Dhanbad Governor Santosh Gangwar, धनबाद: झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार रविवार को हवाई मार्ग से धनबाद पहुंचे। बरवाअड्डा हवाईअड्डे पर एसएसपी, डीडीसी सहित IIT-ISM के निदेशक प्रोफेसर धीरज कुमार और रजिस्ट्रार प्रबोध पांडेय ने उनका स्वागत किया। राज्यपाल के दौरे को लेकर बरवाअड्डा हवाईअड्डे से लेकर IIT-ISM परिसर तक सुरक्षा और विधि-व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए गए थे। राज्यपाल के आगमन को देखते हुए विभिन्न स्थानों पर दंडाधिकारियों और पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति की गई थी। हवाईअड्डे पर स्वागत के बाद राज्यपाल सीधे IIT-ISM पहुंचे, जहां उन्होंने दो अलग-अलग कार्यक्रमों में भाग लिया।
आरोग्य भारती की पर्यावरण कार्यशाला में हुए शामिल
IIT-ISM के गोल्डन जुबली लेक्चर थियेटर में आरोग्य भारती की ओर से राष्ट्रीय पर्यावरण कार्यशाला का आयोजन किया गया। राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने कार्यशाला को संबोधित करते हुए स्वास्थ्य और पर्यावरण के बीच गहरे संबंध पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि स्वच्छ वायु, निर्मल जल, पौष्टिक आहार और संतुलित जीवनशैली स्वस्थ जीवन के प्रमुख आधार हैं। यदि पर्यावरण प्रदूषित होगा, तो उसका सीधा प्रभाव मानव स्वास्थ्य पर पड़ेगा। राज्यपाल ने जलवायु परिवर्तन, वायु प्रदूषण और जैव विविधता के संरक्षण को वर्तमान समय की महत्वपूर्ण चुनौतियां बताया। उन्होंने कहा कि इन समस्याओं का समाधान केवल सरकारी प्रयासों से संभव नहीं है। इसके लिए समाज, शैक्षणिक संस्थानों, चिकित्सकों, वैज्ञानिकों और आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।

पर्यावरणीय चुनौतियों और समाधान पर चर्चा
कार्यशाला के दौरान स्थानीय, क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर पर्यावरण से जुड़े विभिन्न विषयों पर विशेषज्ञों ने विचार-विमर्श किया। इसमें पर्यावरणीय चुनौतियों के साथ-साथ उनके संभावित समाधान पर भी चर्चा की गई। कार्यशाला का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण और जनस्वास्थ्य के बीच संबंध को समझना तथा इस दिशा में सामूहिक प्रयासों को बढ़ावा देना रहा।

एकल अभियान के सम्मान समारोह में भी पहुंचे राज्यपाल
पर्यावरण कार्यशाला के बाद राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार पेनमैन ऑडिटोरियम पहुंचे। यहां एकल अभियान के तहत आचार्य एवं व्यास सम्मान समारोह आयोजित किया गया था। कार्यक्रम में एकल अभियान से जुड़े बड़ी संख्या में कार्यकर्ता, IIT-ISM के निदेशक, अधिकारी और फैकल्टी सदस्य उपस्थित रहे। समारोह के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा और सामाजिक जागरूकता के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों पर चर्चा हुई। मीडिया से बातचीत के दौरान राज्यपाल ने एकल विद्यालयों के माध्यम से ग्रामीण इलाकों में किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने एकल अभियान से जुड़े कार्यकर्ताओं को शुभकामनाएं भी दीं।
भूगर्भीय जलस्तर में गिरावट पर जताई चिंता
राज्यपाल ने देश के कई जिलों में लगातार कम हो रहे भूगर्भीय जलस्तर को गंभीर चुनौती बताया। उन्होंने इस दिशा में सभी राज्यों को मिलकर काम करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने जल संरक्षण और पर्यावरण संतुलन के लिए सामूहिक जिम्मेदारी निभाने की बात कही। राज्यपाल के अनुसार, प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण केवल किसी एक विभाग या संस्था का दायित्व नहीं है, बल्कि इसमें समाज के हर वर्ग की सहभागिता जरूरी है। धनबाद दौरे के दौरान राज्यपाल के दोनों कार्यक्रमों में पर्यावरण संरक्षण, जनस्वास्थ्य, ग्रामीण शिक्षा और जल संसाधनों से जुड़े विषय प्रमुख रूप से सामने आए।
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