कैंसर से लेकर डायबिटीज, एलर्जी  और मोटापा का रामवाण है मैजिक चावल

Bagaha- मैजिक चावल- रामनगर प्रखंड का एक किसान आज कल चर्चा में हैं.

दरअसल विजय गिरी नामक यह किसान मैजिक चावल की खेती कर रहा है.

बतलाया जा रहा है कि इस चावल मात्र बीस मिनट ठंढे पानी में रखकर खाया जा सकता है.

यानी इसके लिए पानी गर्म कर उबाल लगान की जरुरत नहीं है.

साथ ही यह कैंसर से लेकर डायबिटीज, एलर्जी और मोटापा का रामवाण है.

Majik chawal 22Scope News
कैंसर से लेकर डायबिटीज, एलर्जी  और मोटापा का रामवाण है मैजिक चावल 3 22Scope News

भारत ही नहीं पड़ोसी नेपाल में भी मांग है इस मैजिक चावल की

विजय गिरी के ग्राहकों में सिर्फ भारत और बिहार के लोग ही शामिल नहीं है,

बल्कि पड़ोसी देश नेपाल से काफी संख्या में लोग इस मैजिक चावल की खोज में आ रहे हैं.

विजय गिरी पांच वर्षों से इसकी खेती कर रहा है.

बड़ी बात यह है कि  एक बार धान की रोपनी करने पर इसमें दो बार फसल आता है.

यानी एक ही सीजन में दो बार धान की कटाई की जाती है. अब विजय गिरी

मैजिक चावल के साथ ही काला, लाल, हरा समेत विष्णु भोग की भी खेती

Cawal 22Scope News
कैंसर से लेकर डायबिटीज, एलर्जी  और मोटापा का रामवाण है मैजिक चावल 4 22Scope News

इसके साथ ही काला, लाल, हरा समेत विष्णु भोग और अंबा मोहर धान की खेती भी कर रहा है.

साथ ही काले और मटमैले रंग के गेहूं की खेती में भी हाथ आजमा रहा है,

विजय गिरी यहीं नहीं रुका उसके द्वारा बैगनी आलू की भी खेती की जा रही है.

उसके देखा देखी अन्य किसान भी इसमें अपना हाथ आजमा रहें है.

फसल के साथ बीज की भी बढ़ गयी है मांग

किसान का कहना है कि कुछ दिनों तक इसकी कीमत मिलने में परेशानी हुई,

लेकिन अब इन फसलों बीज की मांग बढ़ गयी है, लोग हाथों हाथ खरीद रहे हैं.

यूपी, नेपाल से बीज, चावल और आलू की खोज में लोग आ रहे हैं.

साधारण फसलों की तुलना में इसकी दुगनी कीमत भी मिल रही है.

किसानों का कहना है कि इस रंग बिरंगी फसलों की खेती में करीबन आधा दर्जन किसान लगे हुए हैं.

इन किसानों को परंपरागत खेती की तुलना में दुगना लाभ हो रहा है.   

रिपोर्टर : अनिल कुमार

वन विभाग के पिंजरे में चास का आंतक ‘बंदरिया’

पेट्रोल कांड के बाद अब दुमका में पेड़ से लटका मिला आदिवासी नाबालिग का शव

Trending News

Social Media

157,000FansLike
27,200FollowersFollow
628FollowersFollow
679,000SubscribersSubscribe
- Advertisement -spot_img