बिहार सरकार ने यूनिसेफ के सहयोग से SDG Targets 2030 को हासिल करने के लिए क्षमता संवर्धन कार्यशाला आयोजित की।
Google पर 22Scope चुनेंBihar SDG Targets 2030, पटना: बिहार सरकार ने वर्ष 2030 तक सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) को हासिल करने के लिए विभागीय समन्वय और निगरानी व्यवस्था मजबूत करने की दिशा में पहल तेज कर दी है। इसी कड़ी में योजना एवं विकास विभाग की ओर से यूनिसेफ के तकनीकी सहयोग से बुधवार, 4 नवंबर 2026 को SDG नोडल पदाधिकारियों के लिए एक दिवसीय क्षमता संवर्धन कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें राज्य के विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया। कार्यशाला में राज्य संकेतक रूपरेखा (State Indicator Framework-SIF) की समीक्षा, उसमें जरूरी बदलाव और लक्ष्यों की प्रगति को बेहतर बनाने पर चर्चा हुई।
2030 तक SDG लक्ष्य हासिल करने में सभी विभागों की भूमिका अहम
कार्यशाला का शुभारंभ योजना एवं विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव डॉ. एन. विजयलक्ष्मी और सचिव श्री केवल तनुज ने किया। इस दौरान अपर मुख्य सचिव ने कहा कि वर्ष 2030 तक सतत विकास लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए राज्य के प्रत्येक विभाग की भूमिका महत्वपूर्ण है। उन्होंने विभागीय अधिकारियों से अपने-अपने कार्यक्षेत्र में निर्धारित लक्ष्यों की प्रगति पर विशेष ध्यान देने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि SDG केवल किसी एक विभाग की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसके लिए सभी विभागों के बीच बेहतर तालमेल और नियमित समीक्षा जरूरी है। अलग-अलग विभागों की योजनाओं और उपलब्धियों को निर्धारित संकेतकों के आधार पर समझना और उनका मूल्यांकन करना भी इस प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
बेहतर प्रदर्शन करने वाले विभाग तैयार करेंगे सक्सेस स्टोरी
अपर मुख्य सचिव ने निर्देश दिया कि जिन संकेतकों (Indicators) पर सकारात्मक प्रगति और बेहतर वृद्धि दर्ज की जा रही है, उनसे संबंधित विभाग अपनी सफलता की कहानियां यानी सक्सेस स्टोरी तैयार करें। इन उपलब्धियों को दस्तावेज के रूप में तैयार कर योजना एवं विकास विभाग को उपलब्ध कराया जाए, ताकि उन्हें नीति आयोग (NITI Aayog) के साथ साझा किया जा सके। इस पहल का उद्देश्य बिहार में विकास योजनाओं के बेहतर परिणामों और सफल कार्यों को सामने लाना है। विभागों से अपेक्षा की गई कि वे केवल आंकड़ों तक सीमित न रहें, बल्कि उन प्रयासों और योजनाओं को भी रेखांकित करें, जिनसे संबंधित संकेतकों में सुधार देखने को मिला है।
अंतर्देशीय मत्स्यपालन को SDG-14 में शामिल करने पर विचार
कार्यशाला में बिहार की अंतर्देशीय मत्स्यपालन (Inland Fisheries) के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर अच्छी स्थिति का भी उल्लेख किया गया। अपर मुख्य सचिव ने सुझाव दिया कि राज्य की इस उपलब्धि को देखते हुए सतत विकास लक्ष्य-14 यानी ‘Life Below Water’ से जुड़े उपयुक्त संकेतकों को राज्य संकेतक रूपरेखा में शामिल करने की संभावना पर विचार किया जाए। इससे बिहार की मत्स्यपालन क्षेत्र से जुड़ी उपलब्धियों को विकास संकेतकों में बेहतर तरीके से दर्ज करने का अवसर मिल सकता है। साथ ही राज्य की विशेष परिस्थितियों और उपलब्धियों के अनुरूप SDG संकेतक तैयार करने की दिशा में भी मदद मिलेगी।
