रांची : अल्पसंख्यकों की अनदेखी- झारखंड के सभी जिलों में कांग्रेस के द्वारा
नये जिला अध्यक्षों की नियुक्ति में एक भी अल्पसंख्यक का नाम सूची में नहीं होने पर
राज्य में विवाद शुरू हो गया है. इस मामले पर पूर्व सांसद फुरकान अंसारी ने
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से मिलकर नाराज़गी जतायी है.
झारखंड के ज़िला अध्यक्षों की सूची को अल्पसंख्यक मुक्त करने से फुरकान अंसारी की
नाराजगी पर राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने संज्ञान लिया है.
खड़गे ने फुरकान अंसारी की सभी बातों को सुनने के बाद आश्वासन दिया कि
जल्द ही इस पर निर्णय लिया जाएगा. एवं राज्य में कांग्रेस पार्टी में सभी समुदाय की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी.

नये जिला अध्यक्षों के नाम आने के बाद विवाद शुरू
दरअसल कांग्रेस ने देर रात झारखंड के सभी जिला अध्यक्षों की नयी सूची जारी की. नयी सूची जारी करने के बाद ही राज्य में घमासान मच गया. नयी सूची में प्रदेश के किसी भी जिला में अल्पसंख्यक जिला अध्यक्ष नहीं होने से पूर्व सांसद फुरकान अंसारी नाराज हो गए.
अल्पसंख्यक समुदाय को कांग्रेस ने हासिए पर धकेला
झारखंड के पूर्व सांसद फुरकान अंसारी सोमवार को नाराजगी जाहिर करने सीधा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से मिलने पहुंच गए. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार अंसारी ने राज्य में पार्टी की स्थिति से अवगत कराया. उन्होंने कहा कि जिस अल्पसंख्यक समुदाय की आबादी राज्य में लगभग 18 प्रतिशत है, उस राज्य में इस समुदाय को लगातार हासिए पर धकेलने का काम किया जा रहा है. जिसका ताज़ा उदाहरण ज़िला अध्यक्ष की सूची है. राज्य में गठबंधन की सरकार बनाने के लिए इस समुदाय ने महत्वपूर्ण भूमिका निभायी है. लेकिन आज पार्टी की ओर से निराश किया जा रहा है.
अल्पसंख्यकों की अनदेखी: प्रदेश प्रवक्ता राकेश सिन्हा ने दी सफाई
हालांकि झारखंड कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता राकेश सिन्हा ने सफाई देते हुए कहा कि पार्टी ने अल्पसंख्यकों को पूरा सम्मान दिया है. मंत्री आलमगीर आलम भी झारखंड कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष हैं और कांग्रेस विधायक दल के नेता भी हैं. वे भी अल्पसंख्यक समुदाय से ही आते हैं. कांग्रेस पार्टी ने जो निर्णय लिया है वो सोच विचार कर ही लिया है.
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