रांची: झारखंड विधानसभा के सत्र के दौरान बलियापुर अंचल में बीसीसीएल (भारत कोकिंग कोल लिमिटेड) द्वारा भूमि उपयोग को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया। विधायक अरूप चटर्जी ने इस मामले पर मंत्री दीपक बिरुआ के जवाब पर असहमति जताते हुए गंभीर सवाल उठाए।
रैयती भूमि के उपयोग पर उठे सवाल
अरूप चटर्जी ने विधानसभा में कहा कि बीसीसीएल ने बलियापुर अंचल में 119 एकड़ से अधिक भूमि का उपयोग किया है, जिसमें सरकारी के साथ-साथ रैयती (निजी) जमीन भी शामिल है। हालांकि, सरकार की ओर से इसे पूरी तरह अनाबाद भूमि बताया गया है, जो वास्तविकता से परे है। चटर्जी ने स्पष्ट किया कि इसमें वन भूमि भी शामिल है, और इस तरह की अधूरी जानकारी को चुनौती दी जाएगी।
सरकार को मुआवजा मिला या नहीं?
इस मामले को उठाते हुए चटर्जी ने यह भी पूछा कि क्या सरकार को इस भूमि के उपयोग के लिए उचित मुआवजा मिला है? उनका कहना था कि यदि बीसीसीएल ने सरकारी जमीन का उपयोग किया है, तो उसे इसके लिए उचित शुल्क जमा करना चाहिए था। उन्होंने विशेष रूप से 118 एकड़ भूमि का उल्लेख करते हुए कहा कि अगर इसका भुगतान नहीं किया गया है, तो कंपनी को ब्याज सहित राशि सरकार के खजाने में जमा करनी होगी।
एफआईआर और जांच की धीमी प्रक्रिया पर नाराजगी
चटर्जी ने वर्ष 2023 में दर्ज एफआईआर की धीमी जांच प्रक्रिया पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि जब ग्रामीणों पर मामूली मामलों में केस दर्ज होता है, तो तीन दिनों के भीतर गिरफ्तारी हो जाती है, लेकिन बीसीसीएल के खिलाफ दर्ज मामलों में अनुसंधान वर्षों तक चलता रहता है। उन्होंने यह मांग की कि इस मामले में जांच को तेज किया जाए और 15 दिनों से लेकर अधिकतम एक महीने के भीतर इसे समाप्त किया जाए।
मंत्री ने दिया जवाब
विधानसभा में मंत्री दीपक बिरुआ ने इस मामले में जवाब देते हुए कहा कि अंचल अधिकारी द्वारा अतिक्रमण की जांच प्रक्रिया जारी है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में एसपी स्तर पर समीक्षा की गई है और एसपी ने अंचल अधिकारी से जमीन के दस्तावेज मांगे हैं। जैसे ही यह दस्तावेज उपलब्ध होंगे, इस पर चार्जशीट दाखिल कर दी जाएगी।
सरकार उच्चस्तरीय निर्णय लेगी
मंत्री ने यह भी कहा कि सरकार इस मामले में उच्चस्तरीय निर्णय लेगी। यदि जांच में यह पुष्टि होती है कि कंपनी ने सरकारी और रैयती दोनों तरह की जमीन का उपयोग किया है, तो उसे नियमानुसार राजस्व चुकाना होगा।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि बीसीसीएल के भूमि उपयोग को लेकर झारखंड सरकार को जल्द ही ठोस कार्रवाई करनी होगी। विधायक अरूप चटर्जी ने इस मुद्दे को गंभीरता से उठाया है, जिससे यह मामला अब और तूल पकड़ सकता है।


















