस संबंध में समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए हैं। मुख्यमंत्री के मुताबिक, इस समझौते के तहत बिहार की विभिन्न नदियों से करीब 4 लाख क्यूबिक मीटर गाद निकालने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
गाद निकालने का काम मंत्रालय की ओर से किया जाएगा और निकाली गई गाद का उपयोग भी किया जाएगा। राज्य सरकार को उम्मीद है कि इस पहल से नदियों में जमा गाद की समस्या कम करने के साथ बाढ़ के प्रभाव को घटाने में मदद मिलेगी। इसके अलावा खेतों की मिट्टी का कटाव रोकने और किसानों को राहत पहुंचाने में भी यह कदम उपयोगी साबित हो सकता है।
बिहार में पांच नए इंडस्ट्रियल कॉरिडोर बनाने की तैयारी
औद्योगिक विकास को गति देने के लिए मुख्यमंत्री ने बिहार में पांच नए इंडस्ट्रियल कॉरिडोर विकसित करने का आग्रह किया है। गया में भाव्या योजना के तहत औद्योगिक कॉरिडोर विकसित किया जा रहा है। इसी मॉडल पर राज्य के अन्य स्थानों पर भी औद्योगिक क्षेत्र तैयार करने की योजना है। मुजफ्फरपुर और दरभंगा के प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजे जा चुके हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि बिहार में उद्योगों के लिए लगभग 13 हजार एकड़ जमीन उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू की गई है।
अब तक एक हजार से अधिक उद्योगों को जमीन आवंटित की जा चुकी है। सरकार की कोशिश है कि औद्योगिक आधारभूत संरचना विकसित कर अधिक से अधिक निवेशकों और उद्यमियों को राज्य में निवेश के लिए प्रोत्साहित किया जाए। मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि केंद्र सरकार से प्रस्तावों को जल्द मंजूरी मिलेगी।
अयोध्या से सीतामढ़ी तक सीधी रेल सेवा का आग्रह
रेल कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए मुख्यमंत्री ने केंद्रीय रेल मंत्री से अयोध्या और सीतामढ़ी के बीच सीधी रेल सेवा उपलब्ध कराने का आग्रह किया है। अयोध्या को भगवान श्रीराम की जन्मस्थली और सीतामढ़ी को माता सीता की जन्मस्थली के रूप में जोड़ने वाली यह रेल सुविधा धार्मिक यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण हो सकती है। इसके साथ ही दीपावली और छठ के दौरान बिहार आने वाले यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए पिछले वर्ष की तुलना में अधिक विशेष ट्रेनें चलाने का अनुरोध किया गया है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले वर्ष 10 हजार से अधिक जोड़ी विशेष ट्रेनें चलाई गई थीं। इस बार इससे अधिक ट्रेनें चलाने की मांग की गई है, ताकि त्योहारों के दौरान बिहार आने-जाने वाले लोगों को बेहतर रेल सुविधा मिल सके। हालांकि, अतिरिक्त ट्रेनों और सीधी रेल सेवा को लेकर अंतिम निर्णय रेलवे की ओर से लिया जाना है।
पटना में डेटा सेंटर तैयार, इको-टूरिज्म को बढ़ावा देने की योजना
मुख्यमंत्री ने बिहार में तकनीकी विकास से जुड़ी उपलब्धियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि पटना में ‘कंट्रोल एस’ के नाम से डेटा सेंटर स्थापित किया गया है। इसके लिए वर्ष 2024 में जमीन उपलब्ध कराई गई थी और इसका उद्घाटन मुख्यमंत्री स्वयं कर चुके हैं। इसे राज्य के तकनीकी और औद्योगिक विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया गया।
इसके अलावा केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव से मुलाकात कर औद्योगिक कॉरिडोर के लिए पर्यावरणीय मंजूरी जल्द देने का आग्रह किया गया है। मुख्यमंत्री ने बिहार में इको-टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए भी आवश्यक सहमति मांगी है। सरकार की मंशा है कि सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल पर आधुनिक पर्यटन सुविधाओं का विकास किया जाए।
नीतीश कुमार के सुशासन मॉडल को आगे बढ़ाने का दावा
पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात के बाद सम्राट चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार उनके कार्यकाल में बिहार के विकास और सुशासन के लिए किए गए प्रयासों को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और नीतीश कुमार के सहयोग से बिहार को विकसित राज्य बनाने की बात कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में औद्योगिक विकास, बेहतर आधारभूत संरचना, बाढ़ नियंत्रण, पर्यटन और जनकल्याण से जुड़े क्षेत्रों में काम किया जा रहा है। उन्होंने गाद निकासी की पहल सहित बिहार के विकास से संबंधित सहयोग के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्रियों के प्रति आभार जताया।
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Bihar Gad Niti के तहत कितनी गाद निकाली जाएगी?
बिहार की विभिन्न नदियों से लगभग 4 लाख क्यूबिक मीटर गाद निकाली जाएगी। यह काम सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की ओर से किया जाएगा।
इस नीति से किसानों को क्या लाभ होगा?
गाद निकालने से नदियों में जमा गाद कम होगी जिससे बाढ़ का प्रभाव घटेगा और खेतों की मिट्टी का कटाव भी रोका जा सकेगा। इससे किसानों को सीधी राहत मिलेगी।
अयोध्या से सीतामढ़ी तक सीधी रेल सेवा का क्या महत्व है?
यह रेल सुविधा अयोध्या (भगवान श्रीराम की जन्मस्थली) और सीतामढ़ी (माता सीता की जन्मस्थली) को जोड़ेगी जो धार्मिक यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण होगी। यह दीपावली और छठ जैसे त्योहारों में भी यात्रियों को सुविधा देगी।
बिहार में कितने नए इंडस्ट्रियल कॉरिडोर विकसित किए जा रहे हैं?
राज्य में पांच नए इंडस्ट्रियल कॉरिडोर विकसित करने की योजना है। गया में भाव्या योजना के तहत पहले से कॉरिडोर विकसित हो रहा है और मुजफ्फरपुर तथा दरभंगा के प्रस्ताव केंद्र को भेजे जा चुके हैं।
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