बोकारो में स्वदेशी जागरण मंच ने स्टारलिंक को भारत में लाइसेंस देने का विरोध किया और प्रधानमंत्री को ज्ञापन सौंपा।
Google पर 22Scope चुनेंStarlink License Virodh, बोकारो: एलन मस्क की कंपनी स्टारलिंक को भारत में सैटेलाइट इंटरनेट सेवा शुरू करने की अनुमति देने का मामला अब विरोध का विषय बनता जा रहा है। स्वदेशी जागरण मंच ने स्टारलिंक को भारत में इंटरनेट सेवा संचालित करने का लाइसेंस देने का विरोध किया है। इसी क्रम में बुधवार को बोकारो में मंच के प्रतिनिधियों ने प्रदर्शन किया और उपायुक्त के माध्यम से प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर कंपनी को लाइसेंस नहीं देने की मांग की। मंच के प्रतिनिधियों का कहना है कि देश की राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर किसी तरह का समझौता नहीं किया जाना चाहिए। उनका मानना है कि सैटेलाइट आधारित इंटरनेट सेवा के संचालन में डेटा सुरक्षा और संचार व्यवस्था की निगरानी जैसे महत्वपूर्ण सवाल जुड़े हुए हैं। इसलिए केंद्र सरकार को इस मामले में सावधानी बरतनी चाहिए।
बोकारो में प्रदर्शन कर प्रधानमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन
स्वदेशी जागरण मंच की ओर से देशभर में स्टारलिंक को लाइसेंस देने के विरोध में अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत बोकारो में भी प्रतिनिधियों ने अपनी आपत्ति दर्ज कराई। प्रदर्शन के बाद मंच के सदस्यों ने बोकारो के उपायुक्त के माध्यम से प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजा। इसमें केंद्र सरकार से मांग की गई कि स्टारलिंक को भारत में सैटेलाइट इंटरनेट सेवा शुरू करने की अनुमति नहीं दी जाए।
राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर उठाए सवाल
इस दौरान अखिल भारतीय स्वदेशी मेला प्रमुख सचिंद्र कुमार बरियार ने कहा कि स्टारलिंक को भारत में इंटरनेट सेवा संचालित करने की अनुमति देना राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से गंभीर विषय है। उन्होंने आशंका जताई कि सैटेलाइट के माध्यम से इंटरनेट सेवा उपलब्ध कराने की तकनीक से जुड़े कई सुरक्षा संबंधी पहलुओं पर विचार करना जरूरी है। बरियार ने कहा कि भारत की सुरक्षा और संप्रभुता सर्वोपरि होनी चाहिए। किसी भी विदेशी कंपनी को सेवा शुरू करने की अनुमति देने से पहले यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि उससे देश की सुरक्षा व्यवस्था पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़े।
एलन मस्क की टिप्पणी पर भी जताई आपत्ति
सचिंद्र कुमार बरियार ने एलन मस्क की ओर से प्रधानमंत्री को लेकर की गई टिप्पणी पर भी आपत्ति जताई। उन्होंने इसे आपत्तिजनक बताते हुए कहा कि ऐसे बयानों को भी गंभीरता से लिया जाना चाहिए। मंच का कहना है कि राष्ट्रीय हितों को ध्यान में रखते हुए ही विदेशी कंपनियों के साथ किसी तरह का व्यावसायिक या तकनीकी समझौता किया जाना चाहिए।
डेटा सुरक्षा और निगरानी को लेकर सरकार से जवाब की मांग
दरअसल, स्टारलिंक की भारत में प्रस्तावित इंटरनेट सेवा को लेकर डेटा ट्रांसमिशन और सुरक्षा एजेंसियों के निर्देशों के अनुपालन जैसे मुद्दे चर्चा में हैं। भारत सरकार ने भी कंपनी से राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर स्पष्टीकरण मांगा है। इनमें डेटा की सुरक्षा, इंटरनेट सेवा पर नियामकीय नियंत्रण और जरूरत पड़ने पर सुरक्षा एजेंसियों के निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने जैसे विषय शामिल हैं। स्वदेशी जागरण मंच का कहना है कि इन सभी पहलुओं पर स्पष्टता के बिना कंपनी को लाइसेंस नहीं दिया जाना चाहिए।
लाइसेंस नहीं देने की मांग पर अड़ा स्वदेशी जागरण मंच
बोकारो में हुए प्रदर्शन के माध्यम से मंच ने केंद्र सरकार तक अपनी मांग पहुंचाने की कोशिश की है। संगठन ने राष्ट्रीय सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए स्टारलिंक को भारत में इंटरनेट सेवा शुरू करने की अनुमति नहीं देने की मांग दोहराई। अब इस मामले में केंद्र सरकार की ओर से लिए जाने वाले फैसले पर नजर रहेगी।
स्वदेशी जागरण मंच ने Starlink License Virodh क्यों किया है?
मंच का मानना है कि डेटा सुरक्षा, संचार व्यवस्था की निगरानी और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े गंभीर मुद्दे हैं। संगठन का तर्क है कि विदेशी कंपनी को लाइसेंस देने से पहले ये सभी पहलुओं पर स्पष्टता होनी चाहिए।
भारत सरकार ने Starlink से कौन से मुद्दों पर स्पष्टीकरण मांगा है?
सरकार ने डेटा सुरक्षा, इंटरनेट सेवा पर नियामकीय नियंत्रण और सुरक्षा एजेंसियों के निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने जैसे विषयों पर स्पष्टीकरण मांगा है।
बोकारो में मंच के प्रतिनिधियों ने क्या कार्रवाई की?
प्रतिनिधियों ने बुधवार को प्रदर्शन किया और उपायुक्त के माध्यम से प्रधानमंत्री के नाम Starlink को लाइसेंस न देने की मांग वाला ज्ञापन सौंपा।
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