रांची: भाजपा नेता और पूर्व जिला परिषद सदस्य अनिल टाइगर की हत्या को लेकर कांके के कांग्रेस विधायक सुरेश बैठा ने इसे पुलिस प्रशासन और इंटेलिजेंस विभाग की विफलता करार दिया है। उन्होंने कहा कि टाइगर एक नेकदिल इंसान थे और हमेशा सामाजिक एवं राजनीतिक मंचों पर सक्रिय रहते थे।
विधायक सुरेश बैठा ने कहा कि पुलिस ने इस मामले में एक अपराधी को गिरफ्तार किया है, लेकिन असली साजिशकर्ता की पहचान जरूरी है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर वह कौन था जिसने अनिल टाइगर की हत्या की साजिश रची? उन्होंने पुलिस से मांग की कि हत्या की पूरी साजिश का खुलासा किया जाए और असली गुनहगारों को सजा दिलाई जाए।
उन्होंने आगे कहा कि चूंकि इस घटना में बाहरी शूटर का इस्तेमाल किया गया है, इसलिए यह स्पष्ट होता है कि साजिश भी किसी बाहरी व्यक्ति ने रची होगी। पुलिस को जल्द से जल्द इसकी तह तक पहुंचना चाहिए और यह पता लगाना चाहिए कि अनिल टाइगर को निशाना क्यों बनाया गया।
वहीं, झारखंड में राष्ट्रपति शासन की संभावना को खारिज करते हुए विधायक ने कहा कि जब तक राज्य की कानून व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा नहीं जाती और पुलिस असहाय नहीं हो जाती, तब तक राष्ट्रपति शासन का सवाल ही नहीं उठता।
रांची बंद को लेकर उन्होंने कहा कि यह पूरी तरह शांतिपूर्ण और सफल रहा। उन्होंने बताया कि उन्हें अपने आवास से विधानसभा तक पहुंचने में 50 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ी, लेकिन इस दौरान किसी अप्रिय घटना का सामना नहीं करना पड़ा। उन्होंने कांके की जनता की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने इस मामले में जागरूकता और एकजुटता का परिचय दिया है।



















