Sahibganj-झारखंड की राजनीति में एक अजीबोगरीब नजारा तब देखने को मिला जब हूल दिवस के अवसर पर साहिबगंज के भोगनाडीह में एक तरफ मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन राज्य सरकार की उपलब्धियां गिना रहे थे, वहीं दूसरी ओर उसी सरकारी मंच से करीबन 50 मीटर की दूरी पर लोबिन हेंब्रम अपनी सभा को संबोधित कर थें. इस सभा में हजारों की लोगों की उपस्थिति रही.
1932 का खतियान आधारित नियोजन और स्थानीय नीति की मांग करते हुए लोबिन हेम्ब्रम ने बड़े बेहद सधे अंदाज में हेमंत सोरेन को निशाने लेते हुए कहा कि मैं जो कुछ भी बोल रहा हूं, वह झारखंड मुक्ति मोर्चा के चुनावी घोषणा पत्र का हिस्सा है.
झामुमो ने1932 के खतियान को आधार बना कर स्थानीय नीति और नियोजन नीति का निर्माण करने का वादा किया था. इसके साथ ही हेमंत सोरेन की सरकार एसपीटी एक्ट और सीएनटी एक्ट को लागू करने में भी असफल रही है. बड़े पैमाने पर गैर झारखंडियों के द्वारा अवैध रुप से जमीन की खरीद-बिक्री की जा रही है. लेकिन प्रशासन मौन है. सब कुछ साफ साफ खेला जा रहा है.
लोबिन हेंब्रम ने कहा कि कुछ माह पूर्व ही इसी सिद्धू कानों के क्रांति स्थल की मिट्टी का तिलक लगाकर हमने यह घोषणा की थी कि जब तक हेमंत सरकार 1392 का खतियान लागू नहीं करती, तब तक मेरा कदम पीछे नहीं हटेगा. चाहे इसका राजनीतिक परिणाम जो भी हो. मैं सारे खतरे को मोल लेने को तैयार बैठा हूं.

















