बोकारो:बोकारो स्टील प्लांट में नौकरी की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे विस्थापितों पर गुरुवार को पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज में शिबू टांड़ के प्रेम महतो की मौत के बाद शुक्रवार को बोकारो में हालात बेकाबू हो गए। सुबह 6 बजे से ही प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतर आए और पूरे शहर में चक्का जाम कर दिया। आक्रोशित भीड़ ने चार वाहनों और एक दुकान को आग के हवाले कर दिया।
इस हिंसक प्रदर्शन के बीच प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बीएसएल के मुख्य महाप्रबंधक हरिमोहन झा को गिरफ्तार किया। मृतक प्रेम महतो के पिता ने बीएसएल के निदेशक प्रभारी समेत कई अधिकारियों पर हत्या का आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई है।
सुबह से पूरे शहर में टायर जलाकर सड़कों को अवरुद्ध किया गया। सेक्टर-4 सिटी सेंटर में ईएसएल की एक बस, सुंदीबाद में एक बाइक और एक ट्रक को आग के हवाले कर दिया गया।
शाम को बोकारो डीसी विजया जाधव की अध्यक्षता में त्रिपक्षीय वार्ता आयोजित की गई, जिसमें चार विधायक और बीएसएल प्रबंधन के अधिकारी शामिल हुए। विस्थापितों ने मृतक के परिवार को ₹50 लाख मुआवजा, एक नौकरी और 1500 अप्रेंटिस विस्थापितों को स्थायी नौकरी देने की मांग रखी। बीएसएल प्रबंधन ने समय मांगा, लेकिन कोई ठोस निर्णय न होने पर विस्थापित वार्ता से बाहर निकल गए। विधायक श्वेता सिंह ने कहा कि बीएसएल के खिलाफ संघर्ष जारी रहेगा।
इस बीच, बीएसएल के सभी गेट जाम होने से लगभग 5000 कर्मचारी प्लांट के अंदर फंसे रहे। ब्लास्ट फर्नेस, कोक ओवन, सिंटर प्लांट, एसएमएस और हॉट स्ट्रिप मील समेत उत्पादन इकाइयों का काम पूरी तरह से ठप रहा। इससे प्लांट का लगभग 80% उत्पादन प्रभावित हुआ है।