रांची में रिम्स जमीन घोटाले में 16 सरकारी कर्मचारी चिन्हित, एसीबी ने गिरफ्तारी की तैयारी शुरू की, फर्जी वंशावली से 31 लाख में जमीन सौदा।
RIMS Land Scam रांची: रांची में रिम्स की सरकारी जमीन के अवैध कब्जे और खरीद-बिक्री मामले में जांच तेज हो गई है। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने इस मामले में 16 सरकारी कर्मचारियों को चिन्हित किया है, जिनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई और गिरफ्तारी की तैयारी की जा रही है।
एसीबी ने इन कर्मियों पर कार्रवाई के लिए मंत्रिमंडल निगरानी विभाग से अनुमति मांगी है। अनुमति मिलते ही बड़ी कार्रवाई तय मानी जा रही है।
RIMS Land Scam:फर्जी वंशावली से 31 लाख में जमीन सौदा
जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि रिम्स की जमीन को फर्जी वंशावली के आधार पर महज 31 लाख रुपये में एक बिल्डर को बेच दिया गया।
इतना ही नहीं, जमीन बेचने वालों ने सौदे में बनने वाले फ्लैट में भी हिस्सा तय किया था। इस पूरे खेल में कई स्तर पर मिलीभगत सामने आई है।
RIMS Land Scam:बिल्डर समेत चार आरोपी पहले ही जेल भेजे गए
इस मामले में मंगलवार को एसीबी ने एक बिल्डर और दलाल सहित चार लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
पूछताछ में सामने आया कि जमीन की अवैध रजिस्ट्री और म्यूटेशन के जरिए इस पूरे घोटाले को अंजाम दिया गया।
Key Highlights
रिम्स जमीन घोटाले में 16 सरकारी कर्मचारी चिन्हित
एसीबी ने गिरफ्तारी के लिए मांगी अनुमति
फर्जी वंशावली के आधार पर 31 लाख में जमीन सौदा
बिल्डर और दलाल समेत चार आरोपी जेल भेजे गए
कई विभागों के अधिकारी जांच के दायरे में
RIMS Land Scam:कई विभागों के अधिकारी जांच के घेरे में
एसीबी अब उन कड़ियों को जोड़ने में जुटी है, जिन्होंने इस अवैध सौदे को संभव बनाया। जांच के दायरे में कई विभागों के अधिकारी और कर्मचारी आ गए हैं, जिनमें—
रांची राजस्व कार्यालय
निबंधन विभाग
रांची नगर निगम
रांची क्षेत्रीय विकास प्राधिकार
रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी
यह पूरा मामला हाईकोर्ट के आदेश पर दर्ज केस (01/2026) से जुड़ा है, जिसमें अब जांच तेजी से आगे बढ़ रही है।
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