Bihar Flood-Drought Preparedness: मुख्य सचिव ने की Review Meeting, बाढ़ और सुखाड़ से निपटने की तैयारियों का आकलन

बिहार में संभावित बाढ़ और सुखाड़ को लेकर मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप की बैठक हुई। तैयारियों और संसाधनों की समीक्षा की गई।


Bihar Flood-Drought Preparedness पटना: बिहार में संभावित बाढ़ एवं सुखाड़ की स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए राज्य सरकार ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में 22 जून को मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में वर्ष 2026 के दौरान संभावित प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए की गई पूर्व तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गई।

बैठक के दौरान आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव संतोष कुमार मल्ल ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से राज्य सरकार द्वारा बाढ़ एवं सुखाड़ की संभावित परिस्थितियों को देखते हुए किए जा रहे उपायों और तैयारियों की जानकारी दी। वहीं बिहार मौसम सेवा केंद्र के निदेशक डॉ. सी.एन. प्रभु ने मॉनसून और मौसम पूर्वानुमान से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी साझा की।

Bihar Flood-Drought Preparedness:बाढ़ राहत संसाधनों की उपलब्धता की समीक्षा

प्रधान सचिव ने बैठक में पिछले पांच वर्षों के वर्षापात के आंकड़ों के साथ बाढ़ राहत सामग्री की उपलब्धता की समीक्षा प्रस्तुत की। उन्होंने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पॉलिथीन शीट्स की व्यवस्था, नावों की उपलब्धता, राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की तैनाती से संबंधित तैयारियों की जानकारी दी।

इसके अलावा मानव और पशु चिकित्सा सेवाओं के लिए आवश्यक दवाओं की उपलब्धता, चिकित्सा दलों के गठन तथा चलंत एम्बुलेंस की व्यवस्था पर भी विस्तार से चर्चा की गई।


Key Highlights:

  • मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप की बैठक आयोजित।

  • वर्ष 2026 में संभावित बाढ़ और सुखाड़ की तैयारियों की समीक्षा।

  • SDRF, NDRF, नाव, दवाओं और राहत सामग्री की उपलब्धता पर चर्चा।

  • सामुदायिक रसोई और बाढ़ राहत शिविरों की तैयारियों का आकलन।

  • सभी जिलाधिकारियों को सतर्कता और समन्वित कार्रवाई के निर्देश।


 

बैठक में संभावित बाढ़ की स्थिति में राहत शिविरों और सामुदायिक रसोई केंद्रों के संचालन को लेकर की गई तैयारियों की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि जरूरत पड़ने पर प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल राहत पहुंचाने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं।

इसके साथ ही संभावित सुखाड़ की स्थिति से निपटने के लिए बनाई गई कार्ययोजना और अग्रिम उपायों की भी विस्तृत जानकारी दी गई।

Bihar Flood-Drought Preparedness:सभी जिलों को सतर्क रहने के निर्देश

बैठक में राज्य के सभी प्रमंडलीय आयुक्त और जिलाधिकारी वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए। मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने सभी संबंधित अधिकारियों को संभावित आपदाओं के प्रति सतर्क रहने और आवश्यक संसाधनों की समयबद्ध उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

उन्होंने कहा कि बाढ़ और सुखाड़ जैसी परिस्थितियों का प्रभावी मुकाबला करने के लिए सभी विभागों और जिला प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय एवं सक्रिय कार्रवाई सुनिश्चित करना आवश्यक है। राज्य सरकार का उद्देश्य किसी भी आपदा की स्थिति में त्वरित राहत और बचाव कार्यों को प्रभावी ढंग से संचालित करना है।

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