शाम में फिर होगी विधायक दल की बैठक
रांची : रिसोर्ट कल्चर पर क्या बोली अंबा प्रसाद – झारखंड में सियासी उठापटक के बीच बैठकों का दौर जारी है.
आज सुबह एक बार फिर से सीएम आवास पर विधायक दल की बैठक हुई.
कांके रोड मुख्यमंत्री आवास में सत्ता पक्ष के मंत्री एवं विधायक दल की बैठक की अध्यक्षता मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने की.
जिसमें सीता सोरेन, अंबा प्रसाद सहित कई विधायक शामिल हुए.
हालांकि बैठक खत्म हो गई है, लेकिन कहा जा रहा है कि शाम में एक बार फिर से बैठक होगी.
जिसमें कोई बड़ा निर्णय लिया जायेगा.

रिसोर्ट कल्चर पर क्या बोली अंबा प्रसाद – विधायकों को एक स्थान पर रखा जाए
इस बीच बड़कागांव विधायक अंबा प्रसाद ने रिसोर्ट कल्चर पर कहा कि
राजनीतिक अस्थिरता के कारण एक स्थान पर विधायकों को ले जाया जाता है.
बेहतर होगा रिफ्रेशमेंट के लिए विधायकों के एक स्थान पर रखा जाए.

रिसोर्ट कल्चर – विधायकों को ले जाने की बात से रामेश्वर उरांव ने किया इनकार
वहीं मंत्री रामेश्वर उरांव ने कहा कि कांग्रेस की बैठक में विधायकों से हस्ताक्षर लिया गया.
कल देर रात कांग्रेस विधायकों की बैठक हुई थी.
विधायकों को कहीं भी सुरक्षित ले जाने की बात से इनकार करते हुए रामेश्वर उरांव ने कहा कि
विधायकों को बाहर ले जाने की बात में कोई सच्चाई नहीं है.
बैठक में कई विधायक हुए शामिल
सीएम आवास पर हुए बैठक में झामुमो के विधायक सीता सोरेन, नलिन सोरेन, सुदिव्य कुमार सोनू, जगन्नाथ महतो, मथुरा प्रसाद महतो, समीर महंती, रामदास सोरेन, संजीत सरदार, मंगल कालिंदी, चंपई सोरेन, जोबा मांझी, सुखराम उरांव, बैजनाथ राम शामिल हुए. वहीं कांग्रेस से बादल पत्रलेख, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राजेश ठाकुर, बंधू तिर्की, दीपिका पांडे, कुमार जय मंगल, बन्ना गुप्ता, शिल्पी नेहा तिर्की, अंबा प्रसाद, भूषण बाड़ा, पूर्णिमा नीरज सिंह और राजद से सत्यानंद भोक्ता बैठक में शामिल रहे.
खतरे में हेमंत सोरेन की कुर्सी !
बता दें कि झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की कुर्सी खतरे में पड़ गयी है. लाभ का पद मामले में सुनवाई के बाद, भारतीय निर्वाचन आयोग ने अपनी सीलबंद रिपोर्ट राज्यपाल रमेश बैस को भेज दी है. हेमंत सोरेन पर झारखंड का मुख्यमंत्री रहते हुए,खुद और अपने भाई के नाम पर खनन पट्टा जारी करने का आरोप है. सूत्रों के अनुसार झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की विधायिकी पर फैसला हो गया है? सिर्फ घोषणा होनी बाकी है. इसलिए अब सभी की निगाहें राजभवन की ओर टिकी हैं. हेमंत सोरेन की विधानसभा की सदस्यता बचेगी या नहीं. इसे लेकर राजनीतिक गलियारे में भी तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं.
रिपोर्ट: शाहनवाज/मदन सिंह


















