Jamshedpur : आदित्यपुर में IADVL के जमशेदपुर चैप्टर द्वारा चर्म रोग विशेषज्ञों के लिए एक वार्षिक सम्मेलन का
आयोजन किया गया। इसमें मुख्य अतिथि के रूप में झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता उपस्थित रहें।
सम्मेलन में मुख्य केंद्र बिंदु के रूप में पीजीआई चंडीगढ़ के एचओडी डॉ संजीव हांडा, आईएडीवीएल के राष्ट्रीय अध्यक्ष
डॉ राजीव शर्मा, डॉ देबजीत कर, दिल्ली से आए राष्ट्रीय वीपी डॉ विनय सिंह, डॉ पूजा पांडे समेत अन्य चिकित्सक रहें।
उपस्थित चिकित्सको ने चर्म रोग के नए उपचार को लेकर कई प्रयोग पर चर्चा किया। इंडियन एसोसिएशन ऑफ
डर्मेटोलॉजिस्ट, वेनेरोलॉजिस्ट और लेप्रोलॉजिस्ट (IADVL), जमशेदपुर झारखंड शाखा के दो दिवसीय वार्षिक सम्मेलन
“क्यूटिकॉन“ में त्वचाविज्ञान का विकास – नवाचार के लिए मौलिक” विषय के तहत आयोजित किया गया , जो त्वचाविज्ञान
की दुनिया में अभूतपूर्व अंतर्दृष्टि का वादा करता है।


IADVL जमशेदपुर चैप्टर द्वारा चर्म रोग विशेषज्ञों का वार्षिक सम्मेलन आयोजित
सम्मेलन का आयोजन आईएडीवीएल जमशेदपुर इकाई के द्वारा किया जा रहा है और इसका नेतृत्व आयोजन
अध्यक्ष डॉ ए एन झा और आयोजन सचिव डॉ. राजीव ठाकुर ने किया। इस सम्मेलन में मुख्य रूप से भागीदारी
डॉ आर कुमार रहे, डॉ पी के बारला , डॉ निशा मुंडा, डॉ बनश्री मजूमदार , डॉ एसथर निमिषा, डॉ एस एन सिंह,
और डॉ पल्लवी , डॉ बिनोद कुमार और डॉ दीप अनुराग , डॉ किरण कुमरे, डॉ निकिता गुप्ता समेत देश
एक कोने कोने से आए चिकित्सक मौजूद रहे।

आज में चर्म रोग के विशेषज्ञ की सेमिनार में शामिल होने के लिए आया हु जहाँ देश के बड़े बड़े चर्म विशेषज्ञ
आए है ओर उसमे झारखंड के जो चर्म रोग चिकित्सक है और देश के बड़े बड़े संस्थानों के चिकित्सक है सब
अपने अपने इलाज पद्धति का आदान प्रदान करेंगे एक दूसरे के इलाज पद्धति को समझेंगे वैसे में हमारा झारखंड
लगातार स्वास्थ्य के दिशा दशा को मजबूत करने के लिए प्रयाशरत है पूर्व में भी कड़िया के बड़े बड़े विशेषज्ञ
ओर हमलोग ओर सरकार भी प्रयाशरत है जब देश के विभिन्न बड़े संस्थानों के साथ अपने बेहतर इलाज के
पद्धति का आदान प्रदान करंगे तो बेहतर इलाज संभव होगा इसके कारण ओर निवारण दोनों पर गंभीरता
पूर्वक पहल होगी कियोकि चर्म रोग भी एक तरह की एलर्जी है जिसकी संख्या बढ़ रही है लेकिन यह जरूरी
नही की चर्म रोग किसी एलर्जी का कारण नही कई बार ऐसा भी लक्षण आ रहे है जो स्रोत का विषय है कही
ऐसा तो नाही की एक दूसरे में फैलने का कारण तो नही बन रहा है जो कोविद के बाद से स्वास्थ की दिशा दशा है
उसमें एक ब्यापक रूप से स्रोत की जरूरत है लगातार आई सी एमआर इन स्रोत पर काम कर रहा और
हमारे देश की बड़े बड़े बैज्ञानिक भी इसपर काम कर रहे है क्योकि कोविड के बाद कई तरह की बीमारियां
भी आ गई है उन बीमारियों के संबंध में भी काम चल रहा है चर्म रोग कई तरह से फैलता है और बढ़ता है
कई कारण होते है सूर्य की रोशनी की कमी होने से भी चर्म रोग में इजाफा हो जाता है एलर्जी के कारण भी
होता है बहुत ऐसे कारण है जिसमे वरीय चिकित्सक के मंच साझा करने से अध्ययन करने नए
चिकित्सक को इसका लाभ मिलेगा.

















