पूर्व जेपीएससी अध्यक्ष के निधन पर आंदोलनकारी छात्रों ने जताया शोक, लेकिन कह दी बड़ी बात

रांची : पूर्व जेपीएससी अध्यक्ष अमिताभ चौधरी के आकस्मिक निधन पर जेपीएससी आंदोलनकारी छात्रों ने शोक जताया है.

छात्रों ने अमिताभ चौधरी को श्रद्धांजलि देते हुए ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति के लिए कामना की.

जेपीएससी अध्यक्ष के रूप में संतोष जनक नहीं रहा अमिताभ चौधरी का कार्यकाल

छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि अमिताभ चौधरी का निधन से राज्य को अत्यंत क्षति हुई है.

पुलिस अधिकारी रहते हुए उन्होंने रांची के जनता को अपराध से मुक्त किया था

तथा उनके प्रयास से रांची में अन्तर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम बना.

लेकिन उनका जेपीएससी अध्यक्ष के रूप में कार्यकाल संतोष जनक नहीं रहा.

इनके कार्यकाल में हुए सातवीं से दसवीं जेपीएससी पूर्णतः विवादपूर्ण रहा है,

नियमावली को ताक में रखकर नियक्ती प्रक्रिया पूर्ण किया गया.

परीक्षाफल के 76 दिन बाद भी कट ऑफ अंक और स्कोर कार्ड जारी नहीं किया गया.

झारखंड के छात्र इस बात को कभी नहीं भूल पाएंगे. मृत्यु अटल सत्य है, आत्मा शरीर का कब त्याग कर दें कोई नहीं जानता, इसलिए सदैव मनुष्य को सभी प्रकार के कर्म-फलों की आसक्ति और सभी प्रकार के सम्पत्ति के स्वामित्व का त्याग करके शुद्ध मन तथा स्थिर बुद्धि से समर्पण तथा निष्ठा पूर्वक अपना कर्तव्य का पालन करना चाहिए.

हार्ट अटैक से अमिताभ चौधरी का हुआ निधन

पूर्व चेयरमैन अमिताभ चौधरी का निधन हो गया. हार्ट अटैक से उनकी मौत हुई है. मंगलवार सुबह रांची स्थित अपने आवास पर वे फिसलकर गिर गए थे जिसके बाद उन्हें हार्ट अटैक आया. उन्हें तत्काल सेंटेविटा अस्पताल ले जाया गया जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया. वहीं स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर झंडोत्तोलन के बाद उनकी तबीयत खराब हो गयी थी.

बीसीसीआई के उपाध्यक्ष और सचिव भी थे अमिताभ चौधरी

बता दें कि अमिताभ चौधरी बीसीसीआई में कई अहम पदों पर भी सेवा दे चुके थे. वे बीसीसीआई के उपाध्यक्ष और सचिव के तौर पर सेवा दे चुके हैं. वह बतौर आईपीएस अधिकारी रांची के एसएसपी भी रह चुके थे. करीब दो माह पहले जेपीएससी अध्यक्ष पद से रिटायर हुए थे. जेपीएससी चेयरमैन रहते हुए उन्होंने रिकॉर्ड समय में सातवें जेपीएससी परीक्षा परिणाम जारी किया था. इससे पहले झारखंड क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष के तौर पर काम कर चुके हैं.

आईआईटी खड़गपुर से की थी इंजीनियरिंग

उल्लेखनीय है कि 1985 में आईआईटी खड़गपुर से इंजीनियरिंग करने वाले अमिताभ चौधरी आगे चलकर यूपीएससी की परीक्षा पास कर बिहार कैडर के आईपीएस अधिकारी बने. वे इंजीनियरिंग, पुलिस, क्रिकेट और राजनीति से होते हुए दोबारा प्रशासनिक पद पर रहे. झारखंड लोक सेवा आयोग के चेयरमैन रहे अमिताभ चौधरी 2002 में बीसीसीआई के सदस्य भी रहे थे.

रिपोर्ट: शाहनवाज

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