पटना : बिहार विधानसभा का सत्र आज से शुरू होने वाला है। बिहार विधानसभा की कार्यवाही फिर से शुरू है। अवध बिहारी चौधरी को अध्यक्ष पद से हटाया गया। वोटिंग में सत्ता पक्ष को 125 वोट मिले जबकि विपक्ष में 112 वोट मिले। वहीं सत्ता पक्ष के छह विधायक विधानसभा में अपसेंड रहे। जदयू के बीमा भारती, दिलीप राय और जदयू भाजपा के मिश्री लाल यादव, रश्मि वर्मा और भागीरथी देवी सदन में नहीं पहुंची।
आपको बता दें कि तेजस्वी यादव ने विश्वास मत पर सीएम नीतीश कुमार, डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी और डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा को बधाई दी। उन्होंने नीतीश कुमार को विशेष रूप से बधाई दी। तेजस्वी ने कहा कि नीतीश कुमार रिकॉर्ड नवीं बार मुख्यमंत्री की शपथ ली। तेजस्वी ने कहा कि उनकी मजबूरियां क्या है हम नहीं जानते हैं। हम आपको इज्जत देते हैं और आगे भी देते रहेंगे। नीतीश हमेशा आदरणीय हैं और रहेंगे। क्या कारण है कि आप कभी इधर जाते हैं कभी उधर जाते हैं। नीतीश कुमार ने शपथ लेकर इतिहास रचा है। तेजस्वी ने कहा कि हमें विपक्ष में आने का कोई दुख नहीं है। तानाशाह को हराने के लिए हमारे साथ आए थे।
नीतीश पर हमला करते हुए कहा कि नौकरी के नाम पर कहते थे पैसा कहां से लाएंगे। हमारे दबाव में नौकरी नौकरी दी गई। रोज़गार बाटने का सिलसिला जारी रखिए। भाजपा फिल्मी ड्रामा करते हैं। सम्राट चौधरी पगड़ी बेकार बांधे हैं। बिजेंद्र यादव को कभी-कभी मुख्यमंत्री को सही सलाह देना चाहिए। मैंने 2022 में नीतीश कुमार को कहा कि हम सरकार में बाहर से समर्थन करेंगे, आप सरकार चलाइए। आपका भतीजा मोदी को रोकने का काम करेंगे। आप मीडिया पर लगे कब्जा छोड़वाने गए थे और खुद ही कब्जा हो गए। नौकरी के नाम पर वित्त सचिव पैसा की कमी बताते थे। लेकिन इच्छा शक्ति से रोजगार दिया गया। क्या नीतीश कुमार नरेंद्र मोदी से गारंटी लेंगे कि पलटेंगे या नहीं पलटेंगे।
सदन में डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा विश्वास प्रस्ताव पर सभा को सबोधित कर रहे हैं। जब विजय सिन्हा ने बोलना शुरू किया तो तेजस्वी यादव बिहार निकल गए। रामायण और राम का अपमान करने की सजा राजद को मिली। तेजस्वी यादव सोने की चम्मच लेकर पैदा हुए हैं। नीतीश कुमार ने देश का विकास किया है। राजद के शासनकाल में जंगलराज आ गया था। तेजस्वी यादव के पास इतनी रकम कहां से आई। विश्वास प्रस्ताव पर डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव ने कहा कि एनडीए सरकार में तेजी से विकास होगा। बिहार में कानून का राज स्थापित होगा।
विश्वास प्रस्ताव पर सीएम नीतीश कुमार सदन को संबोधित कर रहे हैं। हमने 2005 में ही काम करना शुरू कर दिया था। इनके समय में क्या होता था सबको मालूम है। लालू-राबड़ी के राज में क्या हुआ सब जानता है। 2005 से पहले बिहार में क्या होता था। समाज के हर वर्ग में हमने काम किया। हमने हिंदू-मुस्लिम का झगड़ा खत्म किया। 2005 से पहले बिहार के लोग घर से बाहर नहीं निकलते थे। हमने सात निश्चय की बात की थी। समाज के हर वर्ग के लिए हमने काम किया।
नीतीश ने आगे कहा कि 2015 में साथ निश्चय में मेरा आइडिया था। जब काम नहीं कर रहे थे, राजद गड़बड़ी करने लगे तो हम अलग हो गए। जबरदस्ती शिक्षा विभाग लिया और बहुत परेशान किया। छह पार्टी को जोड़कर हम एक हुए। कांग्रेस को तीन मंत्री चाहते थे लेकिन राजद ने दो ही दिया। लेफ्ट को भी मंत्रिमंडल में शामिल करने कहा लेकिन वे शामिल नहीं किए। हमलोग किसी के खिलाफ नहीं है। हम पुरानी जगह पर आ गए हैं, अब हमें कही नहीं जाना है।
एसके राजीव और अभिषेक गुप्ता की रिपोर्ट



















