NEW DELHI: आज देशभर में संविधान दिवस मनाया जा रहा है.
राष्ट्रीय संविधान दिवस को राष्ट्रीय कानून दिवस और
भारतीय संविधान दिवस के नाम से भी जाना जाता है.

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज उच्चतम न्यायालय के प्रांगण में
संविधान दिवस समारोह में शिरकत करेंगे. इस मौके पर
प्रधानमंत्री ई-कोर्ट परियोजना के अंतर्गत नए उपायों
का शुभारंभ करेंगे. इस परियोजना का उद्देश्य मुकदमा
लड़ रहे व्यक्तियों, वकीलों और न्यायपालिका को
सूचना और संचार प्रौद्योगिकी के जरिए सेवाएं प्रदान करना है.
प्रधानमंत्री वर्चुअल जस्टिस क्लॉक, जस्टिस मोबाइल ऐप
के दूसरे चरण, डिजिटल अदालत और सुरक्षित,
सक्षम तथा सुगम्य वेबसाइट, जैसे डिजिटल उपायों का शुभारंभ करेंगे.
राष्ट्रपति दौपदी मुर्मु संविधान दिवस के समापन समारोह को संबोधित करेंगी.
इसलिए इसकी प्रस्तावना से लेकर इसके लिखे जाने
और लागू होने तक की पूरी कहानी और कुछ तथ्य
इस अवसर पर स्टूडेंट्स को पता होने चाहिए.
इसलिए हम आपको यहां इसकी संक्षिप्त जानकारी दे रहे हैं.
बता दें कि 26 नवंबर 1949 को देश की संविधान सभा ने मौजूदा संविधान को विधिवत रूप से स्वीकार किया था, लेकिन इसे स्वीकार किए जाने के दो महीने बाद यानी 26 जनवरी 1950 को इस संविधान को लागू किया गया था. इसी कारण 26 नवंबर को संविधान दिवस के रूप में मनाया जाता है.
भारत के संविधान का इतिहास
हमारा संविधान दुनियाभर के 60 लोकतांत्रिक देशों के संविधान का मिश्रण है. इसे तैयार करने में करीब 2 साल 11 महीने 18 दिन का समय लगा था. वहीं अंतिम रूप देने से पहले इसमें 2000 से अधिक संशोधन किए गए थे. भारतीय संविधान के बारे में कहा जाए तो यह बहुत लंबा संविधान है.
अपने मूल रूप में भारतीय संविधान में 395 अनुच्छेद, 22 खण्ड और 8 अनुसूचियां हैं। हमारे संविधान में कुल 1,45,000 शब्द हैं, जो कि पूरे विश्व में सबसे लंबा अपनाया गया संविधान है. हालांकि, इस समय हमारे संविधान में 470 अनुच्छेद, 25 खण्ड और 12 अनुसूचियों के साथ-साथ 5 परिशिष्ट भी हैं.
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