राज्य संकेतक रूपरेखा की हुई समीक्षा
कार्यशाला के तकनीकी सत्रों में विभिन्न विभागों के संकेतकों की विस्तार से समीक्षा की गई। इसमें Indicators की प्रासंगिकता, उनकी मापनीयता और संबंधित आंकड़ों की उपलब्धता पर चर्चा हुई। अधिकारियों से यह भी सुझाव मांगे गए कि किन संकेतकों को मौजूदा रूपरेखा में बनाए रखना जरूरी है और किनमें बदलाव की आवश्यकता है। चर्चा के दौरान जरूरत के अनुसार नए Indicators जोड़ने, पुराने संकेतकों में संशोधन करने और अनुपयोगी संकेतकों को हटाने के प्रस्तावों पर विचार किया गया। इसका उद्देश्य राज्य संकेतक रूपरेखा को अधिक उपयोगी, व्यावहारिक और परिणाम आधारित बनाना है।
यूनिसेफ ने दिया तकनीकी सहयोग, नियमित निगरानी पर जोर
कार्यशाला में विभिन्न विभागों के SDG नोडल पदाधिकारियों ने सक्रिय भागीदारी की। यूनिसेफ की टीम ने तकनीकी सहयोग देने के साथ विशेषज्ञ सुझाव भी प्रस्तुत किए। अधिकारियों के बीच विभागवार समन्वय और संकेतकों की निगरानी को लेकर विचार-विमर्श हुआ। कार्यशाला का समापन इस संकल्प के साथ हुआ कि विभिन्न विभागों से प्राप्त सुझावों के आधार पर समयबद्ध कार्रवाई की जाएगी। साथ ही SDG लक्ष्यों की दिशा में हुई प्रगति का नियमित अनुश्रवण सुनिश्चित किया जाएगा, ताकि बिहार वर्ष 2030 तक निर्धारित सतत विकास लक्ष्यों को हासिल करने की दिशा में प्रभावी तरीके से आगे बढ़ सके।
Bihar SDG Targets 2030 के तहत बिहार सरकार ने क्या पहल की है?
बिहार सरकार ने योजना एवं विकास विभाग के माध्यम से यूनिसेफ के तकनीकी सहयोग से SDG नोडल पदाधिकारियों के लिए क्षमता संवर्धन कार्यशाला आयोजित की। इस कार्यशाला में राज्य संकेतक रूपरेखा (State Indicator Framework-SIF) की समीक्षा और संकेतकों में सुधार पर चर्चा की गई।
अपर मुख्य सचिव ने SDG लक्ष्यों को हासिल करने के लिए क्या निर्देश दिए?
अपर मुख्य सचिव ने कहा कि SDG केवल एक विभाग की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि सभी विभागों के बीच बेहतर तालमेल और नियमित समीक्षा जरूरी है। उन्होंने अच्छी प्रगति वाले विभागों से सक्सेस स्टोरी तैयार करने का निर्देश दिया।
बिहार की अंतर्देशीय मत्स्यपालन को Bihar SDG Targets 2030 में कैसे शामिल करने पर विचार किया गया?
अपर मुख्य सचिव ने सुझाव दिया कि बिहार की अंतर्देशीय मत्स्यपालन में राष्ट्रीय स्तर पर अच्छी स्थिति को देखते हुए SDG-14 'Life Below Water' से जुड़े उपयुक्त संकेतकों को राज्य संकेतक रूपरेखा में शामिल किया जाए।
कार्यशाला में State Indicator Framework की समीक्षा में किन बातों पर चर्चा हुई?
समीक्षा में Indicators की प्रासंगिकता, मापनीयता और आंकड़ों की उपलब्धता पर विचार किया गया। जरूरत के अनुसार नए संकेतक जोड़ने, पुराने संकेतकों में संशोधन और अनुपयोगी संकेतकों को हटाने पर भी विचार किया गया।
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