Ranchi-अखिल भारतीय आदिवासी महासभा केंद्रीय अध्यक्ष जय प्रकाश मिंज ने कहा है
कि देश गंभीर सामाजिक-राजनीतिक और आर्थिक हालत से गुजर रहा है.
पूरे देश में एक प्रकार की अराजकता फैली हुई है.
भाजपा और संघ परिवार नफरत की राजनीति कर देश को असली मुद्दों भटका रही है.
जल जंगल और जमीन की लड़ाई लड़ती रही है आदिवासी महासभा
अखिल भारतीय आदिवासी महासभा शुरू से ही जल, जंगल, जमीन, रोजगार और भाषा-संस्कृति आन्दोलन करती रही है. आदिवासी सभ्यता और संस्कृति विश्व की सर्व श्रेष्ठ सभ्यता और संस्कृति है.
लेकिन आज की आधुनिक विकासवादी नीति के कारण आदिवासी सभ्यता और संस्कृति खतरे में है.
बहुजन चिंतक सुनील मिंज ने भी सांस्कृतिक विलगाव पर जतायी चिंता
इस मौके पर महासभा के केंद्रीय सचिव सुनील केरकेट्टा, समाजकर्मी फिलिप कुजूर और सुनील मिंज ने भी अपने विचार व्यक्त किए.
बहुजन चिंतक सुनील मिंज ने अपनी सभ्यता और संस्कति के संरक्षण पर जोर देते हुए कहा कि आज की युवा पीढ़ी को इसके महत्व और महानता को याद दिलवाते रहने की जरुरत है.
डाल्टनगंज में आदिवासी महा सम्मेलन
इस बैठक में 10 ग्राम कमेटी का निर्माण करने और 31 अक्तूबर,
2022 को प्रखंड स्तरीय सम्मेलन करने और मार्च में डाल्टनगंज में
महासभा का महा सम्मेलन करने का निर्णय लिया गया.
इस अवसर पर भारतीय आदिवासी महासभा के केंद्रीय सचिव सुनील किस्पोट्टा,
प्रखंड अध्यक्ष अर्जुन मिंज, मिलियानुस केरकेट्टा,
सामाजिक कार्यकर्ता को फिलिप कुजूर, विश्राम बखला, विश्वनाथ बखला,
राजेंद्र कच्छप, दयाकीशोर मिंज, संदीप मिंज, आशावंती तिर्की, संजय कुजूर,
सुनीत बखला, सत्यानंद बखला, सोपान कच्छप धरमू मिंज आदि प्रफुल तिग्गा की भी मौजूदगी रही.
विश्व आदिवासी दिवस की तैयारियों में जुटा अखिल भारतीय आदिवासी महासभा


















