Dhanbad: ‘भाई की हत्या का आरोप लगना पीड़ादायक’, नीरज सिंह हत्याकांड पर बोले पूर्व विधायक संजीव सिंह, जानिए क्या-क्या कहा

Dhanbad: झरिया के पूर्व विधायक संजीव सिंह ने भाई नीरज सिंह की हत्या का लगे आरोपों पर कहा कि यह पीड़ा जीवन भर रहेगी। हत्या का आरोप लगना जीवनभर का दर्द दे गया। संजीव सिंह ने अपनी चुप्पी तोड़ते हुए अपने जीवन की सबसे बड़ी पीड़ा को सार्वजनिक रूप से साझा किया।

Dhanbad: ‘भाई की हत्या का आरोप लगना पीड़ादायक’

झरिया के पूर्व विधायक संजीव सिंह एक बार फिर से सक्रिय होते नजर आ रहे हैं। 8 साल बाद जेल से रिहा होने के बाद आज पहला अवसर था, जब संजीव लोगों के बीच आए। मीडिया को सम्बोधित करते हुए अपनी पीड़ा को सार्वजनिक रूप से साझा किया। उन्होंने कहा कि “मेरे जीवन का सबसे बड़ा दुख यह रहा कि मेरे ही भाई नीरज सिंह की हत्या का आरोप मुझ पर लगा। हम दोनों ने बचपन साथ खेलते-कूदते बिताया, बड़े हुए, और एक-दूसरे के बेहद करीब रहे थे। ऐसे में यह मेरे सोच से भी परे था कि उस दुखद घटना में मेरा नाम जोड़ दिया जाएगा।

Dhanbad: ‘नीरज सिंह की हत्या बेहद दुखद’

उन्होंने कहा कि नीरज सिंह की हत्या एक बेहद दुखद और चिंताजनक घटना थी। उन्होंने कहा वे स्वयं इस मामले की सीबीआई जांच की मांग की थी ताकि सच्चाई सामने आ सके। उन्होंने 2019 में सीबीआई जांच के लिए न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था। यह मामला करीब दो साल तक हाईकोर्ट में लंबित रहा। 2023 में अदालत ने राज्य सरकार से जवाब मांगा था, लेकिन राज्य सरकार ने सीबीआई को पार्टी बनाकर जवाब दिया कि जांच की जरूरत नहीं है। संजीव सिंह ने कहा कि वे 2017 में जेल गए थे और उस समय अपनी पत्नी रागिनी सिंह के नाम संदेश भेजवाया था कि वह लोगों के बीच रहकर जनभावना को समझें और जनता के कार्य करें। रागिनी चुनाव हारने के बाद भी जनता के बीच सक्रिय रही।उन्होंने कहा हमारे परिवार की राजनीतिक परंपरा सिर्फ चुनाव लड़ना नहीं, बल्कि सामाजिक कार्यों के जरिए लोगों की सेवा करना रहा है।

Dhanbad: राजनीति में आने के सवाल पर बोले

आगामी नगर निगम चुनाव को लेकर संजीव सिंह ने अपनी भागेदारी को लेकर कुछ भी स्पष्ट नहीं किया। उन्होंने कहा वे स्वास्थ्य अनुकूल होने के बाद ही भविष्य की राजनीतिक दिशा पर निर्णय लेंगे। उन्होंने कहा, “राजनीति में बने रहना ही बड़ी बात है। संजीव सिंह ने कहा कि हत्या का आरोप लगने के बाद उनके लिए यह समय बेहद पीड़ादायक रहा।” उन्होंने कहा कि हम पांच भाई और 13 बहनें हैं। इस परिवार में ऐसा आरोप लगना मुझे तोड़ गया। मैं आज तक नहीं समझ पाया कि मुझ पर यह आरोप क्यों लगा।

Dhanbad: नीरज सिंह हत्याकांड में आरोपी

पूर्व डिप्टी मेयर और कांग्रेस नेता नीरज सिंह सहित चार की हत्या वर्ष 2017 में हुई थी। इस हत्या कांड में संजीव सिंह आरोपी बनाए गए थे। 2017 में जेल गए थे। 8 साल के बाद कोर्ट ने संजीव सिंह को बाइज्जत बरी किया। बहरहाल, संजीव सिंह अब सक्रिय राजनीति में वापसी की योजना बना रहे हैं। संजीव की वापसी से कोयलांचल की राजनीति में नए समीकरण बनता दिख रहा है। उनके समर्थक आगामी चुनावों में उनकी सक्रिय भूमिका की उम्मीद कर रहे हैं। संजीव सिंह की पत्नी रागिनी सिंह झरिया की विधायक हैं।

अनिल पांडेय की रिपोर्ट

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